Business Idea : 7 साल बाद इस धांसू बिजनेस आइडिया ने पलटी बेरोजगार की किस्मत!

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सागर न्यूज़। आज के समय में देश का हर दूसरा युवा चाहता है कि उसकी एक अच्छी सी सरकारी नौकरी लग जाए और जिंदगी बड़े आराम से कटे। इसी सपने को आंखों में सजाए मध्य प्रदेश के सागर जिले के तीन बत्ती इलाके में रहने वाले शांतनु सोनी ने भी अपनी जवानी के कई साल किताबों और कोचिंग के चक्कर में खपा दिए।

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ग्रेजुएशन के बाद शांतनु ने पुलिस, रेलवे और अन्य कई सरकारी भर्तियों की जी-तोड़ तैयारी की। पूरे 7 साल तक फॉर्म भरे गए, रात-दिन पढ़ाई की गई, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। लगातार मिल रही असफलता इंसान को अंदर तक तोड़ देती है, लेकिन इसी हताशा के बीच उन्हें एक ऐसा बिजनेस आइडिया (Business Idea) मिला, जिसने महज 11 महीने में उनकी पूरी जिंदगी ही बदल कर रख दी।

पिता का साया उठने के बाद टूट गया था परिवार

सरकारी नौकरी की तैयारी के उन सात सालों के दौरान शांतनु के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। धीरे-धीरे हालात ऐसे हो गए कि बिना किसी पक्की नौकरी के घर का खर्च चलाना मुश्किल होने लगा। इसी बीच एक बड़ा पहाड़ तब टूट पड़ा, जब उनके पिता का साया सिर से उठ गया। पिता के निधन के बाद परिवार के भरण-पोषण और सभी जिम्मेदारियों का पूरा बोझ शांतनु के कंधों पर आ गया।

शुरुआत में तो जैसे-तैसे उन्होंने हिम्मत जुटाकर काम चलाया, लेकिन बिना किसी स्थायी आय के आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती चली गई। हालात इतने ज्यादा बदतर हो गए कि परिवार का पेट पालने और कर्ज चुकाने के लिए उन्हें अपना मकान तक गिरवी रखना पड़ गया। आस-पड़ोस के लोग भी उनकी इस मजबूरी और लाचारी को समझने लगे थे।

एक सलाह और शानदार Business Idea ने दिखाई नई राह

कहते हैं जब सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं, तो ईश्वर कोई न कोई खिड़की जरूर खोल देता है। शांतनु की जिंदगी में भी यही हुआ। जब वह पूरी तरह से टूट चुके थे, तब उनके एक परिचित ने उन्हें एक बेहतरीन सलाह दी। परिचित ने कहा कि तुम्हारे घर की लोकेशन बहुत अच्छी है, क्यों न कहीं से लोन लेकर कोई छोटा-मोटा व्यापार शुरू कर लो। यही वह पल था जब शांतनु के दिमाग में एक सफल बिजनेस आइडिया (Business Idea) ने जन्म लिया।

उन्होंने हार मानने के बजाय उद्योग विभाग से संपर्क साधा। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे और सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें करीब 11 लाख रुपये का बिजनेस लोन स्वीकृत हो गया। इसी लोन ने शांतनु की जिंदगी को एक नई और सफल दिशा की ओर मोड़ दिया।

‘शिवांश’ इमिटेशन ज्वेलरी: 11 महीने में छप्पर फाड़ कमाई

लोन मिलने के बाद शांतनु ने बाजार की मांग को समझा और करीब 11 महीने पहले सागर के मशहूर तीन बत्ती से कोतवाली जाने वाले रोड पर अपने बेटे शिवांश के नाम से एक इमिटेशन ज्वेलरी (बनावटी आभूषण) की शानदार दुकान खोली। यह बिजनेस आइडिया (Business Idea) उनके लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हुआ। आज आलम यह है

कि जो शांतनु कभी खुद बेरोजगार थे, वो आज अपनी दुकान के जरिए दो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। शांतनु बताते हैं कि पिछले 11 महीनों में उनका व्यापार तेजी से बढ़ा है और सभी खर्च निकालकर उन्हें हर महीने औसतन 30 से 40 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है।

क्यों सुपरहिट है इमिटेशन ज्वेलरी का यह Business Idea?

शांतनु अपने अनुभव साझा करते हुए बताते हैं कि आखिर यह बाजार इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है। दरअसल, इन दिनों असली सोने और चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं। आम आदमी के लिए भारी गहने खरीदना अब सपना सा हो गया है। इसलिए महिलाएं अब इमिटेशन ज्वेलरी की ओर सबसे ज्यादा आकर्षित हो रही हैं।

यह खास तरह की ज्वेलरी धातु से बनी होती है, जिस पर 1 मिलीग्राम, 2 मिलीग्राम या 3 मिलीग्राम असली सोने की बेहतरीन पॉलिश की जाती है। इसी पॉलिश के आधार पर इनकी कीमत तय होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन गहनों पर 6 महीने से लेकर 2 साल तक की मजबूत गारंटी भी दी जाती है।

अगर रंग उतर जाए या पॉलिश खराब हो जाए, तो ये आधी कीमत पर आसानी से एक्सचेंज भी हो जाते हैं। बाजार में जहां असली सोने का एक छोटा सा लॉकेट भी लाख रुपये का आता है, वहीं बिल्कुल असली जैसी दिखने वाली यह इमिटेशन ज्वेलरी महज एक हजार रुपये में मिल जाती है।

हार मानने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी सीख

शांतनु सोनी की यह कहानी हर उस युवा के लिए एक जीती-जागती प्रेरणा है, जो सरकारी नौकरी न लगने या किसी एक क्षेत्र में असफलता मिलने के बाद डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। शांतनु साबित करते हैं कि अगर नौकरी का एक रास्ता बंद हो जाए, तो अपना रास्ता खुद बनाना पड़ता है।

सरकारी नौकरी न मिल पाने का जो दुख उन्हें सालों तक सालता रहा, वही असफलता आज एक सफल उद्यमी के रूप में उनकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।


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