नीमच पुलिस की 1 बड़ी कार्रवाई: होटल से Child Labor Rescue, मासूम को मिला नया जीवन

Child Labor Rescue
नीमच/रामपुरा (Child Labor Rescue) | मध्य प्रदेश के नीमच जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ जारी महाभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) के सख्त रुख के बाद नीमच पुलिस अब सामाजिक बुराइयों पर भी प्रहार कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बैंसला में एक सफल Child Labor Rescue ऑपरेशन चलाकर एक मासूम बालक को मजदूरी की बेड़ियों से मुक्त कराया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन: एक्शन मोड में नीमच पुलिस
माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश एवं पुलिस महानिदेशक के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ बच्चों और महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाए। इन आदेशों को जमीन पर उतारते हुए नीमच पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल ने पूरे जिले के थाना प्रभारियों को अलर्ट पर रखा है।
इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिंह सिसोदिया और प्रभारी SDOP मनासा श्रीमती निकिता सिंह के मार्गदर्शन में रामपुरा पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें प्राथमिकता Child Labor Rescue और होटल-ढाबों की सुरक्षा जांच को दी गई।
होटल पटेल श्री पर पुलिस की दबिश और रेस्क्यू
आज दिनांक 23 दिसंबर 2025 को रामपुरा थाना प्रभारी श्री विजय सागरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्राम बैंसला पहुँची। यहाँ स्थित ‘होटल पटेल श्री’ की जब आकस्मिक जांच की गई, तो वहां का दृश्य विचलित करने वाला था। एक नाबालिग बालक, जिसकी उम्र अभी पढ़ाई-लिखाई की थी, होटल में भारी काम और बाल श्रम के लिए मजबूर था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए Child Labor Rescue की प्रक्रिया शुरू की और बालक को वहां से निकाला।
जांच में पाया गया कि होटल संचालक कारु, पिता भेरुलाल मीणा (निवासी बैंसला), नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए छोटे बच्चों से मजदूरी करा रहा था। पुलिस ने तुरंत मौके की औपचारिकताएं पूरी कीं और बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया।
होटल संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई (धारा 79)
यह केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं था, बल्कि कानून तोड़ने वालों को एक कड़ा संदेश भी था। रामपुरा पुलिस ने होटल संचालक कारु मीणा के विरुद्ध किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल व संरक्षण अधिनियम 2015) की धारा 79 के तहत मामला दर्ज किया है।
कानूनी जानकारी: धारा 79 उन नियोक्ताओं पर लगाई जाती है जो किसी बच्चे को शोषण के उद्देश्य से काम पर रखते हैं या उन्हें बंधक बनाकर रखते हैं। इसमें सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
मासूम को मिला अपनों का साथ
रेस्क्यू किए गए बालक को पुलिस थाने लाकर उसे भोजन और आवश्यक प्राथमिक सुविधाएं प्रदान की गईं। इसके बाद पुलिस ने बालक के परिजनों को सूचित किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बालक के परिजनों ने पुलिस की इस संवेदनशीलता के लिए रामपुरा टीम का आभार व्यक्त किया है।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही मुख्य भूमिका
इस Child Labor Rescue मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली रामपुरा पुलिस टीम की क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है। इस टीम में निरीक्षक विजय सागरिया (थाना प्रभारी) के साथ निम्नलिखित पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
प्र.आर. 429 देवेश मालवीय
प्र.आर. 113 नितिन पुरोहीत
आरक्षक 129 रघुवीर सिंह
आरक्षक 286 जितेन्द्र प्रजापत
आरक्षक 434 मुकेश मछार
आरक्षक 597 विजय बारीवाल
The Times of MP की अपील
नीमच जिला पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह Child Labor Rescue अभियान समाज के लिए एक आईना है। हम सभी का यह दायित्व है कि यदि अपने आसपास किसी भी होटल, कारखाने या दुकान पर छोटे बच्चों को काम करते देखें, तो उसकी सूचना तुरंत ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ या स्थानीय पुलिस को दें। बच्चों का बचपन बचाना सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है।
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