चित्तौड़गढ़ में खूनी संघर्ष: सवारियों पर विवाद में बस कंडक्टर का मर्डर

चित्तौड़गढ़, राजस्थान: सवारियां बैठाने को लेकर उपजा एक मामूली विवाद चित्तौड़गढ़ जिले में शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें एक बस कंडक्टर की निर्मम हत्या कर दी गई। भदेसर थाना क्षेत्र के होड़ा चौराहे पर ऑटो चालकों के समूह ने निजी बस कंडक्टर जगन्नाथ गुर्जर (52) पर ईंट और सरिया से जानलेवा हमला किया, जिससे उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी ऑटो चालक सत्यनारायण उर्फ सत्तू कलाल मौके से फरार हो गया।
होड़ा चौराहे पर घात लगाकर हमला
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद भादसोड़ा चौराहे पर दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ था। निजी बसों और ऑटो ड्राइवरों के बीच सवारियों को लेकर लंबे समय से चला आ रहा तनाव शनिवार को जगन्नाथ गुर्जर और ऑटो ड्राइवर सत्यनारायण कलाल के बीच तीखी बहस में बदल गया।
भादसोड़ा से जगन्नाथ बस लेकर आगे निकल गए, लेकिन गुस्साई ऑटो चालकों की टोली ने उनका पीछा होड़ा चौराहे तक किया। जैसे ही कंडक्टर जगन्नाथ बस से नीचे उतरे, सत्यनारायण और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हिंसक मारपीट में ईंट और सरिया का इस्तेमाल किया गया, जिससे जगन्नाथ गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल ले जाते वक्त तोड़ा दम
स्थानीय निवासी कन्हैया लाल गुर्जर की सूचना पर एंबुलेंस बुलाई गई। घायल जगन्नाथ को तत्काल चित्तौड़गढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि दम तोड़ने से पहले घायल जगन्नाथ ने मुख्य हमलावर के तौर पर सत्यनारायण कलाल का नाम लिया था।
भदेसर थानाधिकारी घेवर चंद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक नाहरगढ़ का रहने वाला था। ऑटो ड्राइवर और उसके साथियों के खिलाफ परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज कराया है।
भदेसर थानाधिकारी घेवर चंद ने कहा, “हमने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि परिवहन कर्मियों के बीच यह तनाव लंबे समय से था, जिस पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण यह बड़ी वारदात हुई है। पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

