Collectorate Bomb Threat Update: ‘5 बम’ की धमकी निकली ‘Hoax’, चित्तौड़गढ़-हनुमानगढ़ में सर्च पूरा; जानें नीमच SP अंकित जायसवाल ने क्या कहा?

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Collectorate Bomb Threat

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चित्तौड़गढ़/हनुमानगढ़/नीमच: राजस्थान के दो प्रमुख जिलों—चित्तौड़गढ़ और हनुमानगढ़—में सोमवार को Collectorate Bomb Threat से मचा हड़कंप अब शांत हो गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की घंटों चली सघन जांच के बाद यह पुष्टि हो गई है कि बम की धमकी पूरी तरह से “Hoax” (फर्जी) थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान दोनों परिसरों में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है। हालांकि, पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है—धमकी भरे ये ईमेल विदेश (Foreign IP Address) से भेजे जाने की आशंका है।

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हनुमानगढ़ अपडेट: 5 मिनट में उड़ाने की धमकी, 3 घंटे चला सर्च

Collectorate Bomb Threat के बाद हनुमानगढ़ में स्थिति अब सामान्य हो रही है। यहाँ धमकी भरा मेल मिलने के बाद कलेक्ट्रेट, एसपी ऑफिस और जिला न्यायालय को खाली करा लिया गया था। मेल में लिखा था, “5 मिनट में कलेक्ट्रेट को उड़ा देंगे।”

जांच का निष्कर्ष: हनुमानगढ़ पुलिस और बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने करीब 3 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने पुष्टि की है कि,

“पूरे परिसर की बारीकी से जांच कर ली गई है। कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला। यह महज एक शरारत थी।
कर्मचारियों को वापस काम पर लौटने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन सुरक्षा अभी भी कड़ी रहेगी।”

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस ईमेल आईडी से धमकी दी गई थी, उसका सर्वर भारत के बाहर का ट्र्रेस हो रहा है। यह पैटर्न पिछले दिनों राजस्थान हाईकोर्ट को मिली धमकियों जैसा ही है।

चित्तौड़गढ़ अपडेट: उदयपुर ATS लौटी बैरंग, नहीं मिले ‘5 बम’

Collectorate Bomb Threat के बाद चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट में भी ‘5 बम’ प्लांट करने का दावा झूठा साबित हुआ। रविवार रात 12:47 बजे आए मेल के बाद सोमवार सुबह से ही कलेक्ट्रेट छावनी में तब्दील था।

सर्च ऑपरेशन खत्म: उदयपुर से आई एटीएस (ATS) की टीम, डॉग स्क्वॉड और लोकल पुलिस ने कलेक्ट्रेट के हर कमरे, पार्किंग और छत की तलाशी ली। एडिशनल एसपी स्वाति शर्मा ने बताया कि सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है और कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने अब अज्ञात साइबर अपराधी के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

पैटर्न: ‘साइबर टेरर’ का विदेशी कनेक्शन?

राजस्थान में Collectorate Bomb Threat का यह नया मामला एक बड़े पैटर्न का हिस्सा लग रहा है।

  • समानता: इससे पहले जयपुर एयरपोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट और अजमेर दरगाह को भी इसी तरह के ईमेल मिले थे।

  • तकनीक: सभी मामलों में VPN (Virtual Private Network) का इस्तेमाल कर लोकेशन छिपाई गई है। पुलिस का मानना है कि इसका मकसद केवल पैनिक (Panic) फैलाना और प्रशासनिक कामकाज को बाधित करना है।

इस विषय में जब हमने नीमच एसपी अंकित जायसवाल (SP Ankit Jaiswal) से सीधी बात की, तो उन्होंने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया।
एसपी अंकित जायसवाल का कहना था:

“नीमच में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। हमारे यहाँ किसी भी प्रकार की धमकी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना नहीं है। पड़ोसी जिले में घटना होने के कारण प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लेकिन जनता को पैनिक करने या घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

एसपी के इस बयान के बाद जिलेवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है ताकि किसी भी असमाजिक तत्व पर नजर रखी जा सके।

प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और साइबर सेल की टीमें असली आरोपी तक पहुंचने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही हैं।


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