दुलाखेड़ा भूमि विवाद: धानुका सोया पर अवैध कब्जे का आरोप, कलेक्टर से न्याय की गुहार

नीमच, मध्य प्रदेश। नीमच जिले के दुलाखेड़ा (जमुनिया खुर्द) फोर लेन क्षेत्र में एक गंभीर भूमि विवाद ने प्रशासन का ध्यान खींचा है। दो सीनियर सिटिज़न महिलाओं ने अपनी बेशकीमती कृषि भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने और अनधिकृत निर्माण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थी उषा लोढ़ा और छाया लोढ़ा के प्रतिनिधि ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने क्षेत्र के मशहूर उद्योगपति और भामाशाह, धानुका सोया के मालिक पर सीधे तौर पर उनकी निजी संपत्ति पर बाउंड्रीवॉल बनाकर अवैध कब्ज़ा करने का आरोप लगाया है।
क्या है मामला?
विवाद खसरा नंबर 15/1/1, हल्का नंबर 12, रकबा 0.15 हे. (लगभग 17,000 वर्गफीट) से जुड़ा है। प्रार्थी महिलाओं का कहना है कि इस जमीन पर उनका बराबरी का स्वामित्व है, लेकिन शासकीय रिकॉर्ड में रकबा $0.17 हे.$ दर्शाया जा रहा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जब प्रशासन ने इस भूमि को आवासीय घोषित किया, तो कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने मौके का फायदा उठाते हुए जबरन कब्ज़े की कोशिशें शुरू कर दीं। प्रार्थियों का दावा है कि कब्ज़ाधारियों की रजिस्ट्री किसी अन्य स्थान की है, फिर भी वे इस खसरे पर अपना हक जता रहे हैं।
अनियमित निर्माण और चुनौती
प्रार्थियों ने न केवल अवैध कब्ज़े का आरोप लगाया है, बल्कि यह भी कहा है कि पास के खसरा नंबरों पर बिना नक्शे, बिना अनुमति और बिना सीमांकन के निर्माण कार्य किए गए हैं।
मुख्य आरोप: खसरा नंबर 15/1/1 के एक हिस्से पर अवैध बाउंड्रीवॉल खड़ी कर दी गई है, जो सीधे तौर पर उनके स्वामित्व अधिकारों का उल्लंघन है।
जाँच की मांग: उन्होंने हाल ही में खसरा नंबर 16 में धानुका सोया के नाम हुई रजिस्ट्री की चतुर्सीमा और सीमांकन की जाँच कराने की भी मांग की है।
प्रशासन से अपील
पीड़ित सीनियर सिटिज़न ने कलेक्टर से अपील की है कि वे उनकी शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करें। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
संपत्ति का तत्काल सीमांकन कराया जाए।
अवैध निर्माण को शीघ्र रोका जाए और ध्वस्त किया जाए।
कब्ज़े के प्रयासों पर रोक लगाई जाए।
पीड़ितों ने दुख व्यक्त किया कि कई विभागों में बार-बार आवेदन देने के बावजूद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें मजबूरन जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने सीनियर सिटिज़न होने के नाते प्रशासन से विशेष ध्यान देने की गुहार लगाई है।

