Malwa Petro Product Factory में मेंटेनेंस के दौरान भड़की आग, 4 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे; प्रशासन में हड़कंप

Malwa Petro Product Factory
नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले से सोमवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित Malwa Petro Product Factory में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री के भीतर नियमित मेंटेनेंस (Maintenance) का कार्य चल रहा था। आग का विकराल रूप देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई और इसकी चपेट में आने से चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
Malwa Petro Product Factory में सोमवार सुबह हुआ यह भयानक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झांझरवाड़ा स्थित Malwa Petro Product Factory (प्राइवेट लिमिटेड), जो कि गट्टानी ब्रदर्स द्वारा संचालित की जाती है, वहां सोमवार सुबह कामकाज सामान्य दिनों की तरह शुरू हुआ था। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा प्लांट के अंदर मशीनों की देखरेख और मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा था। इसी दौरान किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील केमिकल के संपर्क में आने से अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग भड़क उठी।
Malwa Petro Product Factory के परिसर में आग इतनी तेजी से फैली कि वहां काम कर रहे मजदूरों को भागने और संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में फैक्ट्री परिसर काले धुएं के गुबार से भर गया और वहां मौजूद श्रमिकों की चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
हादसे में झुलसे मजदूरों की स्थिति और रेस्क्यू
Malwa Petro Product Factory में हुए इस अग्निकांड में कुल चार मजदूर आग की लपटों की चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में सभी घायलों को नीमच के जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दो मजदूरों की हालत को गंभीर (Critical) देखते हुए उन्हें तत्काल उदयपुर रेफर कर दिया है, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।
घायलों का विवरण इस प्रकार है:
लालू (40 वर्ष): पिता कन्हैया लाल, निवासी केलुखेड़ा। इनकी हालत गंभीर होने के कारण इन्हें उदयपुर रेफर किया गया है।
रिजवान (35 वर्ष): पिता सलीम खान, निवासी नीमच सिटी। इन्हें भी बेहतर उपचार के लिए उदयपुर भेजा गया है।
सोहेल (22 वर्ष): पिता नाहर खान, निवासी आमेट (राजस्थान)। इनका इलाज नीमच जिला अस्पताल में जारी है।
मिठू लाल (21 वर्ष): पिता जगदीश चंद्र, निवासी बलारा खेड़ा (राजस्थान)। ये भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल: क्या Malwa Petro Product Factory में लापरवाही हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट है कि Malwa Petro Product Factory में यह हादसा मेंटेनेंस के दौरान हुआ। पेट्रो केमिकल और ज्वलनशील पदार्थों से जुड़ी फैक्ट्रियों में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने अनिवार्य हैं। अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या मेंटेनेंस कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Safety Protocols) चेक किए गए थे? क्या वहां मौजूद फायर सेफ्टी सिस्टम ने समय पर काम किया?
इस पूरे घटनाक्रम पर बघाना थाना प्रभारी राधेश्याम दांगी ने बताया कि,
“एक मालवा पेट्रो केमिकल करके एक फैक्ट्री है, जिसके कर्मचारी हर 20 दिन में एक मेंटेनेंस करते हैं। उनमें जो है वह टायर जला करके और ऑयल बनाने का काम करती है, तो आज उनका मेंटेनेंस का काम चल रहा था, कुछ वेल्डिंग-वेल्डिंग कर रहे थे वो लोग। तो उसमें क्या है कि वेल्डिंग की चिंगारी वो कुछ केमिकल्स रखा था नीचे तो उसमें गिर गई, उससे जो है तीन चार लोग झुलस गए हैं। इसमें चार लोग झुलसे हैं, जिसमें दो को उदयपुर रेफर किया गया है और दो का अभी यहीं पे जिला चिकित्सालय में इलाज जारी है। उनके सेठ को और उनके मैनेजर वगैरह सभी के कथन स्टेटमेंट लिए जाएंगे, जो भी वैधानिक कारवाई होगी।”
उदयपुर रेफर किए गए गंभीर घायल
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि लालू और रिजवान का शरीर आग में काफी प्रतिशत तक झुलस चुका था। बर्न इंजरी (Burn Injury) ज्यादा होने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ गया था, इसलिए उन्हें हायर सेंटर भेजना जरुरी था। वहीं, राजस्थान के रहने वाले दो युवा मजदूर सोहेल और मिठू लाल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन वे अभी भी गहरे सदमे में हैं और घटना को याद कर सहम जाते हैं।
औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय
नीमच और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन Malwa Petro Product Factory में हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। अक्सर देखा गया है कि मुनाफे के चक्कर में फैक्ट्रियों में मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जाता है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम भी घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर सकती है। गट्टानी ब्रदर्स की इस फैक्ट्री में हुए आर्थिक नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
हादसे के बाद से फैक्ट्री परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है और अन्य मजदूरों में भी भय का माहौल है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में Malwa Petro Product Factory जैसी अन्य इकाइयों में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

