चांदी 2 दिन में 24 हजार टूटी, सोना भी ₹1.52 लाख के करीब; क्या निवेश का सही समय आ गया?

Gold Silver Price Drop

Gold Silver Price Drop

नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल का दौर जारी है। पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी कीमती धातुओं की कीमतों में अब एक बड़ा और चौंकाने वाला Gold Silver Price Drop दर्ज किया गया है। महज 48 घंटों के भीतर चांदी की कीमतों में 24,000 रुपये की ऐतिहासिक गिरावट ने न केवल निवेशकों को हैरान कर दिया है, बल्कि आम खरीदारों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज यानी 13 फरवरी को लगातार दूसरे दिन बाजार में भारी बिकवाली देखी जा रही है।

Shubham Solar Solution

चांदी की चमक पड़ी फीकी: 2 दिन में ₹24,000 का क्रैश

अगर हम चांदी के बाजार की बात करें, तो इसमें आई गिरावट किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं है। मंगलवार, 11 फरवरी को जो चांदी 2,66,449 रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रही थी, वह आज गिरकर 2,41,945 रुपये पर आ गई है।

आंकड़ों के गणित को समझें तो गुरुवार को चांदी की कीमत 2,59,133 रुपये प्रति किलो थी। आज शुक्रवार को इसमें 17,188 रुपये की एकमुश्त कमी आई है। यानी पिछले दो दिनों के भीतर चांदी करीब 24,000 रुपये सस्ती हो चुकी है। वैश्विक बाजारों में प्रॉफिट बुकिंग और डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती को इस Gold Silver Price Drop का मुख्य कारण माना जा रहा है।

सोना भी हुआ सस्ता: ₹1.52 लाख के स्तर पर आया भाव

सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि पीली धातु यानी सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट का रुख बना हुआ है। आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 2,899 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1,52,751 रुपये पर आ गई है। याद दिला दें कि कल यानी गुरुवार को यही भाव 1,55,650 रुपये के स्तर पर था।

सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1,76,121 रुपये का अपना अब तक का सबसे उच्चतम स्तर (All-time High) छुआ था। उस रिकॉर्ड स्तर से तुलना की जाए, तो सोना अब तक करीब 23,000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो चुका है। यह गिरावट उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है जिनके घरों में आने वाले समय में शादियां तय हैं।

2025 का सफर: जब सोने ने दिया 75% और चांदी ने 167% का रिटर्न

भले ही वर्तमान में हम Gold Silver Price Drop देख रहे हैं, लेकिन पिछले एक साल का इतिहास खंगाला जाए तो सोने और चांदी ने निवेश के मामले में दुनिया के बड़े-बड़े एसेट क्लास को पीछे छोड़ दिया था।

साल 2025 में सोने की कीमतों में 57 हजार रुपये (लगभग 75%) की भारी वृद्धि दर्ज की गई थी। 31 दिसंबर 2024 को जो सोना 76,162 रुपये का था, वह 2025 के आखिरी दिन 1,33,195 रुपये पर पहुंच गया। वहीं चांदी के मामले में यह उछाल और भी चौंकाने वाला था। 31 दिसंबर 2024 को चांदी 86,017 रुपये प्रति किलो थी, जो 2025 के अंत तक 2,30,420 रुपये हो गई। यानी महज एक साल में चांदी ने 1.44 लाख रुपये (167%) का मुनाफा अपने निवेशकों को दिया।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस समय बाजार में जो Gold Silver Price Drop देखा जा रहा है, वह एक ‘मार्केट करेक्शन’ का हिस्सा है। जब भी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचती हैं, तो बड़े निवेशक अपना मुनाफा वसूलने के लिए बिकवाली शुरू करते हैं, जिससे दाम नीचे आते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट उन लोगों के लिए खरीदारी का एक शानदार मौका हो सकती है जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।

सावधान: हमेशा ‘हॉलमार्क‘ देखकर ही खरीदें

कीमतों के इस उतार-चढ़ाव के बीच ग्राहकों को सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमेशा Bureau of Indian Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। आभूषणों पर एक विशेष अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) अंकित होता है, जिससे उसकी शुद्धता और कैरेट का पता चलता है। हॉलमार्किंग न केवल सोने की गुणवत्ता सुनिश्चित करती है, बल्कि भविष्य में उसे दोबारा बेचने पर आपको सही कीमत दिलाने में भी मदद करती है।


यह भी पढ़ें: चित्तौड़गढ़ किडनैपिंग केस: 90 मिनट में पुलिस ने युवक को मौत के मुंह से निकाला

हो सकता है आप चूक गए हों