शर्मनाक ! समोसे का UPI पेमेंट अटका तो यात्री की पकड़ ली कॉलर, घड़ी छीनी; वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन

जबलपुर: रेलवे स्टेशनों पर खान-पान सेवा प्रदान करने वाले वेंडरों द्वारा यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की एक स्तब्ध कर देने वाली घटना जबलपुर स्टेशन पर सामने आई है। समोसे के ऑनलाइन भुगतान में विफलता के कारण एक वेंडर ने मानवता और नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए एक यात्री को ट्रेन पकड़ने के लिए अपनी कलाई घड़ी देने को मजबूर कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, रेल प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकने के दौरान एक यात्री समोसा लेने के लिए नीचे उतरा। उसने समोसे का भुगतान ऑनलाइन मोड से करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ट्रांजेक्शन फेल हो गया। ठीक उसी समय ट्रेन चलने लगी।यात्री हड़बड़ी में अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए भागा, लेकिन पीछे से समोसा वेंडर ने उसकी कॉलर पकड़ ली और जबरन पैसों की मांग करने लगा। यात्री ने बार-बार कैश न होने की बात कही, बावजूद इसके वेंडर ने उसे नहीं छोड़ा। ट्रेन छूटने के गंभीर खतरे को देखते हुए, मजबूरन यात्री को अपनी कीमती कलाई घड़ी उतारकर वेंडर को देनी पड़ी ताकि वह अपनी यात्रा जारी रख सके।
वायरल वीडियो और DRM का हस्तक्षेप
वेंडर के इस ‘घटिया हरकत’ का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। आम जनता ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और वेंडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वीडियो : X@Honest_Cric_fan
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जबलपुर रेल मंडल (DRM) ने व्यक्तिगत रूप से मामले में संज्ञान लिया। DRM ने पुष्टि की है कि वेंडर की पहचान कर ली गई है और उसे हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्री के साथ इस तरह का व्यवहार रेलवे की यात्री-केंद्रित नीति के बिल्कुल विपरीत है।
रेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उस वेंडर का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में कोई भी सेवा प्रदाता इस तरह की गुंडागर्दी न कर सके। DRM ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि रेल यात्रा के दौरान उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक सेवा प्रदान करना रेलवे की प्राथमिकता है।

यह घटना रेलवे परिसर में वेंडरों के व्यवहार की निगरानी और डिजिटल लेनदेन की विफलता से निपटने के लिए एक स्पष्ट नीति की आवश्यकता पर ज़ोर देती है।

