जालौर मर्डर : खौफनाक साजिश रच पति ने पत्नी और 2 मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट

Jalore Murder

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जालौर: Jalore Murder राजस्थान के जालौर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता, जिसे परिवार का रक्षक और ढाल माना जाता है,
वही अपने ही खून का प्यासा भक्षक बन गया। जालौर के भीनमाल थाना क्षेत्र के दासपा गांव में हुए इस खौफनाक जालौर मर्डर (Jalore Murder) ने इंसानियत को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया है। बुधवार रात के अंधेरे में एक शख्स ने अपनी ही पत्नी और दो मासूम बच्चों का धारदार हथियार से गला रेत कर बेरहमी से कत्ल कर दिया और फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए एक बेहद शातिर खेल खेला।

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Jalore Murder

खौफनाक वारदात और कातिल की झूठी कहानी

 

स्थानीय पुलिस और एफएसएल सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना बुधवार रात करीब 11 बजे की है। आरोपी पति मंगलाराम पुरोहित (उम्र 40 वर्ष) ने रात के सन्नाटे में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि कातिल ने खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी रची। गुरुवार सुबह ठीक 6 बजे मंगलाराम ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया।

उसने बेहद घबराई हुई आवाज में नाटक करते हुए बताया कि रात में किसी अज्ञात हमलावर ने घर में घुसकर उसकी पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर दी है। इस सूचना के मिलते ही पूरे पुलिस महकमे की नींद उड़ गई और इस जालौर मर्डर (Jalore Murder) की शुरुआती जानकारी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।

खून से सना कमरा: डरावना था घटनास्थल का मंजर
महिला और दो बच्चों की हत्या के बाद कमरे में फैला खून।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए भीनमाल थाने के SHO राजेंद्र सिंह राजपुरोहित अपनी भारी पुलिस टीम के साथ तुरंत दासपा गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। जब पुलिस ने उस कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा किसी डरावनी हॉरर फिल्म से कम नहीं था।

कमरे में रखी चारपाई पर 39 वर्षीय पत्नी दाड़मी देवी, 10 साल की मासूम बेटी नीकू और 7 साल के छोटे बेटे हितेश के खून से लथपथ शव पड़े हुए थे। इस निर्मम जालौर मर्डर (Jalore Murder) केस में कातिल ने इतनी बेरहमी दिखाई थी कि कमरे की दीवारों और कच्चे आंगन तक खून के छींटे दूर-दूर तक फैले हुए थे। पूरे कमरे में सिर्फ खून ही खून नजर आ रहा था, जिसे देखकर मजबूत दिल वाले पुलिसकर्मियों के भी एक पल के लिए रोंगटे खड़े हो गए।

पुलिस की पारखी नजरें और ऐसे हुआ कातिल का पर्दाफाश

अज्ञात हत्यारे की थ्योरी को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने तुरंत फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी टीम को मौके पर बुलाया। वैज्ञानिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट जुटाए जा रहे थे। इसी बीच पुलिस अधिकारियों की पारखी नजरें मंगलाराम की हरकतों पर पड़ीं। उसके हाथों और कपड़ों पर खून के कुछ बेहद सूक्ष्म छींटे लगे हुए थे। एक पेशेवर जांच अधिकारी के लिए इतना सुराग काफी था।

जब पुलिस ने मंगलाराम को हिरासत में लेकर थोड़ी सख्ती से कड़ी पूछताछ शुरू की, तो उसके द्वारा बुनी गई वह झूठी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कुछ ही मिनटों की कड़क पूछताछ में वह मानसिक रूप से टूट गया, फूट-फूट कर रोने लगा और अपना गुनाह कबूल कर लिया। इस तरह उस जालौर मर्डर (Jalore Murder) की गुत्थी चंद घंटों में ही सुलझ गई, जिसे शातिर आरोपी एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ (अंधी हत्या) साबित करना चाहता था।

किस्मत का खेल: बाल-बाल बच गया एक मासूम बेटा

इस खौफनाक दास्तान में किस्मत का एक अजीब पहलू भी देखने को मिला। गांव वालों ने बताया कि मंगलाराम गांव में ही खेती-बाड़ी का काम करता था और उसकी शादी करीब 20 साल पहले दाड़मी देवी से हुई थी। उनके कुल चार बच्चे (तीन लड़के और एक लड़की) थे। सबसे बड़ा बेटा गोपाल (18 वर्ष) रोजी-रोटी कमाने के सिलसिले में फिलहाल आंध्र प्रदेश में रहता है।

वहीं, दूसरा बेटा मुकेश (12 वर्ष) घटना वाली मनहूस रात अपने दादा के साथ अपने चाचा के घर सोने चला गया था। चाचा का घर घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। अगर वह मासूम भी उस रात अपने ही घर पर सोया होता, तो शायद वह भी इस जालौर मर्डर (Jalore Murder) का चौथा शिकार बन जाता। नियति ने उस बच्चे को इस खौफनाक दरिंदगी से बचा लिया।

गांव में पसरा मातम और खौफ का साया

जैसे ही सुबह दासपा गांव के लोगों को इस तिहरे हत्याकांड की खबर मिली, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस बात से हैरान था कि मंगलाराम, जो कल तक एक आम किसान की तरह जीवन बिता रहा था, अचानक इतना खूंखार कैसे हो गया।

पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने रात में किसी भी तरह के चीखने-चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी। इससे पुलिस यह भी अंदेशा लगा रही है कि शायद हत्यारे ने सोते हुए ही तीनों पर जानलेवा हमला किया होगा, जिससे उन्हें संभलने या बचाव करने का कोई मौका ही नहीं मिला।

आखिर क्यों उजाड़ा अपना ही घर?

पुलिस ने हत्यारोपी पिता मंगलाराम को अरेस्ट कर लिया है और उससे थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस इस जालौर मर्डर (Jalore Murder) के पीछे किसी बड़े पारिवारिक विवाद या गहरे तनाव को मुख्य वजह मान रही है। SHO राजपुरोहित ने स्पष्ट किया है कि आरोपी ने अपना जुर्म तो कबूल कर लिया है, लेकिन इतनी नृशंस हत्या के पीछे का असल कारण और हत्या में इस्तेमाल किए गए उस धारदार हथियार की बरामदगी के लिए जांच अभी जारी है।

शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।जालौर पुलिस के आला अधिकारी भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चार्जशीट इतनी मजबूत हो कि कोर्ट में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। इस भयावह जालौर मर्डर (Jalore Murder) ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मानसिक तनाव किस कदर हावी हो सकता है कि इंसान अपनों का ही काल बन जाए।


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