नीमच में मौत को मात: जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident) में बुरी तरह पिचक गया ट्रक का केबिन,

Jetpura Fanta acciden

Jetpura Fanta acciden

नीमच (MP NEWS)| मध्यप्रदेश के नीमच जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। रविवार का दिन महू-नसीराबाद हाईवे पर सफर कर रहे लोगों के लिए उस वक्त दहशत भरा बन गया, जब जेतपुरा फंटे के पास एक भीषण ट्रक दुर्घटना हुई। इस जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident ) ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा और अचानक उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थितियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यह हादसा इतना भयावह था कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक कर लोहे के मलबे में बदल गया और ड्राइवर उसी मलबे के बीच जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा।

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अनियंत्रित होकर काल बना ट्रक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक बड़ा ट्राला (ट्रक) जो नासिक से भारी भरकम स्कॉर्पियो गाड़ियां लोड करके जयपुर की ओर जा रहा था, रविवार दोपहर जेतपुरा फंटे के समीप पहुँचा। चश्मदीदों का कहना है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक कुछ ऐसा हुआ कि ट्रक चालक अपना नियंत्रण खो बैठा। ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर को चीरते हुए सड़क की दूसरी दिशा में चला गया और वहां खड़े एक विशालकाय नीम के पेड़ से सीधे जा टकराया।

टक्कर की आवाज इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग और राहगीर सहम गए। इस जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident ) के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ट्रक के इंजन और केबिन का हिस्सा पेड़ के तने और ट्रक की बॉडी के बीच किसी सैंडविच की तरह दब गया था।

रेस्क्यू का वो खौफनाक आधा घंटा: जब बुलानी पड़ी जेसीबी

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक चालक रमेश गुर्जर (30) का शरीर स्टीयरिंग व्हील और सीट के बीच बुरी तरह फंस गया था। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के ईएमटी राहुल पाटीदार और पायलट दशरथ व्यास अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। लेकिन जब उन्होंने स्थिति देखी, तो उनके हाथ-पांव फूल गए। ट्रक का केबिन इतना ज्यादा पिचक चुका था कि उसे हाथों या साधारण औजारों से काटना नामुमकिन था।

समय तेजी से बीत रहा था और ड्राइवर की सांसें कमजोर पड़ रही थीं। तभी प्रशासन और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक जेसीबी (JCB) मशीन को घटना स्थल पर बुलाया गया। अगले 30 मिनट तक हाईवे पर सन्नाटा पसरा रहा और रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। जेसीबी की मदद से ट्रक के भारी-भरकम लोहे के हिस्सों को खींचकर फैलाया गया और केबिन को चौड़ा किया गया। इस दौरान यह जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident ) स्थल किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा था। अंततः करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लहूलुहान ड्राइवर को बाहर निकाला जा सका।

ड्राइवर की जुबानी: “आगे वाले वाहन ने अचानक मार दिए ब्रेक”

अस्पताल ले जाते समय घायल ड्राइवर रमेश गुर्जर, जो टोंक (राजस्थान) का निवासी है, ने घटना की मुख्य वजह बताई। रमेश के अनुसार, वह अपनी लेन में सही दिशा में जा रहा था, लेकिन अचानक उसके आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन चालक ने बिना किसी संकेत के इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। अपनी और सामने वाले की जान बचाने के फेर में रमेश ने तेजी से ट्रक का स्टेयरिंग काटा, जिसके कारण भारी लोड होने की वजह से ट्रक अनियंत्रित हो गया और सीधे पेड़ में जा घुसा। इस जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident ) की असली वजह वह अज्ञात वाहन चालक की लापरवाही मानी जा रही है।

मेडिकल बुलेटिन: गंभीर अवस्था में इलाज जारी

इस भीषण जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident ) में रमेश गुर्जर को गंभीर शारीरिक चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, केबिन में दबने के कारण उसकी बाईं हथेली बुरी तरह कुचल गई है, जिससे उसे स्थायी क्षति होने का खतरा है। इसके अलावा उसके पैर की हड्डियां भी कई जगहों से फ्रैक्चर हुई हैं। 108 एम्बुलेंस द्वारा उसे तत्काल नीमच जिला चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है।

प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता

हादसे की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया और नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने सबसे पहले हाईवे पर लगे लंबे जाम को खुलवाया और यातायात को सुचारु किया। पुलिस ने जेतपुरा फंटा हादसा (Jetpura Fanta accident ) में शामिल ट्रक को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भिजवाया है। साथ ही घायल के परिजनों को राजस्थान में सूचना दे दी गई है। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस अज्ञात वाहन का पता लगाया जा सके जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।


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