Rail double track: मल्हारगढ़-मंदसौर रेल डबल ट्रैक का काम हुआ पूरा, गति परीक्षण के बाद दौड़ सकेगी हाई स्पीड ट्रेने

Rail double track

मंदसौर न्यूज़। मालवा अंचल के रेल यात्रियों और विशेषकर मंदसौर-नीमच क्षेत्र के रहवासियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस बड़े प्रोजेक्ट का इंतजार इस अंचल के व्यापारी और आम नागरिक कर रहे थे, वह अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है।

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रतलाम रेल मंडल ने क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मल्हारगढ़ से मंदसौर के बीच बहुप्रतीक्षित रेल डबल ट्रैक (Rail double track) का निर्माण कार्य 100% पूरा कर लिया है। अब इस ट्रैक पर रेलगाड़ियां बिना किसी रुकावट के अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ने के लिए तैयार हैं।

आपको बता दें कि मल्हारगढ़ से मंदसौर के बीच की यह दूरी लगभग 24 किलोमीटर की है। अब तक यहां सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए अक्सर आउटर पर या स्टेशनों पर लंबे समय तक रोकना पड़ता था।

इससे न केवल यात्रियों का कीमती समय बर्बाद होता था, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही में भी काफी देरी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इस नए रेल डबल ट्रैक (Rail double track) के पूरी तरह से तैयार हो जाने से ट्रेनों की लेटलतीफी का यह पुराना झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा और यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक सुहाना, तेज और सुरक्षित हो सकेगा।

कल से शुरू होगा सीआरएस (CRS) का हाई-स्पीड ट्रायल

ट्रैक बिछाने और विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद अब सबसे अहम बारी इसकी मजबूती, सुरक्षा और गति को बारीकी से परखने की है। चूँकि कल यानी 8 मार्च 2026 से ही इस ट्रैक पर सघन परीक्षण शुरू होने जा रहा है, इसलिए रेलवे विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नए रेल डबल ट्रैक (Rail double track) पर 08 मार्च से 11 मार्च 2026 तक सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी – CRS) द्वारा एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बारीक़ निरीक्षण किया जाएगा। रेलवे के कड़े नियमों के तहत, सीआरएस की अंतिम मंजूरी के बिना किसी भी नए ट्रैक पर नियमित यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया जा सकता है।

इस सीआरएस निरीक्षण के अंतर्गत किलोमीटर संख्या 267.852 से लेकर 291.205 तक के पूरे रेलपथ की हर एक तकनीकी बारीकी को गहराई से जाँचा जाएगा। इस दौरान रेलवे अधिकारियों की स्पेशल ट्रेन और भारी-भरकम इंजन इस रेल डबल ट्रैक (Rail double track) पर अपनी अधिकतम क्षमता के साथ दौड़ाकर देखे जाएंगे।

इस हाई-स्पीड ट्रायल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि जब भविष्य में ट्रेनें 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की तीव्र गति से गुजरें, तो पटरियों में कोई असामान्य कंपन, तकनीकी खामी या अलाइनमेंट की समस्या तो उत्पन्न नहीं हो रही है।

प्रशासन का सख्त अलर्ट: अपनी और अपने मवेशियों की सुरक्षा का रखें ध्यान

इस हाई-स्पीड ट्रायल को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने एक बेहद सख्त और जरूरी अलर्ट जारी किया है। 8 से 11 मार्च के बीच इस रूट पर ट्रेनों का परीक्षण अचानक और बहुत ही तेज गति से होगा।

इसलिए, प्रशासन ने मल्हारगढ़ और मंदसौर के बीच आने वाले सभी गांवों के नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे परीक्षण के इन दिनों में रेल डबल ट्रैक (Rail double track) के आसपास बिल्कुल न घूमें और पटरियों से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।

विशेषकर किसान भाई और पशुपालक इस बात का खास ध्यान रखें कि उनके मवेशी (गाय, भैंस, भेड़, बकरियां आदि) पटरियों की तरफ किसी भी हाल में न जाएं। तेज रफ्तार ट्रेन के सामने अचानक आने से कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता है। आपकी एक छोटी सी सावधानी एक बड़े हादसे को टाल सकती है।

व्यापार और दैनिक यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

इस रेलखंड के दोहरीकरण से केवल दैनिक यात्रियों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि मंदसौर-नीमच की पूरी अर्थव्यवस्था को एक नई संजीवनी मिलेगी। यह दोनों ही जिले कृषि उपज और व्यापारिक दृष्टिकोण से मध्य प्रदेश के बहुत ही अहम हिस्से माने जाते हैं। यहां की स्थानीय मंडियों से रोजाना बड़ी मात्रा में लहसुन, धनिया, सोयाबीन और अन्य व्यावसायिक फसलों का परिवहन देश के अलग-अलग हिस्सों में होता है।

व्यापारियों का स्पष्ट मानना है कि रेल डबल ट्रैक (Rail double track) के शुरू होने से मालगाड़ियों का आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई का समय और ट्रांसपोर्टेशन की लागत दोनों में भारी कमी आएगी। इसके अलावा, इस ट्रैक के शुरू होने से भविष्य की नई संभावनाओं के द्वार भी खुल गए हैं।

आने वाले समय में इस रूट पर और भी कई नई सुपरफास्ट यात्री ट्रेनें, मेमू (MEMU) ट्रेनें और संभवतः वंदे भारत जैसी आधुनिक और सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। इससे अप-डाउन करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों, छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

लगातार अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा रतलाम मंडल इस सफलता के साथ एक और मील का पत्थर पार कर चुका है। अब बस 11 मार्च को ट्रायल के सफलतापूर्वक संपन्न होने का बेसब्री से इंतजार है। इसके तुरंत बाद, इस रेल डबल ट्रैक (Rail double track) को नियमित रेल यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।


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