मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही: नसबंदी के दौरान काटी पेशाब की थैली, ICU में जिंदगी की जंग लड़ रही महिला

मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही

मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही

मंदसौर(MP NEWS)। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और सरकारी दावों की पोल खोलती एक हृदयविदारक घटना मंदसौर जिले से सामने आई है। यहाँ जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों पर एक महिला की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही का आलम यह है कि नसबंदी जैसा सामान्य माना जाने वाला ऑपरेशन महिला के लिए काल बन गया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की भारी चूक के कारण महिला की पेशाब की थैली (Bladder) में गहरा कट लग गया, जिसके बाद से वह आईसीयू (ICU) में जिंदगी की जंग लड़ रही है।

Shubham Solar Solution

क्या है पूरा घटनाक्रम?

जानकारी के अनुसार, जिले के ग्राम अचेरी निवासी शबाना (32), पति शाहिद मेव, गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे एक जागरूक नागरिक की तरह परिवार नियोजन का फैसला लेकर जिला चिकित्सालय पहुंची थीं। शबाना के दो बच्चे हैं—एक 15 वर्षीय बेटा और एक 11 वर्षीय बेटी। दंपति ने मिलकर तय किया था कि अब परिवार को सीमित रखने के लिए नसबंदी का ऑपरेशन करवा लेना चाहिए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही उनकी हंसती-खेलती दुनिया को उजाड़ देगी।

अस्पताल पहुँचने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में पदस्थ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. प्रिया बघेल की यूनिट में भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि जैसे ही शबाना को ऑपरेशन थिएटर (OT) के अंदर ले जाया गया, वहां सब कुछ सामान्य नहीं रहा। कुछ देर बाद जब डॉक्टर बाहर आईं, तो उन्होंने जो बताया उसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

नसबंदी की नस की जगह काटी पेशाब की थैली

पीड़िता की भांजी रजिया ने रोते हुए बताया कि डॉक्टर ने स्वयं बाहर आकर यह स्वीकार किया कि ऑपरेशन के दौरान एक बड़ी गलती हो गई है। रजिया के अनुसार, डॉक्टर ने कहा कि, “हमें नसबंदी की नस काटनी थी, लेकिन गलती से पेशाब की थैली पर कट लग गया है।” इतना ही नहीं, परिजनों का दावा है कि डॉक्टर ने यहाँ तक कह दिया कि अब शबाना का नसबंदी ऑपरेशन भविष्य में कभी नहीं हो पाएगा।

यह खबर सुनते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही की हद तो तब हो गई जब परिजनों ने सवाल पूछना शुरू किया। रजिया का आरोप है कि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि उन्हें धक्का देकर वहां से हटाने की कोशिश भी की।

पति का आरोप: “कोरे कागज पर धोखे से लिए साइन”

पीड़िता के पति शाहिद मेव ने इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शाहिद ने मीडिया को बताया कि जब उनकी पत्नी की हालत बिगड़ी, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने आनन-फानन में उनसे एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। शाहिद का कहना है कि,

“मुझसे बिना बताए साइन लिए गए ताकि डॉक्टर अपनी गलती को कानूनी रूप से ढक सकें। जिस ऑपरेशन के लिए हम आए थे, वह तो हुआ ही नहीं, बल्कि मेरी पत्नी को मौत के मुंह में धकेल दिया गया।”

शाहिद ने प्रशासन से मांग की है कि डॉ. प्रिया बघेल के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि किसी और परिवार को ऐसी मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही का सामना न करना पड़े।

डॉक्टर का पक्ष: जटिल मेडिकल कंडीशन का हवाला

इस मामले में जब डॉ. प्रिया बघेल से उनका पक्ष जाना गया, तो उन्होंने इसे लापरवाही के बजाय एक ‘मेडिकल कॉम्प्लिकेशन’ करार दिया। डॉक्टर का तर्क है कि,

“मरीज शबाना को नसबंदी के लिए ओटी में लिया गया था। लेकिन जब सर्जरी शुरू की गई, तो हमने देखा कि उनकी आंतें और पेशाब की थैली आपस में बुरी तरह चिपकी हुई थीं। ऐसी स्थिति में सर्जरी करना बहुत जोखिम भरा होता है। हमने पूरी स्थिति परिजनों को समझा दी थी।”

हालांकि, डॉक्टर के इस तर्क से परिजन सहमत नहीं हैं। उनका सवाल है कि अगर स्थिति इतनी गंभीर थी, तो बिना जांच के कट क्यों लगाया गया?

अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठते सवाल

मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन इसने जिला चिकित्सालय की साख को पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया है। वर्तमान में शबाना आईसीयू में भर्ती हैं और वह बोलने या कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

यह घटना सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग की उस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, जहाँ गरीब मरीजों को केवल ‘केस’ समझा जाता है। मंदसौर जिला अस्पताल की लापरवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संवेदनशीलता और सावधानी किस स्तर पर है।


यह भी पढ़ें: विदिशा कार हादसा: तालाब में गिरी कार, 3 बारातियों की मौत

हो सकता है आप चूक गए हों