Mathura Accident: यमुना एक्सप्रेस-वे पर ‘मौत का कोहरा’, 10 गाड़ियां भिड़ीं, 4 जिंदा जले; रूह कंपा देने वाली रिपोर्ट

Mathura Accident
मथुरा (ब्यूरो रिपोर्ट): यमुना एक्सप्रेस-वे पर आज सुबह हुए भीषण Mathura Accident ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सर्दी की शुरुआत के साथ ही कोहरे ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। विजिबिलिटी जीरो होने के कारण एक्सप्रेस-वे पर 7 बसें और 3 कारें ताश के पत्तों की तरह आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भयावह थी कि गाड़ियां लोहे के कबाड़ में बदल गईं और उनमें भीषण आग लग गई। इस ह्रदयविदारक हादसे में 4 लोगों के जिंदा जलने की पुष्टि हुई है, जबकि घायलों का आंकड़ा 150 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
माइलस्टोन 127: चीख-पुकार और आग का तांडव
यह दर्दनाक हादसा थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 के पास हुआ। सुबह के वक्त घना कोहरा छाया हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, एक वोल्वो बस ने कोहरे के कारण अचानक ब्रेक लगाए, जिसके बाद पीछे से आ रही तेज रफ्तार गाड़ियां एक-दूसरे में घुसती चली गईं। Mathura Accident की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद फ्यूल टैंक फटने से जोरदार धमाके हुए और तीन बसें आग का गोला बन गईं। यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वे अपनी सीटों पर ही जिंदा जल गए।
चश्मदीदों की जुबानी: ‘मंजर देख कांप गई रूह’
हादसे के वक्त वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास ने बताया,
“अचानक बम फटने जैसी आवाज आई। हम दौड़कर वहां पहुंचे तो देखा कि आग की लपटें आसमान छू रही थीं। लोग बसों के शीशे तोड़कर हाईवे पर कूद रहे थे।
यह Mathura Accident मेरी जिंदगी का सबसे डरावना मंजर था।
गोंडा से दिल्ली जा रही यात्री शालिनी ने रोते हुए बताया,
“मैं बस में सो रही थी। अचानक धमाका हुआ और मैं सीट से नीचे गिर गई। देखा तो बस में धुआं भर चुका था। लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए भाग रहे थे। मेरे उतरते ही पीछे खड़ी बसों में धमाके शुरू हो गए। अगर मैं 2 मिनट और नहीं निकलती तो शायद मैं भी उन लपटों का शिकार हो जाती।”
वहीं, एक और यात्री महिमा पांडे ने बताया कि
सबसे पहले एक अर्टिगा कार की टक्कर हुई थी, जिसके बाद बसें भिड़ती चली गईं।
महिमा का सारा सामान जलकर राख हो गया, लेकिन गनीमत रही कि उनकी जान बच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे में फंसे मिले मानव अंग
हादसे की सूचना मिलते ही मथुरा डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ ने करीब 6 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। राहत कार्य में प्रशासन का हाथ बंटा रहे स्थानीय युवक योगेंद्र ने बताया,
“हम रोज सुबह यहाँ रनिंग के लिए आते हैं, लेकिन आज यहाँ हाहाकार मचा था। हमने बस से 8-9 शव निकाले जो पूरी तरह जले हुए थे। स्थिति इतनी बुरी थी कि Mathura Accident के शिकार लोगों के अंग सीटों के बीच फंसे हुए थे।”
प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 66 घायलों को अस्पताल भेजने की पुष्टि की है। हालांकि, एम्बुलेंस कर्मचारी अमित कुमार और अन्य चश्मदीदों का दावा है कि करीब 20 एम्बुलेंस के फेरों में 150 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मरने वालों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है क्योंकि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं।
सीएम योगी ने जताया दुख, मुआवजे का मरहम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण Mathura Accident पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
एक्सप्रेस-वे पर 6 घंटे थमी रही रफ्तार
हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेस-वे के आगरा-नोएडा कैरेजवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। क्रेन की मदद से जलकर खाक हो चुकीं बसों और कारों को हटाकर रास्ता साफ किया गया। करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद यातायात बहाल हो सका। डीएम ने बताया कि मामूली रूप से घायल यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर दूसरी गाड़ियों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
कोहरे में सावधानी ही बचाव
यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के समय एक्सीडेंट्स का इतिहास पुराना है। Mathura Accident ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कोहरे में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान वाहनों की गति धीमी रखें और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल जरूर करें।
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