मध्य प्रदेश में पर्यटन क्रांति: 12 धार्मिक व वन्यजीव स्थलों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा, इंदौर-ओंकारेश्वर अब सिर्फ 25 मिनट दूर

PM श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा 20 नवंबर से शुरू; MP बनेगा अंतरराज्यीय वायु सेवा वाला देश का पहला राज्य
नीमच, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में अब हवाई सफर से धार्मिक स्थल, वन्यजीव अभ्यारण्य और हिल स्टेशन तक पहुंचना महज कुछ मिनटों का काम होगा। राज्य के पर्यटन विभाग ने 20 नवंबर से PM श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा 8 बड़े शहर और 3 नेशनल पार्क को जोड़ेगी, जिससे मध्य प्रदेश देश का अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला राज्य बन जाएगा।
समय की बचत और गंतव्य तक सीधी पहुंच
इस सेवा का सबसे बड़ा आकर्षण समय की बचत है। अब:
इंदौर से ओंकारेश्वर की यात्रा सड़क मार्ग से 2-3 घंटे की तुलना में सिर्फ 25 मिनट में पूरी होगी।
भोपाल से पचमढ़ी (इकलौता हिल स्टेशन) पहुंचने में मात्र 40 मिनट का समय लगेगा, जबकि सड़क मार्ग से लगभग 5 घंटे लगते हैं।
यह सेवा सप्ताह में 5 दिन (बुधवार और गुरुवार को छोड़कर) संचालित होगी और वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 3 प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित होगी।
प्रमुख गंतव्यों का किराया (एक तरफा)
| मार्ग | अनुमानित समय | किराया (प्रति व्यक्ति) |
| इंदौर – ओंकारेश्वर | 25 मिनट | ₹2,500 |
| भोपाल – पचमढ़ी | 40 मिनट | ₹5,000 |
| जबलपुर – कान्हा पार्क | – | ₹6,250 |
| मैहर – चित्रकूट | – | (न्यूनतम किराया) |
हेलिकॉप्टर सेवा के 3 प्रमुख सेक्टर
पहले चरण में कुल 12 महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ा जा रहा है:
सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच उड़ान: इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुमंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा शामिल हैं। यानी, मालवा-निमाड़ का बेल्ट शामिल रहेगा। पहले फेज में इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच हेलिकॉप्टर की सप्ताह में 5 दिन नियमित उड़ान रहेगी। सबसे कम किराया 5 हजार तो सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार रुपए है।
इन पांच दिन सेवा होगी
- सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और मंगलवार।
- 2 दिन- बुधवार और गुरुवार को कोई उड़ान नहीं रहेंगी।
सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी-मढ़ई के बीच सेवा: इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो, ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, टीकमगढ़ शामिल हैं। फस्र्ट फेज में भोपाल, पचमढ़ी और मढ़ई के बीच उड़ान रहेगी। भोपाल से पचमढ़ी की दूरी 1.10 घंटे में और पचमढ़ी से मढ़ई की दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय होगी।
यहां दो तरह की उड़ानें रहेंगी। पहली डायरेक्ट और दूसरी कनेक्टिंग। कलेक्टिंग भोपाल से पचमढ़ी के बीच ही होगी। न्यूनतम 3 हजार और अधिकतम 5 हजार रुपए किराया रहेगा।
सेक्टर-3: दो नेशनल पार्क…मैहर, अमरकंटक-चित्रकूट भी शामिल: इसमें जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी शामिल हैं। फस्ट फेज में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक शामिल हैं।
- यानी, दो नेशनल पार्क- कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंच सकेंगे तो अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी उड़कर आ-जा सकेंगे।
- सबसे कम किराया मैहर से चित्रकूट का है। वहीं, सबसे ज्यादा 6250 रुपए किराया जबलपुर से कान्हा पार्क तक लगेगा।
इस सेवा के तहत, पर्यटक सतपुड़ा की वादियों की जॉय राइड भी कर सकेंगे, जिसके लिए पचमढ़ी के ऊपर 45 मिनट की हवाई सैर का विकल्प उपलब्ध होगा।
चुनौती: सुविधा बनाम व्यावहारिकता और लागत
जहां यह सेवा पर्यटन को बढ़ावा देगी, वहीं यात्रियों के लिए लागत और प्रक्रिया एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
लागत कारक: भोपाल से पचमढ़ी के लिए ₹5,000 प्रति व्यक्ति किराया है। एक परिवार के लिए यह सड़क मार्ग की तुलना में लगभग ₹20,000 अधिक महंगा पड़ेगा, जबकि समय की बचत केवल 2 से 3 घंटे की होगी (इसमें एयरपोर्ट तक पहुंचने और चेक-इन/आउट का समय भी शामिल है)।
प्रोसेस की लंबाई: शहरी क्षेत्र से एयरपोर्ट/हेलीपेड तक पहुंचने और चेक-इन/लैंडिंग की लंबी प्रक्रिया से दावा किया गया 25 या 40 मिनट का समय, वास्तविक यात्रा में 2 से 3 घंटे तक पहुंच सकता है।
PM श्री पर्यटन वायु सेवा का अनुभव
राज्य में पहले शुरू की गई PM श्री पर्यटन वायु सेवा (फिक्स्ड विंग विमान) का हश्र पैसेंजर न मिलने के कारण अच्छा नहीं रहा था। अधिक किराया और लंबी एयरपोर्ट प्रोसेस के कारण इंदौर-उज्जैन-जबलपुर की उड़ानें बंद हो चुकी हैं। यह हेलीकॉप्टर सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण सीख होगी, खासकर जब यह सेवा PPP मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर चल रही है।
बुकिंग और संचालन
बुकिंग: टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग www.flyola.in पर ‘पहले आओं, पहले पाओं’ की तर्ज पर होगी। हेलिकॉप्टर 6 सीटर हैं।
संचालन: सेवा का संचालन PPP मॉडल के तहत किया जाएगा। सेक्टर-1 का जिम्मा ट्रांस भारत एविएशन को और सेक्टर-2 व 3 का काम जेट सर्व एविएशन प्रा. लि. को मिला है।
तैयारी: पचमढ़ी, ओंकारेश्वर, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे स्थलों पर नए हेलीपेड तैयार किए गए हैं।
यह नई हेलिकॉप्टर सेवा निश्चित रूप से लग्जरी पर्यटन और आपातकालीन यात्रा को बढ़ावा देगी, लेकिन इसकी दीर्घकालिक सफलता यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक समय की बचत और किफायती किराये पर निर्भर करेगी।

