Murder Accused Arrested: 21 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी ‘लेडी किलर’, नीमच में सनसनी

Murder Accused
नीमच (Murder Accused): कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं, इसका जीता-जागता सबूत नीमच जिले में देखने को मिला है। अपराधी चाहे पाताल में भी छिप जाए, पुलिस उसे ढूंढ ही निकालती है। इसी क्रम में जावद पुलिस और सरवानिया चौकी की टीम ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने 2004 के एक जघन्य हत्याकांड में शामिल Murder Accused (हत्या की आरोपी) को 21 साल बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि एक महिला अपराधी, जिसने दो दशक पहले कानून को चुनौती दी थी, आज आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गई है।
SP का ‘मास्टरस्ट्रोक’ और ऑपरेशन क्लीन
जिले में पुराने और पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए नीमच पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल ने सख्त रवैया अपनाया है। उन्होंने ‘फरार आरोपियों की धरपकड़’ हेतु विशेष निर्देश जारी किए थे। एसपी के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन अपराधियों को पकड़ना है जो सालों से पुलिस की फाइलों में धूल फांक रहे हैं।
इसी रणनीति के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री नवल सिंह सिसोदिया और एसडीओपी (SDOP) जावद श्री रोहित राठौर के मार्गदर्शन में एक स्पेशल टीम बनाई गई। जावद थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में चौकी सरवानिया की टीम को इस Murder Accused को खोजने का जिम्मा सौंपा गया था।
2004 का वो खौफनाक दिन
इस कहानी की शुरुआत आज से 21 साल पहले हुई थी। दिनांक 06 मई 2004 को थाना जावद में अपराध क्रमांक 124/04 दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 498a (दहेज प्रताड़ना), 302 (हत्या) और 34 के तहत पंजीबद्ध हुआ था।
आरोपीया कमली बाई पति नारायण बंजारा, निवासी बसेड़ी भाटी, इस घटना के मुख्य किरदारों में से एक थी। घटना को अंजाम देने के बाद से ही वह फरार हो गई थी। पुलिस ने उस वक्त काफी प्रयास किए, लेकिन आरोपीया ने अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे दिया। तब से लेकर आज तक, यह Murder Accused पुलिस की ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में शामिल थी।
कैसे बिछाया गया जाल?
21 साल का समय कम नहीं होता। इतने सालों में आरोपी अक्सर बेखौफ हो जाते हैं, लेकिन खाकी कभी नहीं भूलती। सरवानिया चौकी प्रभारी उप निरीक्षक श्याम कुमावत और उनकी टीम ने मुखबिर तंत्र को फिर से सक्रिय किया। खुफिया सूत्रों से खबर मिली कि इतने सालों से फरार Murder Accused कमली बाई की गतिविधियां देखी गई हैं।
सूचना पुख्ता होते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी की। पुलिस को डर था कि जरा सी भनक लगते ही वह फिर से गायब हो सकती है। लेकिन इस बार पुलिस की तैयारी पक्की थी। टीम ने दबिश देकर आरोपीया को धर दबोचा। जब 21 साल बाद उसके हाथों में हथकड़ी लगी, तो पीड़ितों को इंसाफ की उम्मीद फिर से जाग उठी।
जावद पुलिस की बड़ी उपलब्धि
इस Murder Accused की गिरफ्तारी को जावद पुलिस और सरवानिया चौकी की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इतने पुराने केस को री-ओपन करके आरोपी तक पहुंचना आसान नहीं था।
इस पूरी कार्रवाई में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही:
निर्देशन: एसपी श्री अंकित जायसवाल, एएसपी श्री नवल सिंह सिसोदिया।
पर्यवेक्षण: एसडीओपी जावद श्री रोहित राठौर।
नेतृत्व: थाना प्रभारी जावद श्री जितेन्द्र वर्मा।
सफल कार्रवाई: चौकी प्रभारी सरवानिया उप निरीक्षक श्याम कुमावत एवं उनकी पूरी टीम।
पुलिस ने आरोपीया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उन सभी अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो यह सोचते हैं कि वक्त बीतने के साथ उनके गुनाह माफ हो जाएंगे। नीमच पुलिस ने साबित कर दिया है कि फाइलें कभी बंद नहीं होतीं, बस सही वक्त का इंतजार करती हैं।

