Tanker fire: नागौर में अनियंत्रित केमिकल टैंकर पलटा , 2 KM तक दिखी खौफनाक लपटें, ड्राइवर ने शीशा तोड़कर बचाई जान

tanker fire
नागौर । राजस्थान के नागौर जिले से एक बेहद खौफनाक खबर सामने आई है, जिसने सबको दहला कर रख दिया है। बुधवार रात नागौर-लाडनूं नेशनल हाईवे-458 पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। यहां केमिकल से भरा एक विशाल टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके तुरंत बाद उसमें एक भयानक विस्फोट के साथ आग लग गई।
इस टैंकर में आग (tanker fire) का रौद्र रूप ऐसा था कि आग की भयानक लपटें घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर तक साफ देखी जा सकती थीं। इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। गनीमत यह रही कि मौत को सामने देख टैंकर के ड्राइवर ने गजब की सूझबूझ दिखाई और केबिन का शीशा तोड़कर कूद गया, वरना एक बड़ी और दर्दनाक जनहानि हो सकती थी।
हादसे की मुख्य वजह: रॉन्ग साइड से आया ट्रेलर और ड्राइवर की सूझबूझ
हादसे में बाल-बाल बचे टैंकर ड्राइवर लुकमान खान (निवासी बाड़मेर) ने इस खौफनाक मंजर की कहानी बयां की। लुकमान के मुताबिक, वह टैंकर लेकर सामान्य गति से अपनी लेन में आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान कुंजल माता मंदिर के पास सामने से आ रहा एक ट्रेलर अचानक ओवरटेक करते हुए उनके बिल्कुल सामने आ गया।
उस बेकाबू ट्रेलर से भिड़ंत टालने और खुद को बचाने की जद्दोजहद में लुकमान ने अचानक ब्रेक लगाए और टैंकर को मोड़ने की कोशिश की। लेकिन भारी वजन होने के कारण टैंकर का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और वह बेकाबू होकर सड़क पर पलट गया। पलटने के कुछ ही सेकंड के भीतर केमिकल के रिसाव से भयंकर टैंकर में आग (tanker fire) भड़क गई। लुकमान ने बिना एक पल गंवाए केबिन का शीशा तोड़ा और फुर्ती से बाहर छलांग लगा दी।
30 टन ज्वलनशील केमिकल और आसमान छूती लपटें
इस भयंकर टैंकर में आग (tanker fire) के पीछे सबसे बड़ा कारण टैंकर में भरा भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस टैंकर में करीब 30 टन ‘एमिके’ (Amike) नामक खतरनाक केमिकल भरा हुआ था। यह टैंकर गुजरात के गांधीधाम से लोड होकर हरियाणा के सोनीपत की ओर जा रहा था।
केमिकल होने के कारण आग ने पलक झपकते ही पूरे वाहन को अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची और गर्म थीं कि हाईवे के करीब जाना भी नामुमकिन हो रहा था। आसमान में दूर तक सिर्फ लाल रंग की खौफनाक चमक और धुएं का गुबार ही दिखाई दे रहा था। आसपास के ग्रामीण भी इस टैंकर में आग (tanker fire) के धमाके की आवाज सुनकर सहम गए।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: 4 दमकल और 6 एंबुलेंस मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरपालिया थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सुरपालिया थानाधिकारी सुमन चौधरी ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि टैंकर पलटते ही उसमें भीषण आग लग गई थी, जिससे हाईवे पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
स्थिति को बेकाबू होता देख तुरंत नगर परिषद की दमकलों को सूचित किया गया। एक सामान्य आग से अलग, इस टैंकर में आग (tanker fire) की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियों को मोर्चे पर लगाना पड़ा। किसी भी आपातकालीन मेडिकल स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने मौके पर छह एम्बुलेंस भी मुस्तैद कर दी थीं।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
इस विशाल हादसे के चलते नेशनल हाईवे-458 पर दोनों दिशाओं में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए एहतियातन हाईवे को दोनों तरफ से बंद कर दिया और लोगों को घटनास्थल से काफी दूर रोक दिया।
फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर करीब दो घंटे की लगातार और कड़ी मशक्कत के बाद इस जानलेवा टैंकर में आग (tanker fire) पर पूरी तरह से काबू पाया।
हालांकि, जब तक आग बुझी, तब तक करोड़ों रुपये का केमिकल और पूरा टैंकर जलकर लोहे के काले ढांचे में तब्दील हो चुका था। गनीमत बस इतनी रही कि हादसे के समय आसपास कोई अन्य पैसेंजर वाहन नहीं था, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
आग पूरी तरह शांत होने के बाद प्रशासन ने क्रेन की मदद से जले हुए टैंकर के मलबे को सड़क किनारे करवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सुचारू किया जा सका। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है और उस ट्रेलर की तलाश भी की जा रही है जिसकी गलत ओवरटेकिंग की वजह से यह हादसा हुआ।
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