आजीविका मिशन ने बदली तस्वीर: नीमच की माया मालवीय दाल ग्रेडिंग इकाई से कमा रहीं प्रतिमाह ₹32,000

नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले की महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह मिशन उन्हें स्वरोजगार और उद्यम के अवसर प्रदान कर रहा है। मनासा जनपद की ग्राम पंचायत बनी की निवासी श्रीमती माया मालवीय इसकी एक बेहतरीन मिसाल हैं।
स्वयं सहायता समूह की शुरुआत
माया मालवीय ‘जय भवानी स्व सहायता समूह’ की सदस्य हैं। उन्होंने साल 2018 में गांव की अन्य महिलाओं को संगठित करके यह समूह बनाया। समूह को 26 दिसंबर 2018 को बैंक से ऋण प्राप्त हुआ। उन्हें रिवाल्विंग फंड के ₹10,000 और सीआईएफ के ₹20,000 सहित कुल ₹81,000 का ऋण मिला। इसके बाद, इस पूंजी का उपयोग कृषि, पशुपालन और दाल-अनाज की ग्रेडिंग इकाई स्थापित करने में किया गया।
दाल एवं अनाज ग्रेडिंग से आर्थिक मज़बूती
आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद, माया ने वर्ष 2023 में अपनी दाल एवं अनाज ग्रेडिंग इकाई स्थापित की। इस इकाई के कारण, माया को प्रतिदिन ₹1,100 की आय हो रही है। इस प्रकार, उनकी मासिक आय बढ़कर ₹32,000 हो गई है। वह अपने गांव बनी में दालों और अनाज की ग्रेडिंग का कार्य करती हैं। साथ ही, वह अपने परिवार को कृषि कार्य में भी सहयोग दे रही हैं।
आय में बड़ा उछाल और प्रेरणा
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले माया और उनके परिवार की मासिक आय केवल ₹18,790 थी। हालांकि, अब यह बढ़कर ₹32,000 मासिक हो गई है। माया मालवीय आज आर्थिक रूप से मज़बूत बन चुकी हैं। वह अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी आजीविका गतिविधियों से जुड़कर स्वरोजगार शुरू करने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। माया मालवीय, नीमच ज़िले में महिला सशक्तिकरण की एक मज़बूत मिसाल के रूप में उभरकर आई हैं।

