ठेकेदार की लापरवाही ने फँसाई जिंदगी: डेढ़ साल बाद भी अधूरा हिंगोरिया ओवरब्रिज, एम्बुलेंस फंसी, डेढ़ घंटे तक रहा लंबा जाम

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मुख्य बातें:

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  • नीमच-मंदसौर मुख्य मार्ग पर हिंगोरिया रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज निर्माण के चलते रविवार रात भीषण जाम लग गया।

  • जाम में डेढ़ घंटे तक यात्री और वाहन फंसे रहे, जिसमें नीमच की ओर जा रही एक एम्बुलेंस भी शामिल थी।

  • स्थानीय लोगों और पुलिस के प्रयासों से एम्बुलेंस को मुश्किल से निकाला जा सका।

  • डेढ़ साल से चल रहा निर्माण कार्य अपर्याप्त यातायात प्रबंधन के कारण बाधा बन रहा है।

  • सड़क संकरी होने और वैकल्पिक मार्ग न होने से जाम की स्थिति बन रही है; प्रशासन से तत्काल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग।


नीमच, मध्य प्रदेश:
नीमच-मंदसौर मुख्य मार्ग पर हिंगोरिया रेलवे फाटक के पास सेतु विकास विभाग की ओर से बन रहा ओवरब्रिज अब ‘अधूरा निर्माण’ और ‘लापरवाही’ का पर्याय बन गया है। निर्माण की कछुआ चाल ने रविवार रात को यातायात को घंटों ठप्प कर दिया, जिससे एक आपातकालीन एम्बुलेंस सहित सैकड़ों वाहन डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे।

ठेकेदार पर धीमी गति से काम करने का सीधा आरोप

स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों ने सीधे तौर पर ओवरब्रिज निर्माण कर रही ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ साल से चल रहा यह निर्माण कार्य जानबूझकर अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है, जिससे परियोजना अनावश्यक रूप से खींच रही है। ठेकेदार ने न तो काम में तेजी लाई है और न ही निर्माण स्थल पर कोई प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना लागू की है।

स्थानीय नागरिक का बयान: “यह ब्रिज डेढ़ साल में पूरा होना था, पर ठेकेदार ने इसे मजाक बना दिया है। रात को एम्बुलेंस फँसी थी, किसी अनहोनी का इंतजार क्यों कर रहा है प्रशासन? धीमी रफ्तार का खामियाजा आम जनता भुगत रही है!”

एम्बुलेंस डेढ़ घंटे फँसी, प्रशासन पर उठे सवाल

कल रात का जाम तब और खतरनाक हो गया जब नीमच की ओर जा रही एक एम्बुलेंस सड़क के बीचों-बीच फँस गई। निर्माण के कारण सड़क इतनी संकरी हो गई है कि एक बार में एक ही भारी वाहन मुश्किल से निकल पाता है।

आरोप है कि ठेकेदार ने वैकल्पिक मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की है, और निर्माण सामग्री सड़क के किनारे अव्यवस्थित ढंग से पड़ी रहती है। इस स्थिति ने वाहनों के बढ़ते दबाव के साथ मिलकर भीषण जाम पैदा कर दिया। स्थानीय लोगों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बड़ी मुश्किल से एम्बुलेंस को निकाला जा सका।

मांग: ठेकेदार पर कार्रवाई हो, काम में गति आए

गुस्साए लोगों ने अब जिला प्रशासन और सेतु विकास विभाग से तत्काल मांग की है कि:

  1. ओवरब्रिज निर्माण में जानबूझकर देरी करने वाली ठेकेदार कंपनी पर कठोर कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की जाए।

  2. निर्माण कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए।

  3. आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे प्रभावी ट्रैफिक और वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था लागू की जाए।

स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठेकेदार की इस लापरवाही पर तत्काल नकेल नहीं कसी और काम में गति नहीं लाई गई, तो वे जल्द ही सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।

 

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