पाटीदार अस्पताल में 5 वर्षीय बच्ची की मौत पर हंगामा: परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप

डिंपल आंजना

नीमच। शहर के मेहनोत नगर स्थित पाटीदार बाल चिकित्सालय में एक पांच वर्षीय मासूम बच्ची की दुखद मौत के बाद जमकर हंगामा खड़ा हो गया। बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमा होकर घेराव किया और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नीमच सिटी पुलिस को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।

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रक्त चढ़ाने के बाद बिगड़ी हालत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ग्राम कैसुंदा निवासी विकास आंजना अपनी 5 साल की बेटी डिंपल को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। बच्ची थैलेसीमिया (Thalassemia) से पीड़ित थी और उसे रक्त आधान (Blood Transfusion) की आवश्यकता थी।

परिजनों ने बताया कि रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही देर बाद बच्ची डिंपल को पेट में तेज दर्द होने लगा, और कुछ ही क्षणों में उसकी मौत हो गई।

थैलेसीमिया क्या होता है?

थैलेसीमिया खून से जुड़ी एक बीमारी है जो आनुवंशिक (genetic) होती है, यानी यह माता-पिता से बच्चों को मिलती है।

साधारण शब्दों में:

  1. खून की समस्या: इस बीमारी में शरीर पर्याप्त मात्रा में या सही तरह का हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता है। हीमोग्लोबिन वह प्रोटीन है जो लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) में होता है और पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है।
  2. ऑक्सीजन की कमी: जब हीमोग्लोबिन सही से नहीं बनता, तो लाल रक्त कोशिकाएं जल्दी टूटने लगती हैं और शरीर में खून (और ऑक्सीजन) की कमी हो जाती है।
  3. परिणाम: इस कारण व्यक्ति को एनीमिया (खून की कमी) हो जाता है, जिससे उसे बहुत ज़्यादा थकान, कमजोरी, और पीलापन महसूस होता है।
  4. इलाज: गंभीर मामलों में, मरीज़ को नियमित रूप से बाहर से खून चढ़ाने (Blood Transfusion) की ज़रूरत पड़ती है।

परिजनों का लापरवाही का आरोप, पुलिस बल तैनात

बच्ची की असमय मौत से भड़के परिजनों ने तत्काल अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल का घेराव कर हंगामा किया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नीमच सिटी पुलिस तत्काल पाटीदार बाल चिकित्सालय पहुँची। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पुलिस ने बताया है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की जाएगी और बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।

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