ब्रेकिंग न्यूज़! जनता ठिठुरी, न.पा. अध्यक्ष ‘गायब’ – नीमच में मानवता पर ‘सरकारी ताला’

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  • ज़ीरो व्यवस्था: रैन बसेरा बना ‘शोपीस’, भीषण ठंड में गरीब बेसहारा सड़कों पर मरने को मजबूर!

  • नीमच न.पा. पर विपक्ष का ‘सीधा हमला’: “अध्यक्ष को गरीबों की परवाह नहीं, जिएं या मरें!”

नीमच: ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है, लेकिन नीमच नगर पालिका (न.पा.) प्रशासन गहरी नींद में है। शहर के लाखों लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस निकाय पर है, उसकी अमानवीय लापरवाही इस कदर बढ़ चुकी है कि भीषण शीतलहर के बीच एक भी सार्वजनिक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है!

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ठंड से बड़ी लापरवाही: रैन बसेरों पर ‘रात का कर्फ्यू’

सर्वाधिक चौंकाने वाली जानकारी यह है कि गरीब, बेघर लोगों को रात गुजारने के लिए बनाए गए रैन बसेरे शाम होते ही बंद कर दिए जाते हैं। यानी, जिस व्यवस्था का काम लोगों को ठंड से बचाना है, वही व्यवस्था रात के समय इन बेचारों को सड़क पर ठिठुरने के लिए धकेल रही है।

न.पा. केवल अलाव या आश्रय में ही विफल नहीं हुई है। कंबल और गर्म कपड़ों के वितरण के नाम पर पालिका का खजाना शून्य है। इससे भी अधिक शर्मनाक यह है कि उन्होंने सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से भी मदद की अपील करने की जहमत नहीं उठाई। क्या न.पा. ने मान लिया है कि गरीबों का ठंड से मरना ही उनकी नियति है?

पर्याप्त पानी और रोशनी (प्रकाश)की व्यवस्था नहीं है 

हमारी टीम ने जब रैन बसेरों का जायजा लिया, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। रैन बसेरों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है और साथ ही रोशनी (प्रकाश) का भी प्रबंध नहीं है। अंधेरे और पानी की कमी वाले ये बसेरे, रहने लायक तो दूर, किसी गोडाउन से कम नहीं लग रहे हैं।

अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ‘नो-रिप्लाई’ – जवाबदेही को लगा ग्रहण

जब इस आपराधिक लापरवाही के बारे में जवाब लेने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष  स्वाति चोपड़ा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा

जनता के टैक्स पर पलने वाला प्रशासन और उनके निर्वाचित प्रतिनिधि जब ऐसे आपातकाल में ‘लापता’ हो जाएं, तो यह स्पष्ट है कि उन्हें आम आदमी की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष का सबसे कड़ा बयान:

योगेश प्रजापति ने साफ शब्दों में कहा, “नगर पालिका अध्यक्ष को कोई परवाह नहीं है कि कोई गरीब इंसान ठंड में जिए या मरे। शहर में मानवीय संवेदना पूरी तरह से मर चुकी है।”

प्रजापति ने इस बात पर घोर चिंता व्यक्त की कि न.पा. ने न तो सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है, न ही रात में रैन बसेरे खुले रखे जा रहे हैं, और न ही कंबल वितरण का कोई अभियान चलाया गया है।

ठंड में ‘मौत के मुहाने’ पर बेसहारा परिवार

नेता प्रतिपक्ष ने न.पा. प्रशासन को उन क्षेत्रों की भी जानकारी दी जहां बेसहारा परिवार सबसे अधिक प्रभावित हैं:

  • बंगला नंबर 60 का क्षेत्र

  • बस स्टैंड के आस-पास

  • हायर सेकेंडरी स्कूल नंबर 02  के पास

इन स्थानों पर दर्जनों बेसहारा परिवार भीषण ठंड में रहने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई राहत नहीं पहुंची है।

विपक्ष का एक्शन: CMO और कलेक्टर को जाएगा लेटर

प्रजापति ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस लापरवाही को हल्के में नहीं लेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि वह आज ही इस पूरे मुद्दे पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), न.पा. अध्यक्ष  और कलेक्टर साहब को आधिकारिक पत्र लिखकर तुरंत व्यवस्थाएं बहाल करने का अनुरोध करेंगे।

जनता का सवाल:

जब विपक्ष को कलेक्टर और सीएमओ तक शिकायत करनी पड़ रही है, तो क्या न.पा. अध्यक्ष को अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं है?

क्या प्रशासन किसी गरीब की ठंड से मौत का इंतज़ार कर रहा है, ताकि नींद से जागे?

 

 

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