Neemuch Bus Accident: 1 दर्दनाक मौत, प्राइवेट बस स्टैंड पर खाना लेने जा रहे बुजुर्ग चौकीदार को बस ने कुचला, पुलिस ने बस जब्त की

नीमच (ब्यूरो रिपोर्ट): शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक, प्राइवेट बस स्टैंड पर सोमवार की शाम एक दर्दनाक हादसा (Neemuch Bus Accident) घटित हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया। जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपनी आजीविका चलाने के लिए चौकीदारी कर रहे एक बुजुर्ग की बस के पहिये के नीचे आने से दुखद मृत्यु हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बस चालक लापरवाही से वाहन को पीछे (रिवर्स) ले रहा था।
Neemuch Bus Accident के बाद पूरे बस स्टैंड परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शाम के धुंधलके में हुआ खूनी खेल
Neemuch Bus Accident सोमवार शाम को प्राइवेट बस स्टैंड पर यात्रियों और बसों की भारी गहमागहमी थी। नागदा रूट पर चलने वाली एक यात्री बस अपना फेरा पूरा करने या सवारी भरने के उद्देश्य से खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस का ड्राइवर बिना पीछे देखे, लापरवाही से बस को बैक कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद बुजुर्ग चौकीदार, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से ‘नागू काका’ कहते थे, बस के पिछले हिस्से की चपेट में आ गए।
बस की गति भले ही धीमी रही हो, लेकिन भारी वाहन की चपेट में आने से बुजुर्ग संभल नहीं पाए और बस का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। इस Neemuch Bus Accident में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
कौन थे सीताराम नायक उर्फ ‘नागू काका’?
मृतक की पहचान खड़ावदा निवासी सीताराम नायक के रूप में हुई है। उनकी उम्र और अनुभव के कारण बस स्टैंड के दुकानदार और स्थानीय लोग उन्हें सम्मान और अपनत्व से ‘नागू काका’ कहकर बुलाते थे। सीताराम नायक अपनी उम्र के इस पड़ाव पर भी आत्मनिर्भर थे और बस स्टैंड स्थित पेंटर फिरोज खान की दुकान पर चौकीदारी का काम करते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नागू काका बेहद सरल स्वभाव के थे और अपनी ड्यूटी के प्रति बहुत ईमानदार थे। उनकी मौत की खबर से बस स्टैंड के दुकानदारों में शोक की लहर दौड़ गई है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि जो बुजुर्ग कुछ ही पल पहले उनसे बात कर रहा था, वह अब इस दुनिया में नहीं है।
खाना लेने के लिए निकले थे, मिली मौत
इस हृदयविदारक घटना के चश्मदीद और दुकान मालिक फिरोज खान ने बताया कि घटना से ठीक पहले नागू काका उनके पास आए थे। उन्होंने खाने के लिए पैसे लिए और होटल की तरफ जा रहे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही वे बस के पीछे से गुजरने लगे, बस ड्राइवर ने बिना कंडक्टर की सीटी या पीछे देखे बस बैक कर दी।
फिरोज खान ने बताया, “वह मुझसे पैसे लेकर खाना लेने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। हमने शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।”
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
Neemuch Bus Accident की सूचना मिलते ही यातायात थाना प्रभारी सोनू बडगुर्जर अपनी टीम के साथ और केंट थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। Neemuch Bus Accident की खबर फैलते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करना पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया था। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए भीड़ को हटाया और शव वाहन को बुलवाया।
पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पंचनामा बनाया और बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया। पुलिस ने मौके से बस को जब्त कर लिया है और आरोपी बस चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
लापरवाही बनी हादसे की मुख्य वजह
इस Neemuch Bus Accident ने एक बार फिर प्राइवेट बस स्टैंड पर अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अक्सर देखा गया है कि:
बस चालक बिना हेल्पर या कंडक्टर के इशारे के ही बस बैक करते हैं।
बस स्टैंड पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित जगह की कमी है।
शाम के वक्त भीड़भाड़ होने के बावजूद बसों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कड़े इंतजाम नहीं होते।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बस चालक ने रियसर्व गियर डालने से पहले पीछे देखा होता या वहां मौजूद किसी व्यक्ति की मदद ली होती, तो शायद नागू काका आज हमारे बीच होते।
परिजन का इंतजार
हादसा देर शाम को हुआ, पुलिस ने मृतक सीताराम नायक के परिजनों को सूचना भिजवा दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक (देर शाम) मृतक के परिजन अस्पताल या मौके पर नहीं पहुंच पाए थे। पुलिस का कहना है कि परिजनों के आने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और शव उन्हें सौंपा जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल सकती है ताकि हादसे की सटीक स्थिति स्पष्ट हो सके।
नीमच की जनता ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े।

