रफ़्तार पर भारी पड़ा ‘मोबाइल’; पीजी कॉलेज रोड पर बड़ा नीमच कार एक्सीडेंट, डिवाइडर पर चढ़ी कार

नीमच कार एक्सीडेंट
नीमच: “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”—यह मुहावरा हम बचपन से सुनते आ रहे हैं, लेकिन आज के डिजिटल युग में इसे बदलकर “नज़र हटी, दुर्घटना घटी” कहना ज्यादा सटीक होगा। नीमच शहर के पीजी कॉलेज रोड पर आज एक ऐसा ही वाक्य हुआ, जिसने सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी। यहाँ हुए एक नीमच कार एक्सीडेंट ने न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित किया, बल्कि शहरवासियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या एक फोन कॉल हमारी जान से ज्यादा कीमती है?
आज रात 9:00 बजे शहर के चंबल कॉलोनी के पास, विद्युत ऑफिस के सामने एक तेज रफ़्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के राहगीर सहम गए। गनीमत रही कि कार चालक की जान बच गई, वरना यह हादसा भयावह रूप ले सकता था।
आंखों देखा हाल: कैसे हुआ यह नीमच कार एक्सीडेंट?
घटनाक्रम के अनुसार, रात 9:00 बजे के वक्त सड़क पर सामान्य आवाजाही थी। जेतपुरा फंटा (Jetpura Fanta) की तरफ से एक सफेद रंग की कार, जिसका नंबर MP 09 DA 6044 है, नीमच शहर की ओर आ रही थी। कार की ड्राइविंग सीट पर सुनील महावर बैठे थे।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ी अपनी लेन में सही चल रही थी। लेकिन जैसे ही कार पीजी कॉलेज रोड पर विद्युत ऑफिस के करीब पहुंची, चालक का ध्यान भटक गया। सूत्रों के मुताबिक, ठीक उसी वक्त चालक के मोबाइल पर किसी का कॉल आया। सुनील ने चलती गाड़ी में जेब से मोबाइल निकालने और स्क्रीन देखने की कोशिश की। बस, यही वह चंद सेकंड थे, जब उनका नियंत्रण स्टीयरिंग से छूट गया।
देखते ही देखते कार बाईं ओर झुकने के बजाय दाईं ओर मुड़ी और सीधे सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडर (Divider) पर जा चढ़ी। यह नीमच कार एक्सीडेंट इतनी तेजी से हुआ कि पीछे आ रहे अन्य वाहनों को संभलने का मौका भी बड़ी मुश्किल से मिला। अगर पीछे से कोई भारी वाहन आ रहा होता, तो परिणाम अकल्पनीय हो सकते थे।
पुलिस की तत्परता: डायल-112 ने संभाली कमान
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार डिवाइडर से टकरा गई थी, जिससे रोड का एक हिस्सा पूरी तरह ब्लॉक हो गया था। स्थानीय नागरिकों की सूचना पर पुलिस की डायल-112 टीम ने गजब की तत्परता दिखाई।
सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। इस नीमच कार एक्सीडेंट के कारण लग रहे जाम को खुलवाना पुलिस के लिए पहली चुनौती थी। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले तमाशबीनों की भीड़ को हटाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को साइड में करवाकर यातायात सुचारू करवाया। पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की वजह से शहर का मुख्य मार्ग लंबे समय तक जाम होने से बच गया।
चालक का मेडिकल और जांच की दिशा
हादसे के बाद कार चालक सुनील महावर सुरक्षित हैं, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस टीम चालक को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है।पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे इस नीमच कार एक्सीडेंट की तह तक जाना चाहते हैं। मानक प्रक्रिया (SOP) के तहत चालक का मेडिकल चेकअप करवाया जा रहा है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दुर्घटना का कारण केवल मोबाइल का उपयोग था या चालक नशे की हालत में (Drunk Driving) था। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस आगे की कानूनी कार्यवाही तय करेगी। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों की राय: क्यों खतरनाक है मोबाइल ड्राइविंग?
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीमच कार एक्सीडेंट एक उदाहरण है कि कैसे ‘विजुअल डिस्ट्रैक्शन’ (Visual Distraction) जानलेवा हो सकता है। जब आप फोन देखने के लिए सड़क से नज़र हटाते हैं, तो 50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही गाड़ी 3 सेकंड में लगभग 42 मीटर (फुटबॉल के आधे मैदान के बराबर) दूरी तय कर लेती है। यानी 3 सेकंड के लिए आप सड़क पर “अंधे” होकर गाड़ी चला रहे होते हैं। आज की घटना में यही हुआ।
यह भी पढ़ें: नीमच की सुरक्षा में बड़ा कदम: ‘Opium Factory’ परिसर अब नो ड्रोन जोन, जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए कड़े प्रतिबंध

