नीमच स्वास्थ्य विभाग में बड़ा उलटफेर: प्रभारी CMHO डॉ. आर.के. खद्योत निलंबित, डॉ. डी. प्रसाद संभालेंगे नई जिम्मेदारी

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नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर स्वास्थ्य विभाग को लेकर आ रही है। उज्जैन संभाग के आयुक्त द्वारा लिए गए एक कड़े फैसले के बाद नीमच कलेक्टर कार्यालय ने जिले के प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर.के. खद्योत को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन के इस अचानक और कड़े रुख ने जिले के सरकारी गलियारों में खलबली मचा दी है।
निलंबन का आधिकारिक आदेश और पृष्ठभूमि
नीमच कलेक्टर कार्यालय द्वारा 29 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, यह कार्यवाही उज्जैन संभाग आयुक्त के आदेश के परिपालन में की गई है। इस आदेश के तहत डॉ. आर.के. खद्योत को प्रभारी CMHO के पद से हटाकर निलंबित कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान डॉ. खद्योत का मुख्यालय जिला कलेक्टरेट नीमच रहेगा।

सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में चल रही प्रशासनिक अनियमितताओं और विभागीय कार्यों में लापरवाही की शिकायतों को इस निलंबन का मुख्य आधार माना जा रहा है। हालांकि, आदेश में इसे प्रशासनिक प्रक्रिया और वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों का हिस्सा बताया गया है।
डॉ. डी. प्रसाद को मिला नया दायित्व
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से नई नियुक्तियां भी कर दी हैं। नीमच जिला चिकित्सालय में पदस्थ क्षय रोग विशेषज्ञ (TB Specialist) डॉ. डी. प्रसाद को अब जिले के CMHO का प्रभार सौंपा गया है। डॉ. प्रसाद अब आगामी आदेश तक जिले की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, अस्पतालों के निरीक्षण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
डॉ. डी. प्रसाद एक अनुभवी चिकित्सक माने जाते हैं और विभाग में उनकी पकड़ काफी मजबूत है। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनता की उम्मीदें काफी अधिक हैं, उनके ऊपर एक बड़ी चुनौती होगी कि वे जिले के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाएं।
प्रशासनिक सख्ती का बड़ा संदेश
नीमच में हुई यह कार्यवाही केवल एक तबादला या निलंबन नहीं है, बल्कि यह उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश भी है जो अपने दायित्वों के प्रति सजग नहीं हैं। प्रभारी CMHO पर हुई इस कार्यवाही ने यह साफ कर दिया है कि शासन और प्रशासन स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले कुछ महीनों से नीमच जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
कलेक्टर द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, भोपाल और उज्जैन संभाग के आयुक्तों सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को भी भेजी गई है।
जनता की उम्मीदें और आगामी चुनौतियां
जैसे ही यह CMHO Suspend समाचार सार्वजनिक हुआ, नीमच और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। प्रभारी CMHO के रूप में डॉ. डी. प्रसाद के सामने सबसे पहली चुनौती आयुष्मान कार्ड योजना, टीकाकरण अभियान और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति को सुधारने की होगी। नीमच जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने जो यह ‘सर्जरी’ की है, उसके परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट होंगे।
फिलहाल, डॉ. आर.के. खद्योत को कलेक्टरेट मुख्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। विभाग के अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अपनी कार्यशैली को लेकर सतर्क हो गए हैं।
यह CMHO Suspend खबर नीमच के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में आने वाले कई दिनों तक चर्चा का विषय बनी रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि नए प्रभारी अधिकारी के आने से जिले की जनता को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
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