दीपावली से पहले दुकानों का मुद्दा फिर गरमाया: प्रजापति समाज ने दशहरा मैदान में दुकानें लगाने से किया इंकार
टैगोर मार्ग की अनुमति के लिए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
नीमच। दीपावली का त्योहार जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, वैसे ही अस्थायी दुकानदारों के बीच आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। इस वर्ष भी, प्रजापति समाज ने अपनी पारंपरिक दीपावली सामग्री की दुकानों के लिए टैगोर मार्ग पर जगह की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे इस बार प्रशासन द्वारा प्रस्तावित दशहरा मैदान में दुकानें नहीं लगाएंगे।
प्रजापति समाज के सदस्यों ने गुरुवार को कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग दोहराई। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें पूर्व की भांति टैगोर मार्ग पर ही दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी सालभर की मेहनत और पारंपरिक व्यवसाय प्रभावित न हो।
“दशहरा मैदान में नहीं हुई थी ग्राहकी, हुआ था भारी नुकसान”
द टाइम्स ऑफ एम.पी. को प्रजापति समाज ने बताया कि वे पूरे वर्ष अथक परिश्रम कर मिट्टी के दीये, खिलौने, रंग-बिरंगी सजावटी सामग्री और अन्य पारंपरिक वस्तुएं तैयार करते हैं, जिनकी बिक्री का मुख्य अवसर दीपावली ही होता है। समाजजनों का कहना है कि वर्षों से वे टैगोर मार्ग पर, विशेषकर फव्वारा चौक से विजय टॉकीज चौराहे तक, अस्थायी दुकानें लगाते रहे हैं, जहाँ उन्हें अच्छी ग्राहकी मिलती है।
लेकिन पिछले वर्ष प्रशासन ने अचानक इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए उन्हें दशहरा मैदान में दुकानें लगाने के लिए मजबूर किया। समाज के सदस्यों का अनुभव रहा कि दशहरा मैदान में पर्याप्त ग्राहक नहीं पहुँच पाए, जिसके कारण उनकी अधिकांश सामग्री नहीं बिक सकी। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, जिससे उनकी दीपावली की खुशियाँ फीकी पड़ गईं।
प्रशासन पर वादा-खिलाफी का आरोप
प्रजापति समाज ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष प्रशासन द्वारा उन्हें यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि दशहरा मैदान की यह व्यवस्था केवल एक वर्ष के लिए अस्थायी है, और अगले वर्ष उन्हें निश्चित रूप से टैगोर मार्ग पर ही दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी।
समाज के सदस्यों का कहना है कि अब फिर से प्रशासन द्वारा दशहरा मैदान में दुकानें लगाने की बात सामने आ रही है, जो उनके साथ सीधी वादा-खिलाफी है। यह उनके पारंपरिक व्यवसाय और आजीविका पर सीधा हमला है।
समाज ने प्रशासन से गंभीर अपील की है कि वह इस वर्ष समय रहते इस मुद्दे पर संज्ञान ले और प्रजापति समाज को उनकी वर्षों पुरानी और स्थापित जगह, टैगोर मार्ग पर दुकानें लगाने की अनुमति प्रदान करे। उनका कहना है कि यह निर्णय उन्हें अपनी मेहनत की कमाई से सम्मानपूर्वक त्योहार मनाने का अवसर देगा।

