Neemuch Encroachment में माफिया राज पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

Neemuch Encroachment

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स्कीम नंबर 36 में 65 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त…

नीमच (Neemuch Encroachment)। शहर के सबसे वीआईपी और महंगे इलाके ‘स्कीम नंबर 36’ में शुक्रवार को उस वक्त खलबली मच गई, जब प्रशासन की जेसीबी मशीनों ने गरजते हुए भू-माफियाओं के अवैध साम्राज्य को ढहाना शुरू किया। जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 65 करोड़ रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन को Neemuch Encroachment से मुक्त करा लिया है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि रसूख के दम पर सरकारी जमीन दबाने वालों के दिन अब लद चुके हैं।

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6 बीघा जमीन पर सालों से चल रहा था ‘अवैध खेल’

दरअसल, नीमच शहर के प्राइम लोकेशन यानी स्कीम नंबर 36 में सर्वे नंबर 23 और 24 की लगभग 6 बीघा से अधिक जमीन पर लंबे समय से कब्जा जमाया गया था। इस सरकारी जमीन पर रामप्रसाद ग्वाला द्वारा अवैध रूप से ईंट भट्टों का संचालन किया जा रहा था। यह जमीन शहर के विस्तार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वर्तमान बाजार भाव के अनुसार इसकी कीमत 65 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी जा रही है। Neemuch Encroachment की इस गंभीर शिकायत पर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कड़ा रुख अपनाया और पूरी फाइल को री-चेक करने के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए।

7 दिन का अल्टीमेटम और फिर ‘गरजा’ बुलडोजर

हैरानी की बात यह है कि कब्जाधारी को प्रशासन की ओर से पर्याप्त समय दिया गया था। राजस्व न्यायालय ने बीती 1 मई को ही इस जमीन से बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे। कानूनी दांव-पेंच के बीच जब कब्जा नहीं हटा, तो प्रशासन ने सात दिन पहले अंतिम नोटिस थमाकर अपना इरादा साफ कर दिया था। शुक्रवार सुबह जैसे ही नोटिस की मियाद खत्म हुई, कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अमला दलबल के साथ मौके पर पहुंच गया। भारी पुलिस बल को देखकर कब्जाधारियों के विरोध के सुर भी ठंडे पड़ गए।

रणक्षेत्र बना स्कीम नंबर 36, नपा ने जब्त किया सामान

कार्रवाई के दौरान मंजर किसी रणक्षेत्र जैसा था। तीन शक्तिशाली जेसीबी मशीनें लगातार अवैध निर्माण और ईंट भट्टों को जमींदोज कर रही थीं। Neemuch Encroachment को हटाने के लिए नगर पालिका और राजस्व की टीम ने तीन-चार ट्रैक्टर और डंपर भी लगाए थे। मौके पर मौजूद हजारों ईंटें, भारी मात्रा में मिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। नगर पालिका के कर्मचारियों ने इस पूरे माल को जप्त कर नपा के माल गोदाम भेज दिया है। करीब 4 से 5 घंटे चली इस कार्रवाई के बाद 6 बीघा जमीन पूरी तरह ‘साफ’ हो गई।

मौके पर डटे रहे आला अधिकारी

इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। मौके पर एसडीएम संजीव साहू, तहसीलदार संजय मालवीय, नायब तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत और नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया खुद मोर्चा संभाले हुए थे। अधिकारियों ने साफ कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। शहर के अन्य हिस्सों में भी जहां-जहां सरकारी जमीन पर Neemuch Encroachment पाया जाएगा, वहां इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटवारियों और नपा कर्मचारियों की एक बड़ी टीम ने मौके पर ही जमीन का सीमांकन कर उसे सरकारी कब्जे में लेने की प्रक्रिया पूरी की।

भू-माफियाओं की कमर टूटी, आम जनता ने ली राहत

नीमच के इतिहास में यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी वित्तीय चोट भू-माफियाओं पर मानी जा रही है। 65 करोड़ की जमीन मुक्त होने से शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। आम जनता ने भी इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इस अवैध गतिविधि के कारण इलाके में प्रदूषण और धूल का गुबार बना रहता था। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की इस ‘क्लीनअप ड्राइव’ ने भू-माफियाओं की नींद उड़ा दी है। अब प्रशासन इस जमीन पर फेंसिंग करने और बोर्ड लगाने की योजना बना रहा है ताकि दोबारा कोई इस पर आंख न उठा सके।


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