Food Safety Raid :नीमच में 5 फर्मों पर बड़ी फूड सेफ्टी रेड, 19 नमूने जब्त

Food Safety Raid

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रतनगढ़ न्यूज। आम जनमानस की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर लगाम कसने के लिए नीमच जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिले के रतनगढ़ और मोरवन क्षेत्रों में एक बड़ी फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid) को अंजाम दिया गया।

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इस अचानक हुई छापामार कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और खाद्य सामग्री विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासन की टीम ने कुल 5 अलग-अलग फर्मों का सघन निरीक्षण किया और संदेह के आधार पर 19 विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए जब्त किए हैं।

यह पूरी कार्रवाई नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन (मध्य प्रदेश) तथा नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देशों पर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश प्रसाद के सीधे मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसे जमीनी स्तर पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया।

इन फर्मों पर हुई ताबड़तोड़ फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid)

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री यशवंत कुमार शर्मा और श्री राजू सोलंकी के नेतृत्व वाली टीम ने सबसे पहले रतनगढ़ कस्बे का रुख किया। वहां एक के बाद एक कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसका विस्तृत ब्यौरा इस प्रकार है:

1. श्री चारभुजा दूध डेयरी (रतनगढ़): टीम ने सबसे पहले इस डेयरी पर दस्तक दी। डेयरी उत्पादों में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए अधिकारियों ने यहां विक्रय के लिए रखे गए मिश्रित दूध और घी की बारीकी से जांच की। मौके पर गुणवत्ता संदिग्ध लगने पर दोनों उत्पादों के नमूने सील कर लिए गए।

2. महादेव स्वीट्स (रतनगढ़): मिठाइयों में नकली मावे और रंगों के इस्तेमाल की जांच के लिए इस प्रतिष्ठित दुकान पर फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid) की गई। यहां से टीम ने मावा बर्फी, मिल्क केक, मोतीचूर के लड्डू और गुलाब जामुन समेत कुल 4 मिठाइयों के सैंपल कलेक्ट किए। त्योहारों और शादियों के सीजन में अमूमन ऐसी मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है, इसलिए इनकी जांच बेहद अहम मानी जा रही है।

3. बालाजी टी स्टाल (रतनगढ़): चाय-नाश्ते की इस दुकान पर भी खाद्य विभाग की पैनी नजर रही। यहां पर आम लोगों द्वारा खाए जाने वाले नमकीन और स्नैक्स की गुणवत्ता परखी गई। टीम ने मौके से खाद्य सेव नमकीन, फलाहारी चिवड़ा, सेव गठिया और चरकी बूंदी सहित कुल 4 अलग-अलग नमूने जांच के लिए अपने कब्जे में लिए।

4. होटल साईं पैलेस एंड रेस्टोरेंट (रतनगढ़): होटल और रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन की शुद्धता को लेकर यह एक अहम फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid) थी। रेस्टोरेंट के किचन और भंडार गृह का निरीक्षण करने के बाद टीम ने वहां से पनीर, बासमती चावल, तुवर दाल, राजमा और बेसन के कुल 5 नमूने एकत्र किए। कच्ची खाद्य सामग्री की जांच यह सुनिश्चित करेगी कि ग्राहकों को परोसा जाने वाला भोजन मानकों पर खरा है या नहीं।

कर्मचारियों के पास नहीं मिला मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट

निरीक्षण के दौरान सिर्फ खाद्य पदार्थों की ही जांच नहीं की गई, बल्कि साफ-सफाई और कर्मचारियों के स्वास्थ्य मानकों को भी परखा गया। रतनगढ़ की उक्त चारों फर्मों पर जब अधिकारियों ने कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र मांगे, तो संचालक उन्हें प्रस्तुत करने में पूरी तरह नाकाम रहे।

इसके अलावा फर्मों में रखरखाव और हाइजीन से जुड़ी कई अन्य खामियां भी उजागर हुईं। इन स्पष्ट लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग की टीम ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत चारों फर्म संचालकों को तत्काल नोटिस जारी कर दिया है।

मोरवन में भी प्रशासन का कड़ा एक्शन

रतनगढ़ में कार्रवाई पूरी करने के बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने अपना रुख मोरवन की तरफ किया। वहां स्थित ‘नवकार किराना स्टोर’ पर टीम ने अचानक दबिश दी। एक आम किराना दुकान में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली चीजों में मिलावट की आशंका के चलते यह फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid) की गई। टीम ने यहां भंडारित विभिन्न प्रकार की दालों की जांच की और गुणवत्ता परखने के लिए कुल 4 दालों के नमूने सील किए।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रतनगढ़ और मोरवन से लिए गए सभी 19 नमूनों को विशेष सील लगाकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (स्टेट फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी) भेज दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इस फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid) का मकसद व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन लोगों पर नकेल कसना है जो चंद मुनाफे के लिए लोगों की सेहत दांव पर लगा देते हैं।

अब सभी की निगाहें लैब की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जैसे ही भोपाल या इंदौर स्थित राज्य स्तरीय लैब से इन नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। यदि किसी भी उत्पाद में मिलावट, हानिकारक रसायन या मानक से कम गुणवत्ता पाई गई, तो संबंधित फर्म संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के कठोर प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना लगाने से लेकर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास बिक रही किसी भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वे बेझिझक खाद्य विभाग को इसकी सूचना दें ताकि समय रहते ऐसी फूड सेफ्टी रेड (Food Safety Raid) कर मिलावटखोरी को रोका जा सके।


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