कुएं के पानी पर खूनी संघर्ष: नीमच के लोलपुरा में दो पक्षों में मारपीट, 5 घायल; प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप

rrrrrrr

नीमचजिले के ग्राम लोलपुरा (नवलपुरा) में एक सामलाती (साझेदारी) कुएं के पानी के उपयोग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी जल्द ही खूनी संघर्ष में बदल गई, जिसमें एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि चार अन्य लोगों को भी चोटें आईं हैं। यह मामला अब जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) तक पहुँच गया है, जहाँ पीड़ित पक्ष ने सुरक्षा और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही स्थानीय राजस्व अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

हिंसा और हमले का विवरण

Shubham Solar Solution

पीड़ित कन्हैयालाल पिता भंवरलाल ब्राह्मण ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी कृषि भूमि सर्वे नंबर 215 और 40 पर सिंचाई के लिए सामलाती कुएं का पानी उपयोग होता है। इसी कुएं के पानी को लेकर उनके सगे भाई लक्ष्मीनारायण और अन्य परिजनों से पुराना विवाद चल रहा है, जिसकी सुनवाई अपर कलेक्टर के समक्ष विचाराधीन है।

कन्हैयालाल के अनुसार, 12 नवंबर की सुबह करीब 9:30 बजे आरोपी कैलाश, घनश्याम, कमलेश, दिनेश, बंशीलाल, सुशीला और संगीता खेत पर पहुँचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए सिंचाई पाइपलाइन को पत्थरों से तोड़ दिया और पानी की मोटर को कुएं में फेंक दिया।

जब पीड़ित पक्ष ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी कैलाश ने लकड़ी से कन्हैयालाल के सिर पर हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और तीन टांके लगाने पड़े। वहीं, आरोपी कमलेश ने लोहे की सरिया से राधेश्याम पर वार किया, जिससे उनके हाथ में चोट लगी। घटना के तुरंत बाद डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुँचाया गया।

तहसीलदार और पटवारी पर मिलीभगत का आरोप

पीड़ित कन्हैयालाल ने अपनी शिकायत में तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल और मौजा पटवारी महेन्द्रसिंह सिसोदिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि इन अधिकारियों ने आरोपी पक्ष से साँठगाँठ कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और दस्तावेजों की आड़ में उन्हें न्याय से वंचित किया जा रहा है।

एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन

पीड़ित परिवार ने एसपी नीमच को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित माँगें की हैं:

  1. आरोपियों पर प्राणघातक हमले की धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
  2. सामलाती कुओं पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

वहीं, कलेक्टर को दिए आवेदन में पीड़ित पक्ष ने तहसीलदार और पटवारी पर मिलीभगत के आरोपों की विभागीय जाँच कराने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हो सकता है आप चूक गए हों