नीमच में हिंसक झड़प: चंद रुपयों की खातिर खून के प्यासे हुए दो परिवार, लाठी-डंडों से हुआ जानलेवा हमला

नीमच में हिंसक झड़प
नीमच: मध्य प्रदेश के शांत माने जाने वाले शहर नीमच में गुरुवार को कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं। सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बांछड़ा समुदाय के दो परिवारों के बीच नीमच में हिंसक झड़प का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पैसों के पुराने लेनदेन को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते एक बड़े युद्ध का रूप ले लिया।
सड़क पर खुलेआम चले लाठी-डंडों और पत्थरों ने आसपास के रहवासियों में दहशत फैला दी। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के लोग बुरी तरह लहूलुहान हुए हैं, वहीं उपद्रवियों ने एक चारपहिया वाहन के कांच भी चकनाचूर कर दिए।
क्या है पूरा मामला?
घटना की जड़ में ब्याज और उधार के पैसों का पुराना विवाद है। पुलिस सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवाद बोरखेड़ी पानेरी निवासी अर्जुन मालवीय पक्ष और नेवड़ निवासी आकाश चौहान पक्ष के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि करीब तीन साल पहले अर्जुन मालवीय, प्रकाश और संपत बाई ने आकाश चौहान से 50 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे।
यही 50 हजार रुपये आज नीमच में हिंसक झड़प का मुख्य कारण बन गए। लेनदार पक्ष का दावा है कि पुरानी रकम में से लगभग 20 हजार रुपये अभी भी बकाया थे, जिसे वसूलने के लिए वे लगातार दबाव बना रहे थे। इसी तगादे को लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ था, जो गुरुवार को विस्फोटक हो गया।
योजनाबद्ध तरीके से हमले का आरोप
अस्पताल में उपचार करवा रहे अर्जुन मालवीय ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। अर्जुन के मुताबिक, आकाश चौहान के परिवार ने उन्हें बकाया रुपये लौटाने और हिसाब करने के बहाने बुलाया था।
अर्जुन ने कहा, “हम तो सिर्फ बातचीत से मसला हल करने गए थे, लेकिन उनकी नीयत साफ़ नहीं थी। जैसे ही हम वहां पहुंचे, उन्होंने बात करने की बजाय हम पर हमला बोल दिया।” इस दौरान लाठी-डंडों से की गई मारपीट में अर्जुन के परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद नीमच में हिंसक झड़प की चर्चा पूरे शहर में आग की तरह फैल गई।
दूसरे पक्ष की दर्दभरी दास्तां
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, और इस मामले में भी कहानी का दूसरा सिरा कुछ और ही बयां कर रहा है। दूसरे पक्ष से आकाश चौहान की बुजुर्ग दादी, सौरम बाई ने पुलिस को बताया कि वे लोग बेकसूर हैं। सौरम बाई का दावा है कि उन्होंने 50 हजार रुपये के मूलधन के बदले 5 प्रतिशत ब्याज जोड़कर अब तक करीब दो लाख रुपये चुका दिए हैं।
सिसकते हुए सौरम बाई ने बताया, “हमने इतना पैसा दे दिया, फिर भी वे 20 हजार रुपये के लिए हमारे पीछे पड़े थे। हमने उनसे सिर्फ तीन दिन की मोहलत मांगी थी। लेकिन वे नहीं माने और गाड़ियों में भरकर गुंडों को ले आए। वे हमारे घर में घुस आए और हमला कर दिया।” इस हमले में दिलीप, दुर्गा और आकाश चौहान को गंभीर चोटें आई हैं।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस (City Police Station) ने तत्परता दिखाई। जैसे ही कंट्रोल रूम को नीमच में हिंसक झड़प की सूचना मिली, पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां काफी नुकसान हो चुका था और सड़क पर खून के धब्बे बिखरे पड़े थे।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों के घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है और अलग-अलग धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध (FIR) कर जांच शुरू कर दी है।
ब्याजखोरी के जाल में उलझता समाज
नीमच और आसपास के क्षेत्रों में अवैध ब्याज का धंधा कई बार खूनी संघर्ष का कारण बन चुका है। जानकारों का कहना है कि बांछड़ा समुदाय में पैसों के लेनदेन को लेकर अक्सर पंचायतें होती हैं, लेकिन इस बार मामला पंचायत से बाहर निकलकर सीधे नीमच में हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या ब्याज की वसूली के लिए अवैध तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हिंसक तत्वों पर लगाम लगाई जाए ताकि शहर की शांति व्यवस्था बनी रहे।

