Neemuch Police Action: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से दबोचे गए 10 हजार के इनामी मानव तस्कर, बघाना पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई

Neemuch Police Action

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नीमच : मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत नीमच जिले में एक बड़ी खबर सामने आई है। Neemuch Police Action के तहत बघाना थाना पुलिस ने मानव तस्करी (Human Trafficking) जैसे घिनौने अपराध में लिप्त दो कुख्यात और इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ये दोनों आरोपी पिछले एक साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे और पड़ोसी राज्य राजस्थान में छिपे हुए थे।

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पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल के नेतृत्व में हो रही यह कार्रवाई पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे पाताल में भी क्यों न छिपा हो, नीमच पुलिस के हाथ उसकी गिरेबान तक पहुँच ही जाएंगे।

एसपी के ‘ऑपरेशन क्लीन’ और Neemuch Police Action का असर

नीमच जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पेंडिंग अपराधों के त्वरित निराकरण के लिए पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल ने सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से धारा 173(8) जाफो और धारा 193(9) बीएनएसएस (BNSS) के तहत फरार चल रहे इनामी उद्घोषित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है।

इसी कड़ी में Neemuch Police Action को अंजाम देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री नवलसिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सुश्री किरण चौहान के मार्गदर्शन में बघाना पुलिस ने एक रणनीतिक जाल बिछाया। थाना प्रभारी राधेश्याम दांगी के नेतृत्व में पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

गंभीर धाराओं में दर्ज था मामला

पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ बघाना थाने में वर्ष 2024 में अपराध क्रमांक 368 दर्ज किया गया था। यह मामला साधारण नहीं था, बल्कि इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं शामिल थीं। Neemuch Police Action की इस फाइल में आरोपियों पर निम्नलिखित धाराएं लगी हुई थीं:

  • धारा 143 (2): मानव तस्करी (Human Trafficking) के लिए दंड।

  • धारा 318 (4) व 319 (2): धोखाधड़ी और प्रतिरूपण द्वारा छल करना।

  • धारा 111 (4): संगठित अपराध में संलिप्तता।

  • धारा 115 (2) व 351 (2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना और आपराधिक धमकी देना।

इतनी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे थे, जिसे पुलिस ने एक चुनौती के रूप में लिया और Neemuch Police Action के तहत उन्हें सलाखों के पीछे पहुँचाया।

सायबर सेल की मदद से राजस्थान में दबिश

चूँकि दोनों आरोपी राजस्थान के निवासी थे, इसलिए वे वारदात को अंजाम देकर अपने गृह क्षेत्र में छिप जाते थे। पुलिस अधीक्षक ने इन दोनों आरोपियों पर 5,000-5,000 रुपये (कुल 10,000 रुपये) का नकद इनाम भी घोषित कर रखा था।

इस Neemuch Police Action को सफल बनाने के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मानवीय खुफिया तंत्र (Human Intelligence) का बेहतरीन इस्तेमाल किया। सायबर सेल की मदद से पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम केली में मौजूद हैं।

सूचना पुख्ता होते ही बघाना पुलिस की टीम ने राजस्थान में दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से मुस्तैद जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपी एक ही गाँव के निवासी हैं:

  1. प्रहलाद उर्फ रामप्रहलाद पिता प्रभुलाल तेली (निवासी ग्राम केली, थाना निम्बाहेडा, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान)।

  2. सांवरा पिता भेरूलाल तेली (निवासी ग्राम केली, थाना निम्बाहेडा, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान)।

Neemuch Police Action में इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका

इस जटिल और हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने में बघाना थाना और सायबर सेल की संयुक्त टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस विभाग ने इनकी पीठ थपथपाई है:

  • टीम नेतृत्व: निरीक्षक राधेश्याम दांगी (थाना प्रभारी, बघाना)

  • विवेचना: उप निरीक्षक रामकिशन सिंघावत

  • सराहनीय कार्य: सउनि कैलाश सोलंकी, सउनि अमरसिंह खराडी, प्रधान आरक्षक दिलीप जाट, आरक्षक राहुल चंदेल, आरक्षक राहुल डाबी।

  • सायबर सेल: प्रधान आरक्षक प्रदीप शिंदे, आरक्षक लखनसिंह, आरक्षक कुलदीपसिंह।

पुलिस की इस तत्परता ने आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। Neemuch Police Action का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, ताकि जिले को अपराध मुक्त बनाया जा सके।


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