साल 2025 में तस्करों पर टूटा Neemuch Police का कहर; 31 करोड़ का नशा जब्त, 346 गिरफ्तार

Neemuch Police
नीमच। मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जंग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है। वर्ष 2025 में Neemuch Police ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों का पालन करते हुए तस्करी के सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। जिले के कप्तान अंकित जायसवाल की रणनीति और मैदानी स्तर पर पुलिस की मुस्तैदी ने नशा माफियाओं की कमर तोड़ कर रख दी है। आज की इस Neemuch Police news में हम आपको बताएंगे कि कैसे खाकी ने तकनीक और मुखबिर तंत्र के जरिए करोड़ों का काला साम्राज्य मिट्टी में मिला दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया था कि प्रदेश की सीमाओं के भीतर नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में Neemuch Police ने साल के पहले दिन से ही अपनी मंशा साफ कर दी थी। पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि न केवल मुख्य मार्ग बल्कि दुर्गम इलाकों में भी मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाया जाए।
आंकड़ों में सफलता: 31.78 करोड़ का नशा बरामद
अगर हम साल 2025 के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो Neemuch Police की कार्यक्षमता अद्भुत रही है। पूरे वर्ष के दौरान पुलिस ने तस्करी के कुल 149 प्रकरण दर्ज किए। इन कार्यवाहियों में पुलिस ने लगभग 196 क्विंटल विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए, जिनकी कुल अंतरराष्ट्रीय कीमत 31 करोड़ 78 लाख रुपये के करीब है। इस व्यापक अभियान के दौरान कुल 346 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जो कि जिले के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।
डोडाचूरा और अफीम पर सबसे बड़ा प्रहार
Neemuch Police news में सबसे प्रमुख डोडाचूरा की जब्ती रही है। पुलिस ने कुल 121 प्रकरणों में 181 क्विंटल 63 किलो ग्राम डोडाचूरा जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 27.24 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, अफीम की तस्करी के विरुद्ध 14 प्रकरण दर्ज कर 29.371 किलोग्राम अफीम बरामद की गई। पुलिस ने गांजे के खिलाफ भी मोर्चा खोलते हुए 1134 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी बाजार में कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक है।
ड्रोन तकनीक से नशीली खेती का भंडाफोड़
आज की Neemuch Police news की सबसे आधुनिक बात यह है कि अब पुलिस पारंपरिक तरीकों से आगे निकल गई है। एसपी अंकित जायसवाल के निर्देश पर पुलिस ने ‘ड्रोन कैमरों’ का उपयोग कर उन खेतों का पता लगाया जहाँ छुपकर गांजे और अफीम की खेती की जा रही थी। दिसंबर 2025 में कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम शिवपुरिया और अमरगढ़ में ड्रोन के माध्यम से पुलिस ने 33 हजार गांजे के हरे पौधों की पहचान की। करीब 7.64 क्विंटल वजनी इन पौधों को नष्ट कर भू-स्वामियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही की गई।
सफेमा और पिट एनडीपीएस: आर्थिक रूप से तोड़ी कमर
तस्करों को केवल जेल भेजना काफी नहीं था, इसलिए Neemuch Police ने उनकी अवैध संपत्तियों को निशाना बनाया। वर्ष 2025 में 06 बड़े तस्करों के विरुद्ध सफेमा (SAFEMA) एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए उनकी 8 करोड़ 56 लाख रुपये की संपत्ति सीज की गई। इसके साथ ही, जिले के 05 कुख्यात अपराधियों के खिलाफ पिट एनडीपीएस (PIT NDPS) एक्ट लगाकर उन्हें लंबे समय के लिए जेल में निरुद्ध किया गया है।
नामी तस्करों की गिरफ्तारी: पुलिस की बड़ी जीत
इस वर्ष Neemuch Police ने कई ऐसे नामों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है जो लंबे समय से फरार चल रहे थे और तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। गिरफ्तार किए गए मुख्य तस्करों में शौकीन धाकड़, रतनलाल उर्फ कान्हा माली, राकेश बलाई, जमनालाल धाकड़ और तूफान बंजारा शामिल हैं। इन अपराधियों की गिरफ्तारी से नशा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर गहरी चोट पहुँची है।
पुलिस अधीक्षक का साफ संदेश है कि नशे के खिलाफ यह मुहिम साल 2025 के साथ खत्म नहीं होगी, बल्कि 2026 में और भी अधिक तीव्रता के साथ जारी रहेगी। Neemuch Police का उद्देश्य युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना और जिले में शांति व्यवस्था कायम करना है।

