Neemuch Police Jan Sunwai: SP अंकित जायसवाल का बड़ा एक्शन, 48 शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान

Neemuch Police Jan Sunwai

Neemuch Police Jan Sunwai

नीमच। जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन इन दिनों एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में आज नीमच जिला पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में Neemuch Police Jan Sunwai का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर की कमान खुद नीमच पुलिस कप्तान (SP) अंकित जायसवाल ने संभाली। शिविर के दौरान न केवल आम आवेदकों की सुनवाई की गई, बल्कि लंबे समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का भी संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया गया।

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दरअसल, यह पूरा अभियान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन जोन, श्री उमेश जोगा के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। उन्होंने पूरे उज्जैन जोन के सभी जिलों में मंगलवार को जिला स्तरीय जन सुनवाई और शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसी का परिणाम है कि आज नीमच में Neemuch Police Jan Sunwai के माध्यम से दर्जनों परिवारों को पुलिसिया कार्रवाई से राहत मिली।

सीएम हेल्पलाइन की 22 शिकायतों का मौके पर निपटारा

Neemuch Police Jan Sunwai में मंगलवार सुबह से ही पुलिस कंट्रोल रूम में आवेदकों की भीड़ जुटने लगी थी। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) की शिकायतों का निराकरण रही। एसपी अंकित जायसवाल ने शिविर के दौरान लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 की कुल 22 शिकायतों की फाइलें खोलीं। उन्होंने न केवल शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद किया, बल्कि संबंधित जांच अधिकारियों और थाना प्रभारियों को तलब कर वस्तुस्थिति जानी।

एसपी के कड़े रुख और संवेदनशीलता के कारण इन सभी 22 शिकायतों का मौके पर ही संतुष्टिपूर्वक निराकरण किया गया और पोर्टल पर शिकायतों को बंद करवाया गया। Neemuch Police Jan Sunwai में आए आवेदकों ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली की सराहना की, क्योंकि कई मामले तकनीकी या आपसी संवाद की कमी के कारण महीनों से अटके हुए थे।

आम आवेदकों के लिए एसपी का ‘ओपन डोर’ संवाद

सीएम हेल्पलाइन के अलावा, लगभग 26 अन्य फरियादी अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर एसपी अंकित जायसवाल के समक्ष उपस्थित हुए। Neemuch Police Jan Sunwai में जमीन विवाद, पारिवारिक झगड़े, पुलिस जांच में देरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। एसपी ने हर एक आवेदन को गंभीरता से पढ़ा और पीड़ितों को आश्वासन दिया कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने मौके पर मौजूद थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आए आवेदनों को रद्दी की टोकरी में न डालें, बल्कि उन पर समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच कर समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि आम नागरिक के मन में सुरक्षा का भाव जगाना भी है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: निष्पक्षता से हो काम

Neemuch Police Jan Sunwai शिविर के दौरान एसपी जायसवाल ने राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की क्लास भी ली। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भूमि विवाद और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अक्सर देखा जाता है कि छोटे विवाद समय पर न सुलझने के कारण बड़ी घटनाओं का रूप ले लेते हैं। Neemuch Police Jan Sunwai का मुख्य उद्देश्य यही है कि ऐसे विवादों को प्राथमिक स्तर पर ही सुलझा लिया जाए।

शिविर में जिले भर के आला अधिकारी रहे मौजूद

इस जिला स्तरीय शिकायत निवारण शिविर में पुलिस प्रशासन का पूरा अमला मुस्तैद नजर आया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिंह सिसोदिया, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सुश्री किरण चौहान, एसडीओपी जावद श्री रोहित राठौर, मनासा के प्रभारी एसडीओपी और उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) सुश्री निकीता सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा जिले के सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे, ताकि शिकायतों का निराकरण करने में कोई देरी न हो।

पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित इस Neemuch Police Jan Sunwai ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि अधिकारी संवेदनशील हों, तो जनता की आधी समस्याएं केवल सुनने मात्र से हल हो जाती हैं। नीमच एसपी की इस पहल से उन लोगों में एक नई उम्मीद जगी है जो लंबे समय से न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। पुलिस का यह “समाधान शिविर” जिले के अन्य विभागों के लिए भी एक नजीर पेश कर रहा है।


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