Neemuch Police NDPS Action: नशा माफिया पर ‘खाकी’ का वज्रपात; एक ही दिन में 1 करोड़ का माल जब्त और कुख्यात तस्कर को भेजा काल कोठरी

Neemuch Police NDPS Action
नीमच (क्राइम रिपोर्टर): मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे युद्ध में Neemuch Police NDPS Action अब तक के सबसे आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करते हुए जिला पुलिस कप्तान (SP) अंकित जायसवाल की टीम ने शुक्रवार को नशा माफियाओं की आर्थिक और शारीरिक दोनों कमर तोड़ दी।
जिले के दो अलग-अलग थानों—रतनगढ़ और सिंगोली—ने एक समन्वित रणनीति के तहत कार्यवाही करते हुए जहां 1 करोड़ रुपए से अधिक का अवैध मादक पदार्थ पकड़ा है, वहीं कानून के शिकंजे से बार-बार बच निकलने वाले एक आदतन अपराधी को विशेष कानून ‘पिट एनडीपीएस’ (PIT NDPS) के तहत सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की इस दोहरी मार से जिले के तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
रतनगढ़ में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 1 करोड़ का ‘काला सोना’ जब्त
पहली और सबसे बड़ी कार्यवाही रतनगढ़ थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, रतनगढ़ टीआई मनोज सिंह जादौन और डीकेन चौकी की टीम को एक खुफिया इनपुट मिला था। मुखबिर ने बताया कि राजस्थान सीमा से सटे रास्तों का इस्तेमाल कर तस्कर डोडाचूरा की एक बड़ी खेप निकालने की फिराक में हैं।
सूचना पुख्ता थी, लिहाजा पुलिस ने डीकेन-रतनगढ़ रोड पर जाल बिछाया। नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध बोलेरो लोडिंग पिकअप (RJ 21 GB 4972) आती दिखाई दी। पुलिस को देखते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।
तहकाने नहीं, बोरों में भरा था नशा: जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो उसमें 36 काले रंग के प्लास्टिक के कट्टे मिले। जब इन कट्टों को खोला गया, तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं। इनमें कुल 714 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा भरा हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय तस्करी रेट के हिसाब से इस डोडाचूरा की कीमत करीब 1 करोड़ 7 लाख 10 हजार रुपए आंकी गई है।
Neemuch Police NDPS Action के तहत पुलिस ने मौके से आरोपी भरत पिता पन्नालाल धाकड़ (32) निवासी ग्राम सरसी, थाना कनेरा (जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, उसका साथी रणजीत दायमा बंजारा अंधेरे या भगदड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस पार्टियां दबिश दे रही हैं। पुलिस ने वाहन और मोबाइल सहित कुल सवा करोड़ का मशरूका जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 का मामला दर्ज किया है।
सिंगोली में ‘ऑपरेशन क्लीन’: कुख्यात तस्कर पर लगा PIT NDPS
रतनगढ़ में जहां माल पकड़ा गया, वहीं सिंगोली पुलिस ने अपराधी को जड़ से खत्म करने की कार्यवाही की। सिंगोली थाना प्रभारी भुरालाल भांभर ने क्षेत्र के कुख्यात तस्कर और आदतन अपराधी अशोक उर्फ बंशीलाल पिता दुलीचन्द धाकड़ (36) निवासी ग्राम महूपुरा (पुरण) के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
अशोक धाकड़ कोई मामूली अपराधी नहीं है। वह तस्करी की दुनिया का एक पुराना खिलाड़ी है, जिस पर मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग थानों में 13 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चित्तौड़गढ़ से जोधपुर तक नेटवर्क: अशोक के खिलाफ विजयपुर, बेगू, भैंसरोडगढ़, जोधपुर और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) कोटा व उदयपुर में एनडीपीएस के कई मामले दर्ज हैं।
संपत्ति भी हो चुकी है कुर्क: आरोपी ने तस्करी के काले धंधे से जो काली कमाई की थी, उसे लेकर सफेमा (SAFEMA) मुंबई ने 2020 में ही उसकी और उसके परिजनों की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज (Freeze) करने की कार्यवाही की थी।
इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। अंततः Neemuch Police NDPS Action के तहत एसपी अंकित जायसवाल ने जिला दंडाधिकारी के माध्यम से उसे ‘पिट एनडीपीएस एक्ट’ (PIT NDPS – Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) में निरुद्ध करने का प्रस्ताव भेजा। उज्जैन संभाग आयुक्त के आदेश के बाद, आरोपी को गिरफ्तार कर 1 वर्ष के लिए केंद्रीय जेल इंदौर भेज दिया गया है। यह कानून उन तस्करों के लिए है जो सामान्य जमानत पर बाहर आकर दोबारा अपराध करते हैं।
एसपी का स्पष्ट संदेश: “बख्शा नहीं जाएगा”
इस पूरी कार्यवाही पर जिला पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि नीमच पुलिस का यह अभियान केवल जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करों के पूरे इको-सिस्टम को खत्म करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा,
“हम न केवल मादक पदार्थ पकड़ रहे हैं, बल्कि बार-बार अपराध करने वालों को PIT NDPS जैसे कड़े कानूनों के तहत जेल भी भेज रहे हैं।
अवैध संपत्ति की कुर्की की कार्यवाही भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।”
हीरो ऑफ द डे: पुलिस टीम
नीमच पुलिस की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे एएसपी नवलसिंह सिसोदिया और एसडीओपी जावद रोहित राठौर का मार्गदर्शन रहा। मैदानी स्तर पर रतनगढ़ टीआई मनोज सिंह जादौन, सिंगोली टीआई भुरालाल भांभर और उनकी टीमों ने जान जोखिम में डालकर इन ऑपरेशन्स को अंजाम दिया।

