Sand Penalty :नीमच में 4 माफियाओं पर अवैध रेत खनन के लिए 6 लाख का जुर्माना!

Sand Penalty

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नीमच (Neemuch News): प्राकृतिक संपदा की लूट और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ नीमच जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिले में लगातार पनप रहे अवैध रेत परिवहन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए, नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

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इस कड़ी कार्रवाई के तहत चार अलग-अलग प्रकरणों में रेत माफियाओं और अवैध परिवहनकर्ताओं पर कुल 6 लाख 7 हजार 552 रुपये की भारी-भरकम अवैध रेत खनन जुर्माना (Sand Penalty) लगाया गया है। इस बड़े एक्शन से न सिर्फ नीमच बल्कि सीमावर्ती राजस्थान के खनन माफियाओं में भी भारी हड़कंप मच गया है।

यह महज एक चालानी कार्रवाई नहीं है, बल्कि पर्यावरण को हो रहे गंभीर नुकसान की भरपाई के लिए उठाया गया एक कड़ा कदम है। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त अवैध रेत खनन जुर्माने (Sand Penalty) की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्राकृतिक संसाधनों की चोरी और अवैध परिवहन अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जो भी इस गोरखधंधे में लिप्त पाया जाएगा, उसे कानून के कड़े प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा।

आखिर कैसे हुई यह बड़ी कार्रवाई?

गौरतलब है कि पिछले काफी समय से खनिज विभाग और जिला प्रशासन को लगातार यह गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि नीमच और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर चित्तौड़गढ़ से जुड़े मार्गों पर कुछ वाहन मालिक अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे हैं।

इन पुख्ता सूचनाओं के आधार पर खनिज विभाग की टीम ने सघन चेकिंग अभियान और नाकेबंदी शुरू की। इस दौरान अवैध रूप से रेत ले जाते हुए चार वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

वाहनों की जब्ती के बाद, खनिज विभाग ने अवैध परिवहन का प्रकरण विधिवत पंजीबद्ध कर इसे कलेक्टर न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया। इन सभी मामलों की गहन सुनवाई करते हुए कलेक्टर श्री चंद्रा ने ‘म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022’ के सख्त प्रावधानों के तहत इन माफियाओं पर यह बड़ी अवैध रेत खनन जुर्माना (Sand Penalty) अधिरोपित की है।

किस पर कितना लगा जुर्माना? 

कलेक्टर न्यायालय द्वारा जिन चार लोगों पर गाज गिरी है, उनका विस्तृत ब्यौरा इस प्रकार है:

1. सबसे बड़ी कार्रवाई: 4.45 लाख रुपये की शास्ति

पहला और सबसे बड़ा मामला राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित ईटावा के निवासी देवीलाल पिता नारायणलाल का सामने आया है। अनावेदक वाहन मालिक देवीलाल द्वारा रेत का अवैध परिवहन बहुत बड़े पैमाने पर किया जा रहा था।

इस गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए खनिज रॉयल्टी का सीधे 15 गुना (अर्थशास्ति राशि 45,000 रुपये) वसूला है। साथ ही पर्यावरण को पहुंचाए गए भारी नुकसान के लिए 4 लाख रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति भी लगाई है। इस तरह अकेले इस प्रकरण में कुल 4 लाख 45 हजार रुपये की अवैध रेत खनन जुर्माना (Sand Penalty) लगाया गया है।

2. शुभम जायसवाल पर 1 लाख से अधिक का एक्शन

दूसरे प्रकरण में डगला का खेड़ा, जिला चित्तौड़गढ़ के ही निवासी शुभम पिता उमेश जायसवाल पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। अवैध रेत परिवहन के इस मामले में रॉयल्टी का 15 गुना यानी 12,195 रुपये और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 92,857 रुपये तय किए गए हैं। कुल मिलाकर इस अनावेदक पर 1 लाख 5 हजार 52 रुपये की अवैध रेत खनन जुर्माना (Sand Penalty) ठोक दिया गया है।

3. मनासा के दिनेश नागदा पर कार्रवाई

तीसरा मामला नीमच जिले के ही मनासा तहसील के अंतर्गत आने वाले खानखेड़ी के निवासी दिनेश पिता मुकेश नागदा का है। इस स्थानीय वाहन मालिक पर भी प्रशासन ने कोई नरमी नहीं दिखाई है। रॉयल्टी का 15 गुना (3,750 रुपये) और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के 25,000 रुपये मिलाकर कुल 28 हजार 750 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।

4. अर्जुन गुर्जर पर भी 28,750 रुपये का जुर्माना

चौथे और अंतिम मामले में पिपलियाखुर्द, मनासा (नीमच) के रहने वाले अर्जुन पिता गोपाल गुर्जर को अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इन पर भी दिनेश नागदा के समान ही कार्रवाई करते हुए, रॉयल्टी का 15 गुना (3,750 रुपये) और 25 हजार रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति के साथ कुल 28,750 रुपये की अवैध रेत खनन जुर्माना (Sand Penalty) लगाई गई है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम

इस पूरी कार्रवाई का सबसे अहम और ध्यान देने योग्य पहलू ‘पर्यावरण क्षतिपूर्ति’ का लगाया जाना है। पहले अक्सर यह देखा जाता था कि अवैध परिवहनकर्ता केवल मामूली रॉयल्टी की चोरी का जुर्माना भरकर आसानी से छूट जाते थे।

लेकिन नए नियमों (2022) के तहत प्रशासन ने नदियों के सीने को छलनी करने और इको-सिस्टम को हो रहे नुकसान का भी सटीक आकलन किया है। 6 लाख के कुल जुर्माने में से एक बहुत बड़ा हिस्सा केवल ‘पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने’ के एवज में ही वसूला जा रहा है।

नीमच जिला प्रशासन और खनिज विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भविष्य में भी इस तरह के सख्त अभियान लगातार जारी रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी कर दी है कि जो भी व्यक्ति या संगठित गिरोह राज्य की बहुमूल्य खनिज संपदा को नुकसान पहुंचाएगा, उस पर ऐसी ही भारी-भरकम अवैध रेत खनन जुर्माना (Sand Penalty) लगाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर वाहन राजसात करने के साथ-साथ संपत्ति कुर्क करने तक की नौबत आ सकती है।

इस एक्शन के बाद से ही पूरे इलाके के रेत माफिया भूमिगत होने लगे हैं और अवैध खनन की गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगने की उम्मीद है।


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