Piplon में बदमाशों का खौफ: दिनदहाड़े घर में घुसकर 50 हजार लूटे, जान बचाने भागे युवक का पत्थर से पीटकर तोड़ा पैर

Piplon
मनासा | दिलीप बोराना
नीमच/मनासा: मध्यप्रदेश के नीमच जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें दिन के उजाले में वारदात करने से भी डर नहीं लग रहा है। मनासा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम Piplon में शनिवार को एक ऐसी ही हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यहाँ दो नकाबपोश बदमाशों ने एक किसान के घर को निशाना बनाते हुए न केवल हजारों की लूट की, बल्कि विरोध करने पर जानलेवा हमला भी किया।
Piplon में दोपहर की शांति को बदमाशों ने किया भंग
घटना शनिवार देर शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच की है। ग्राम Piplon के निवासी जगदीश धनगर पिता भागीरथ धनगर (उम्र 40 वर्ष) ने बताया कि उनके बड़े भाई श्यामलाल धनगर के घर के बाहर एक अज्ञात मोटरसाइकिल रुकी। उस पर दो युवक सवार थे, जिन्होंने अपने चेहरे नकाब से ढंक रखे थे। घर में सन्नाटा देखकर बदमाश अंदर घुसे और सीधे उस अलमारी तक पहुँच गए जहाँ नकदी रखी थी। बदमाशों ने पलक झपकते ही अलमारी से 50 हजार रुपये नकद निकाले और फरार होने लगे।
इसी बीच, जगदीश के भतीजे अक्षय धनगर ने बदमाशों को घर से संदिग्ध अवस्था में भागते हुए देख लिया। अक्षय ने तुरंत चिल्लाकर शोर मचाया, जिससे ग्रामीण इकट्ठा होने लगे। Piplon जैसे शांत गाँव में दिनदहाड़े इस तरह की हरकत से हड़कंप मच गया।
साहस पड़ा भारी: पीछा किया तो बदमाशों ने घेरा
उस वक्त पीड़ित जगदीश धनगर पास के ही खेत पर दवा का छिड़काव कर रहे थे। जैसे ही उन्हें लूट की सूचना मिली, उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपनी मोटरसाइकिल उठाई और बदमाशों का पीछा करना शुरू किया। Piplon से शुरू हुआ यह पीछा करीब 5-6 किलोमीटर तक चला। बदमाश भागते हुए हाड़ी पिपलिया स्थित बांछड़ा डेरे में जा घुसे।
जगदीश ने हार नहीं मानी और वे भी डेरे तक पहुँच गए। लेकिन वहां स्थिति उलट गई। बदमाशों ने अपने साथियों को बुला लिया और डेरे के लोगों ने एकजुट होकर जगदीश को घेर लिया। उन पर पत्थरों और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए जगदीश के पैर और कमर पर भारी पत्थरों से वार किए, जिससे उनका एक पैर गंभीर रूप से टूट गया। बदमाशों ने जगदीश की मोटरसाइकिल को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस की एंट्री और अस्पताल में उपचार
जब Piplon के अन्य ग्रामीण और परिजन वहां पहुंचे, तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। सूचना मिलते ही मनासा और कुकडेश्वर थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने डायल 112 की मदद से लहूलुहान जगदीश को मनासा शासकीय अस्पताल पहुँचाया। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा रोष व्याप्त है और उन्होंने देर शाम मनासा थाने का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नामजद FIR दर्ज: आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश
थाना प्रभारी शिव रघुवंशी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित के बयान और क्षेत्र के पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाले। थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिक जांच और पीड़ित की पहचान के आधार पर नीरज पिता नरेंद्र बाछड़ा और अक्षय पिता कवरलाल बांछड़ा के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें गठित की हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र के डेरों में आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है और Piplon के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की सख्त जरूरत है।
सुरक्षा पर सवाल
Piplon की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में भी अब किसान और आम जन सुरक्षित नहीं हैं। दिनदहाड़े घर में घुसकर चोरी करना और फिर विरोध करने वाले पर जानलेवा हमला करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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