रक्षक बना भक्षक: Police Constable ने पत्नी पर किया चाकू से जानलेवा हमला, बीच-बचाव करने आई सास का भी दबाया गला

Police Constable
नीमच: खाकी वर्दी, जिसे समाज की सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, जब वही वर्दी अहंकार और नशे के मेल से कलंकित होने लगे, तो न्याय व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। नीमच जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहाँ रतलाम पुलिस में पदस्थ एक Police Constable ने न केवल कानून की मर्यादा लांघी, बल्कि मानवीय रिश्तों को भी तार-तार कर दिया। बुधवार रात को हुई इस हिंसक वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
शराब के नशे में मचाया तांडव
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी Police Constable हरिसिंह बावरी, जो वर्तमान में रतलाम के स्टेशन रोड थाना (दो-बत्ती) में तैनात है, बुधवार रात करीब 8 बजे नीमच सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम केलुखेड़ा पहुँचा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हरिसिंह उस समय अत्यधिक शराब के नशे में था और उसके चेहरे पर वर्दी का घमंड साफ झलक रहा था।
ससुराल पहुँचते ही उसने बिना किसी कारण के गाली-गलौज शुरू कर दी। घर में मौजूद उसकी पत्नी जीवनबाला ने जब उसे शांत करने की कोशिश की, तो आरोपी और उग्र हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि इस Police Constable ने अपनी जेब से चाकू निकाला और जीवनबाला पर हमला बोल दिया। इस दौरान जब उसकी सास ने अपनी बेटी को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उनका गला दबा दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
खून से सनी ममता और वर्दी का दुरुपयोग
पीड़िता जीवनबाला पिछले छह महीनों से अपने मायके केलुखेड़ा में ही रह रही थी। वह अपनी डिलीवरी के बाद से ही यहाँ अपने मासूम बच्चे के साथ रुकी हुई थी। एक माँ जो अपने बच्चे के साथ शांति से जीवन बिता रही थी, उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उसका पति, जो खुद एक कानून का रखवाला है, इस तरह का खूनी खेल खेलेगा।
चाकू के हमले के दौरान जीवनबाला ने जब खुद को बचाने की कोशिश की, तो उसके हाथ की उंगलियां बुरी तरह कट गईं। घर के आंगन में खून की बूंदें बिखर गईं और चीख-पुकार मच गई। इस Police Constable की दरिंदगी को देख ग्रामीण इकट्ठा हो गए, जिसके बाद आरोपी वहाँ से भाग निकला। परिजनों ने तत्काल लहूलुहान हालत में जीवनबाला को जिला चिकित्सालय नीमच पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
वर्दी के रौब में प्रताड़ना का सिलसिला
अस्पताल में उपचार के दौरान पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, वह दिल दहला देने वाली है। जीवनबाला ने बताया कि हरिसिंह अक्सर उसे पुलिस की वर्दी का डर दिखाता है। वह कहता है कि “मैं पुलिस में हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इसी वर्दी के रौब में वह आए दिन अपनी पत्नी के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करता था।
यह Police Constable न केवल घरेलू हिंसा का दोषी है, बल्कि उसने पुलिस विभाग की उस गरिमा को भी ठेस पहुँचाई है, जिसके लिए हजारों जवान दिन-रात मेहनत करते हैं। पीड़िता ने अब पुलिस के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उसने माँग की है कि ऐसे हिंसक और शराबी व्यक्ति को विभाग में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच के घेरे में आरोपी और पुलिस की साख
नीमच सिटी पुलिस ने मामला संज्ञान में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह विभाग का अपना कर्मचारी ही क्यों न हो। इस Police Constable के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर रक्षक ही इस तरह की वारदात को अंजाम देंगे, तो आम आदमी किसके पास सुरक्षा के लिए जाएगा? फिलहाल, घायल महिला की स्थिति स्थिर है, लेकिन इस घटना ने घरेलू हिंसा और पुलिसकर्मियों के व्यवहारिक प्रशिक्षण पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि विभाग अपने इस दागी Police Constable पर क्या और कितनी जल्दी एक्शन लेता है।
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