गेहूं और तुलसी के बीच चल रही थी ‘साजिश’, रामपुरा में गांजा खेती पर पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; 5000 पौधे जब्त

रामपुरा में गांजा खेती

रामपुरा में गांजा खेती

नीमच/रामपुरा न्यूज़: रामपुरा में गांजा खेती पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नीमच पुलिस का अभियान अब खेतों तक पहुंच गया है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए ‘डाले-डाले’ चलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ‘पाते-पाते’ साबित हुई। ताजा मामला रामपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां रामपुरा में गांजा खेती (Cannabis Farming) के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने करीब 5000 पौधे बरामद किए हैं।

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इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब अवैध कारोबारियों की खैर नहीं है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 3 क्विंटल से ज्यादा वजन का गांजा जब्त किया है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी गई है।

रामपुरा में गांजा खेती: मुखबिर ने खोली पोल

पुलिस को अपराधियों तक पहुंचाने में सबसे बड़ा हथियार ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस‘ यानी मुखबिर तंत्र होता है। 10 जनवरी 2026 की तारीख तस्करों के लिए काली साबित हुई। रामपुरा पुलिस को एक सटीक सूचना मिली थी कि ग्राम करनीखेड़ा (Karnikheda) के इलाके में कुछ ऐसा चल रहा है जो कानून की नजर में गुनाह है।

मुखबिर ने बताया कि नाले के किनारे स्थित खेतों में सामान्य फसलों की आड़ में रामपुरा में गांजा खेती को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजय सागरिया ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और एक विशेष टीम का गठन कर मौके के लिए रवाना हो गए।

तुलसी की पवित्रता की आड़ में काला धंधा

जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। तस्करों ने रामपुरा में गांजा खेती को छिपाने के लिए गजब का दिमाग लगाया था। खेत में गेहूं और तुलसी की फसल खड़ी थी। तुलसी, जिसे पवित्र माना जाता है, उसकी आड़ में नशीले गांजे के पौधे लहलहा रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह तरीका इसलिए अपनाया गया था ताकि दूर से देखने पर या ड्रोन सर्वे में यह पता न चले कि यहां रामपुरा में गांजा खेती हो रही है। लेकिन पुलिस की पैनी नजर से ये पौधे बच नहीं सके और रामपुरा में गांजा खेती का भंडाफोड़ हो गया। खेत में घुसते ही पुलिस ने एक-एक पौधे की पहचान की और उन्हें उखाड़ना शुरू किया।

रामपुरा में गांजा खेती 5000 पौधे और 9.50 लाख का माल जब्त

पुलिस की यह कार्रवाई घंटों तक चली। खेत से एक के बाद एक करीब 5,000 गांजे के हरे पौधे उखाड़े गए। जब इन पौधों का वजन किया गया, तो वह 3 क्विंटल 20 किलोग्राम (320 KG) निकला। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए गांजे की कुल अनुमानित कीमत 9 लाख 50 हजार रुपये है।

सोचिए, अगर पुलिस समय रहते रामपुरा में गांजा खेती के इस मामले का खुलासा न करती, तो यह खेप पक कर तैयार हो जाती और फिर नशा तस्कर इसे युवाओं तक पहुंचा देते।

आरोपी फरार, जमीन मालिक की तलाश तेज

रामपुरा में गांजा खेती पर पूरी कार्रवाई में पुलिस को माल तो हाथ लग गया, लेकिन आरोपी मौके का फायदा उठाकर गायब हो गए या वहां मौजूद नहीं थे। पुलिस ने अज्ञात खेत मालिक और वहां खेती करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

विवेचना अधिकारी अब राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि जिस खेत में रामपुरा में गांजा खेती हो रही थी, वह असल में किसके नाम पर है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

पुलिस टीम की भूमिका

एसपी अंकित जायसवाल के सख्त निर्देशों के बाद पूरे जिले में अवैध नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है। एएसपी नवल सिंह सिसोदिया और एसडीओपी निकिता सिंह के मार्गदर्शन में रामपुरा थाना प्रभारी विजय सागरिया ने अपनी टीम के साथ इस आपरेशन को सफल बनाया।

इस कार्रवाई में एएसआई नसीम अहमद, अब्दुल अलीम और प्रधान आरक्षक देवेश मालवीय, नितिन पुरोहित सहित पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई। रामपुरा में गांजा खेती के इस भंडाफोड़ से इलाके के अन्य तस्करों में खौफ का माहौल है।


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