सामिया बालाजी धाम में महा-भजन संध्या का भव्य आयोजन, विधायक माधव मारू ने दी संगीतमय प्रस्तुति

मनासा, नीमच। क्षेत्र के आस्था का केंद्र, सामिया बालाजी धाम मंदिर (कुंडला नलवां रोड, मनासा, नीमच, मध्य प्रदेश) में गत 11 नवंबर की रात को भक्ति और सामुदायिक सद्भाव का एक अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। आसपास के 16 गांवों के युवाओं और ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से यहां एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने एकता और भक्ति के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सामिया बालाजी धाम कुंडला, खानखेड़ी, कुंडवासा, कोराखेड़ी, पिपल्या भागवत, मेरियाखेड़ी, दणी, देथल, सेमली आंतरी, पिपल्या मनाजी, देवरी आंतरी, कड़ी आंतरी, भदवा, लसुडिया आंतरी और राजपुरा के समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त प्रयासों से सफल बनाया गया।
सुप्रसिद्ध कलाकारों की मधुर प्रस्तुतियां
भजन संध्या में राजस्थान और मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से रात भर समां बांधे रखा। मुख्य रूप से प्रेम शंकर जाट, प्यारे लाल गुर्जर, श्रवण सिंदरी, और बाबलू राजस्थानी सहित कई प्रख्यात कलाकारों ने मंच संभाला। उनकी सुमधुर भजनों पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
विधायक माधव मारू की विशेष भजन प्रस्तुति
कार्यक्रम में मनासा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री माधव मारू की विशेष उपस्थिति ने चार चांद लगा दिए। विधायक मारू ने मंच पर हनुमान जी को समर्पित एक ओजस्वी भजन प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और ‘जय श्री बालाजी’ और ‘जय हनुमान’ के गगनभेदी जयकारों से धाम परिसर गूंज उठा।
लाइव प्रसारण और रिकॉर्ड भागीदारी
इस भव्य आयोजन में 400 से अधिक युवाओं ने सक्रिय रूप से व्यवस्थाएं संभालीं, जो 16 गांवों के बीच मजबूत तालमेल का प्रतीक था। साथ ही, सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने भक्ति के माहौल को और गहरा किया। इस पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (“नीमच भजन गायक” यूट्यूब चैनल पर) किया गया, जिससे हजारों दर्शक ऑनलाइन माध्यम से भी इस पुण्य लाभ के साक्षी बने। युवा मित्र मंडल सामिया धाम ने पूरे आयोजन को अनुशासित और व्यवस्थित रूप से संचालित किया।
जीवनपर्यंत आयोजन का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर युवा मित्र मंडल की एक बैठक आयोजित हुई। इसमें सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया: समिति द्वारा हर वर्ष 11 नवंबर को इसी भव्यता के साथ भजन संध्या का आयोजन जीवनपर्यंत जारी रखा जाएगा।
देर रात तक पूरा सामिया बालाजी धाम परिसर “जय श्री बालाजी” और “जय हनुमान” के जयकारों से गुंजायमान रहा, जो क्षेत्र में भक्ति और युवा शक्ति के सफल समन्वय को दर्शाता है।

