Sarkar Upkar Bus Accident: मौत के सफर में ‘सरकार उपकार’ की मनमानी, 1 महीने में दूसरा भीषण हादसा; यात्रियों ने देखा मौत का मंजर

Sarkar Upkar Bus Accident
इंदौर/सिंगोली (राजेश कोठारी)| मध्य प्रदेश की सड़कों पर यात्रियों की सुरक्षा अब भगवान भरोसे नजर आ रही है। विशेषकर इंदौर-भीलवाड़ा मार्ग पर चलने वाली सरकार उपकार बस सेवा अब यात्रियों के लिए हादसों का सफर बन चुकी है। ताजा Sarkar Upkar Bus Accident ने एक बार फिर परिवहन विभाग के दावों की पोल खोल दी है। बेलगाम रफ्तार, अनफिट वाहन और अनुभवहीन चालकों के कारण इस रूट पर सफर करने वाले सैकड़ों यात्री हर पल मौत के साये में रहने को मजबूर हैं।
सुपर कॉरिडोर पर भीषण टक्कर: पलट गया कंटेनर
भीलवाड़ा से इंदौर की ओर आ रही सरकार उपकार बस (AR01/6632) के चालक ने इंदौर के व्यस्त लवकुश चौराहे (सुपर कॉरिडोर) के पास लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस इतनी तेज गति में थी कि सामने से गुजर रहे एक भारी-भरकम कंटेनर को उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विशालकाय कंटेनर सड़क पर ही पलट गया।
इस Sarkar Upkar Bus Accident के होते ही बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। बस में सवार यात्री अपनी सीटों से उछलकर आगे के हिस्सों और लोहे की रॉड से जा टकराए। इस दुर्घटना में कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद, अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय चालक मौके से फरार हो गया, जो उसकी घोर लापरवाही को दर्शाता है।
“ब्रेक नहीं लग रहे थे और ड्राइवर बहस कर रहा था”
Sarkar Upkar Bus Accident का शिकार हुई इस बस में मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप जैन भी सवार थे। उन्होंने घटना का जो विवरण दिया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। श्री जैन ने बताया कि बस की हालत अत्यंत जर्जर थी और उसके ब्रेक पूरी तरह से काम नहीं कर रहे थे।
उन्होंने खुलासा किया कि, “रूट पर चलने को लेकर यात्रियों और चालक के बीच बहस हुई थी, जिससे आक्रोशित होकर ड्राइवर ने बस की रफ्तार और बढ़ा दी। बस इतनी स्पीड में थी कि सामने से क्रॉस हो रहे कंटेनर को देखकर भी ड्राइवर उसे कंट्रोल नहीं कर पाया।” श्री जैन ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस Sarkar Upkar Bus Accident के लिए शत-प्रतिशत बस चालक और प्रबंधन की लापरवाही जिम्मेदार है।
एक महीने में दूसरा हादसा: प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
यह घटना कोई इत्तेफाक नहीं है। रिकॉर्ड बताते हैं कि इंदौर से भीलवाड़ा के बीच चलने वाली सरकार उपकार की बसों के साथ पिछले एक माह में यह दूसरा बड़ा हादसा है। पिछले सप्ताह भी इसी बस के साथ दुर्घटना हुई थी, जिसमें कई यात्रियों को चोटें आई थीं। बार-बार हो रहे इन Sarkar Upkar Bus Accident के बावजूद जिला प्रशासन और परिवहन विभाग (RTO) ने अब तक बस मालिकों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है।
सिंगोली के छात्रों और यात्रियों का आर्थिक व मानसिक शोषण
इस रूट पर बसों की कमी का फायदा उठाकर बस संचालक यात्रियों का जमकर शोषण कर रहे हैं। सिंगोली क्षेत्र से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के लिए इंदौर आते-जाते हैं। चूंकि इस रूट पर यही बस मुख्य विकल्प है, इसलिए बस स्टाफ यात्रियों से मनमाना किराया वसूलता है। इतना ही नहीं, यात्रियों को उनके तय स्टैंड पर न उतारते हुए बीच रास्ते में उतार दिया जाता है, जिससे उन्हें अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए डेढ़ से दो गुना अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
जनता की मांग: रद्द हो परमिट, दर्ज हो FIR
आए दिन होने वाले हादसों से यात्रियों में भय और दहशत का माहौल है। आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ऐसी अनफिट बसों को सड़क पर उतारने वाले बस मालिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। यात्रियों का कहना है कि जब तक इन बसों के परमिट निरस्त नहीं किए जाते और लापरवाह मालिकों पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं होती, तब तक यात्रियों की जान दांव पर लगी रहेगी।

