नियति का क्रूर प्रहार: नीमच में खौफनाक Scorpio Crash, माँ की मृत्यु के कुछ दिन बाद ही अस्पताल पहुँचा अनाथ पवन जोशी; अब सिर्फ दादी का सहारा

Scorpio Crash
नीमच (मध्य प्रदेश): कहते हैं कि दुख कभी अकेले नहीं आता, और नीमच के युवा पवन जोशी के लिए यह कहावत कड़वी सच्चाई बन गई है। शुक्रवार की आधी रात को सिटी रोड पर हुआ भीषण Scorpio Crash महज़ एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक ऐसे नौजवान की त्रासदी है जो पहले ही अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा था। जिस पवन ने एक बेज़ुबान गाय की जान बचाने के लिए अपनी गाड़ी मोड़ दी, आज वह खुद अस्पताल के बिस्तर पर अपनी ज़िंदगी की जंग लड़ रहा है, और उसके सिर पर हाथ रखने वाला भी कोई नहीं है।
दुखों का अंतहीन सिलसिला: पिता के बाद अब माँ का भी छूटा साथ
इस हादसे की सबसे हृदयविदारक सच्चाई यह है कि पवन जोशी (25 वर्ष) के सिर से पिता का साया बरसों पहले ही उठ चुका था। पिता के जाने के बाद माँ ही उसका एकमात्र संबल और सहारा थी। लेकिन कुदरत का सितम देखिए कि अभी कुछ ही दिन पहले ही पवन की माँ का भी निधन हुआ है। माँ के जाने का गम अभी ताजा था, घर में सूतक का सन्नाटा पसरा ही था कि इस Scorpio Crash ने पवन को मौत के मुँह में धकेल दिया।
अनाथ हो चुके पवन के परिवार में अब खुशियों के नाम पर बहुत कम बचा है। इस वक्त घर में उसकी देखभाल के लिए सिर्फ एक बूढ़ी दादी और बड़े भाई-भाभी ही बचे हैं। माँ-बाप को खोने के बाद पवन के लिए यह बड़ा भाई और भाभी ही माता-पिता के समान सहारा हैं, लेकिन अब इस हादसे ने पूरे परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़कर रख दिया है।
कैसे हुआ यह भीषण Scorpio Crash?
घटना शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे की है। पवन अपनी स्कॉर्पियो (क्रमांक 22 BH 6171 C) लेकर छावनी मुक्तिधाम के सामने से गुजर रहा था। अचानक अंधेरे में एक गाय सड़क पर आ गई। माँ को खोने के गम में डूबा पवन, शायद उस पल एक और जान को जाते हुए नहीं देख सका और उसने गाय को बचाने के लिए तेजी से गाड़ी मोड़ी।
यही मानवीय संवेदना इस भीषण Scorpio Crash का कारण बन गई। बेकाबू हुई स्कॉर्पियो सीधे सड़क किनारे बनी तीन गुमटियों में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोहे के खंभे मुड़ गए और लकड़ी की दुकानें ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। पवन इस मलबे और गाड़ी के बीच बुरी तरह फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
तीन परिवारों की रोजी-रोटी और एक घायल का दर्द
हादसे वाली जगह का मंजर शनिवार सुबह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। एक तरफ मलबे में तब्दील हुई तीन दुकानें थीं, जो तीन गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का जरिया थीं। वहाँ खड़ी एक मोटरसाइकिल भी इस Scorpio Crash में कबाड़ बन गई। दूसरी तरफ, जिला अस्पताल में भर्ती पवन है, जिसके पास अब रोने के लिए भी कोई कंधा नहीं बचा है।
दुकानदारों का नुकसान जहाँ आर्थिक है, वहीं पवन का नुकसान भावनात्मक और शारीरिक है। प्रशासन और समाज के लिए यह सोचने का विषय है कि ऐसे मुश्किल वक्त में इस अनाथ युवक की मदद कैसे की जाए।
जाँच और प्रशासन की भूमिका
नीमच सिटी पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना कर स्कॉर्पियो को ज़ब्त कर लिया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी गुस्सा है कि आवारा पशुओं की समस्या का समाधान क्यों नहीं किया जा रहा? अगर सड़कों पर मवेशी न होते, तो शायद पवन को इतनी बड़ी कीमत न चुकानी पड़ती।
पवन जोशी की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पूरा शहर अब उस युवक के लिए दुआ कर रहा है जिसने एक बेज़ुबान की जान बचाने के चक्कर में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। यह Scorpio Crash हमें याद दिलाता है कि कभी-कभी नेक इरादों की कीमत बहुत भारी पड़ती है।
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