Singoli Police का शर्मनाक चेहरा: 4 निर्दोषों की बेरहमी से पिटाई और ₹15000 वसूली का सनसनीखेज आरोप

Singoli Police
नीमच/सिंगोली। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में Singoli Police एक बार फिर विवादों के घेरे में है। खाकी की साख पर तब बट्टा लग गया जब ग्रामीणों ने पुलिस के आला अधिकारियों पर अवैध वसूली और प्रताड़ना के गंभीर आरोप जड़ दिए। यह मामला सिंगोली थाना क्षेत्र का है, जहाँ रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं। पीड़ितों ने अपनी पीड़ा नीमच एसपी को जनसुनवाई के माध्यम से बताई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
बिना अपराध मिली ‘हवालात’ की सजा
घटनाक्रम के अनुसार, ग्राम धनगांव के निवासी ओमप्रकाश माली ने शिकायत दर्ज कराई है कि 10 जनवरी 2026 की शाम Singoli Police के अधिकारियों ने बिना किसी वैध कारण के उन्हें और उनके तीन अन्य साथियों—दीपक कुमार, बाबूलाल और चेनाराम—को थाने बुलाया। पीड़ितों का आरोप है कि थाना प्रभारी बी.एल. भाबर और एसआई शाकिर खान ने बिना किसी प्राथमिक जांच या पूछताछ के उन्हें सीधे लॉकअप में डाल दिया।
₹15,000 की वसूली और बेरहमी से पिटाई
आरोप केवल अवैध हिरासत तक सीमित नहीं हैं। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि रातभर उन्हें हवालात में बंद रखा गया और इस दौरान उनके साथ गंदी गालियां और मारपीट की गई। प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं रुका; पीड़ितों का दावा है कि उन्हें छोड़ने के बदले Singoli Police के जिम्मेदार अधिकारियों ने ₹15,000 की अवैध राशि वसूली। यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला नजर आता है।
जमीनी विवाद में पुलिस की अनुचित दखलअंदाजी
पूरा मामला प्रभुलाल माली और चेनाराम माली के बीच जमीन के सौदे और ₹2 लाख के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। 10 जनवरी को दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी, जिसमें एक महिला के गिरने की बात भी सामने आई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिस ओमप्रकाश और अन्य युवकों को पुलिस ने उठाया, उनका इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। पीड़ितों का आरोप है कि Singoli Police ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर उन पर दबाव बनाने के लिए यह फर्जी और मनगढ़ंत कार्रवाई की है।
नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई
पुलिस मैनुअल और मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाते हुए की गई यह कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है। Singoli Police की इस कार्यशैली ने पुलिस की ‘जनमित्र’ वाली छवि को तार-तार कर दिया है। पीड़ित पक्ष ने नीमच एसपी से मांग की है कि दोषी थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए और विभागीय जांच बैठाई जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत उज्जैन रेंज के डीआईजी को भी भेजी गई है।
यदि एक आम आदमी पुलिस थाने में खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह व्यवस्था की विफलता है। Singoli Police पर लगे ये आरोप बेहद गंभीर हैं और यदि इसमें सच्चाई पाई जाती है, तो यह नीमच पुलिस की साख के लिए बड़ा झटका होगा। जनता अब एसपी नीमच के निष्पक्ष निर्णय की प्रतीक्षा कर रही है।
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