Soybean Chori का सनसनीखेज खुलासा: 10 दिन, 4 राज्य और 45 लाख की रिकवरी; पुलिस ने चित्तौड़गढ़ के बदमाशों को दबोचा

Soybean Chori

Soybean Chori

उज्जैन (बड़नगर)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के अंतर्गत आने वाले बड़नगर क्षेत्र में पिछले दिनों हुई Soybean Chori की एक बड़ी वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और तकनीकी दक्षता को साबित कर दिया है। बड़नगर कृषि उपज मंडी से करीब 15 लाख रुपए मूल्य की सोयाबीन से भरे ट्रक को गायब करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

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इस पूरी कार्रवाई की सबसे खास बात पुलिस का वह ‘ऑपरेशन चेज’ रहा, जिसमें टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए करीब 10 दिनों तक मध्य प्रदेश और राजस्थान के आधा दर्जन शहरों में खाक छानी। अंततः पुलिस ने घेराबंदी कर न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि 45 लाख रुपए का कीमती मशरूका भी बरामद कर लिया है।

मंडी से अचानक गायब हुआ कीमती पीला सोना

घटना की जड़ें 25 दिसंबर की रात से जुड़ी हैं। बड़नगर के प्रतिष्ठित अनाज व्यापारी नरेंद्र पिता सतीशचंद्र राठी, जो अपने भाई अतुल राठी के साथ मिलकर ‘फर्म सतीश चन्द्र गीरिश चन्द्र’ का संचालन करते हैं, उन्होंने पुलिस को Soybean Chori की सूचना दी थी। व्यापारी के मुताबिक, मंडी परिसर स्थित उनके गोदाम के सामने 280 क्विंटल सोयाबीन से भरा एक ट्रक खड़ा था। इस माल को नीमच की प्रसिद्ध ‘मोरवी नंदन प्रोटीन्स लिमिटेड’ कंपनी में डिलीवर किया जाना था।

लेकिन, अगली सुबह जब व्यापारी और ट्रक चालक वहां पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लाखों की सोयाबीन से लदा हुआ ट्रक वहां से नदारद था। बड़नगर पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर तत्काल मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह किसी स्थानीय चोर का काम नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल गिरोह द्वारा अंजाम दी गई Soybean Chori है।

10 दिन और 4 राज्यों का सफर: पुलिस का ‘फिल्मी’ पीछा

थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार पाटीदार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम के लिए यह केस एक बड़ी चुनौती था। चूंकि ट्रक की लोकेशन बार-बार बदल रही थी, पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर पीछा करना शुरू किया। Soybean Chori के इस मामले में पुलिस टीम नीमच से होते हुए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ पहुंची, वहां से सुराग मिलते ही टीम जयपुर के लिए रवाना हुई।

पुलिस की टीम ने करीब 10 दिनों तक आरोपियों का साये की तरह पीछा किया। आरोपी इतने शातिर थे कि वे मुख्य हाईवे के बजाय लिंक रोड का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि टोल नाकों पर लगे कैमरों से बच सकें। लेकिन उज्जैन पुलिस की तकनीकी टीम ने उनकी हर चाल को नाकाम कर दिया। जब आरोपियों को लगा कि वे पुलिस की पहुंच से दूर निकल चुके हैं, तभी पुलिस ने रतलाम और धार जिले के सीमावर्ती इलाकों में जाल बिछाया।

वंडर सीमेंट फैक्ट्री के पास हुई फाइनल घेराबंदी

पुलिस को सटीक मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि Soybean Chori का वह ट्रक धार जिले के बदनावर क्षेत्र से गुजरने वाला है। बिना समय गंवाए पुलिस टीम ने बदनावर स्थित वंडर सीमेंट फैक्ट्री के पास मोर्चा संभाला और सड़क पर घेराबंदी कर दी। जैसे ही चोरी गया ट्रक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।

ट्रक में सवार दो युवकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सूरजमल कुमावत (32 वर्ष) और तनिष्क कुमावत (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही बड़नगर मंडी से इस Soybean Chori को अंजाम दिया था।

45 लाख का माल जब्त, व्यापारियों ने ली राहत की सांस

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी 279 क्विंटल सोयाबीन बरामद कर ली है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 15 लाख रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया 30 लाख रुपए कीमत का ट्रक भी जब्त किया गया है। कुल मिलाकर Soybean Chori के इस केस में पुलिस ने 45 लाख रुपए का माल बरामद करने में सफलता पाई है।

इस बड़ी सफलता के बाद बड़नगर मंडी के व्यापारियों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया है। हालांकि, यह मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों के बड़े कबाड़ियों और अनाज माफियाओं से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस Soybean Chori के पीछे मंडी का ही कोई ‘भेदी’ शामिल था जिसने आरोपियों को माल की रवानगी की सटीक जानकारी दी थी।


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