Utkarsh Amitabh AI Success: रात में सिर्फ 3.5 घंटे काम और ₹2.69 करोड़ की कमाई, दुनिया के लिए मिसाल बना यह भारतीय

Utkarsh Amitabh AI Success
लंदन/नीमच: आज के दौर में जब पूरी दुनिया में यह बहस छिड़ी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की नौकरियां छीन लेगा, वहीं ब्रिटेन में रहने वाले एक भारतीय मूल के शख्स ने इस तकनीक को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। हम बात कर रहे हैं उत्कर्ष अमिताभ की, जिन्होंने Utkarsh Amitabh AI Success की एक ऐसी कहानी लिखी है, जो किसी भी प्रोफेशनल के लिए एक सपना हो सकती है।
महज रात के 3.5 घंटे काम करके और अपनी फुल-टाइम जिम्मेदारियों को निभाते हुए, Utkarsh Amitabh AI Success उत्कर्ष ने कुछ ही महीनों में करीब 2.69 करोड़ रुपये (लगभग $300,000) की कमाई कर ली है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर उन्होंने यह कारनामा कैसे किया और उनका यह सफर युवाओं के लिए क्यों खास है। image src (@utkarsh998) – Instagram
AI को बनाया कमाई का जरिया, न कि खतरा
अक्सर हम सुनते हैं कि एआई आने से लेखकों और कोडर्स की नौकरी खतरे में है। लेकिन उत्कर्ष ने साबित किया कि अगर सही स्किल हो, तो एआई एक सोने की खान है। ब्रिटेन में बसे उत्कर्ष अमिताभ अपनी मुख्य नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ एक ‘सुपर साइड हसल’ (Part-time job) चला रहे हैं।
वह एआई टूल्स को ट्रेन करने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए रात में काम करते हैं। इस काम के लिए उन्हें प्रति घंटा लगभग $200 (करीब 18,000 रुपये) मिलते हैं। जनवरी 2025 से अब तक, उन्होंने इस पार्ट-टाइम काम से बिना किसी प्रोजेक्ट बोनस के ही करोड़ों रुपये कमा लिए हैं। उनकी यह सफलता उन आलोचकों को करारा जवाब है जो तकनीक को बेरोजगारी का कारण मानते हैं।
कौन हैं उत्कर्ष अमिताभ? (Profile & Background)
34 वर्षीय उत्कर्ष का बैकग्राउंड बेहद मजबूत है, जो उनकी Utkarsh Amitabh AI Success की नींव बना।
शिक्षा: उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मॉरल फिलॉसफी में मास्टर डिग्री हासिल की है। फिलहाल, वह दुनिया के प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘सैद बिजनेस स्कूल’ से पीएचडी कर रहे हैं।
अनुभव: उत्कर्ष ने टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के साथ 6 साल से अधिक समय तक काम किया है। वहां उन्होंने क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई पार्टनरशिप जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स संभाले।
वर्तमान भूमिका: वह एक लेखक हैं, यूनिवर्सिटी लेक्चरर हैं और ग्लोबल मेंटरशिप प्लेटफॉर्म ‘नेटवर्क कैपिटल’ (Network Capital) के संस्थापक और सीईओ भी हैं।
कैसे शुरू हुआ करोड़ों की कमाई का यह सफर?
यह कहानी तब शुरू हुई जब ‘micro1’ नामक एक डेटा-लेबलिंग स्टार्टअप ने उत्कर्ष से संपर्क किया। उस समय उत्कर्ष के पास समय की भारी कमी थी। वह हाल ही में पिता बने थे और घर में एक नवजात शिशु की जिम्मेदारी थी, साथ ही उनकी पीएचडी और कंपनी का काम भी था।
इतने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद, अपनी “बौद्धिक जिज्ञासा” (Intellectual Curiosity) के चलते उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार किया। उनके पास बिजनेस स्ट्रैटेजी, फाइनेंशियल मॉडलिंग और टेक्नोलॉजी की गहरी समझ थी, जिसने इस नए काम को उनके लिए आसान बना दिया। उत्कर्ष मानते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट में बिताए गए उनके सालों ने उन्हें इस भूमिका के लिए तैयार किया था।
सिर्फ रात में काम: टाइम मैनेजमेंट की अनोखी मिसाल
उत्कर्ष की दिनचर्या बेहद व्यस्त है, इसलिए उन्होंने एआई ट्रेनिंग के काम के लिए रात का समय चुना। जब दुनिया सो रही होती है, तब वह अपनी स्किल्स को कैश कर रहे होते हैं। वह औसतन हर रात 3.5 घंटे एआई मॉडल को कोड लिखने और जटिल समस्याओं को सुलझाने में मदद करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि उत्कर्ष के लिए पैसा कभी भी प्राथमिक प्रेरणा नहीं रहा। वह कहते हैं, “मुझे यह काम इसलिए पसंद आया क्योंकि यह मुझे भविष्य की तकनीक के साथ जुड़ने का मौका देता है।” उनका मानना है कि एआई इंसानों को रिप्लेस करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें अपग्रेड करने के लिए है।
युवाओं के लिए क्या है सबक?
Utkarsh Amitabh AI Success की यह स्टोरी आज के युवाओं और फ्रीलांसर्स के लिए एक बड़ा सबक है।
स्किल अपग्रेडेशन: केवल डिग्री काफी नहीं है, आपको नई तकनीकों (जैसे AI) को सीखना होगा।
समय का सदुपयोग: अगर आपके पास फुल-टाइम जॉब है, तो भी आप अपने खाली समय में हाई-पेइंग स्किल के जरिए एक्स्ट्रा इनकम कर सकते हैं।
डर नहीं, अवसर: एआई से डरने के बजाय, यह सोचें कि आप इसका उपयोग करके अपनी प्रोडक्टिविटी और कमाई कैसे बढ़ा सकते हैं।
उत्कर्ष का यह सफर साबित करता है कि सही मानसिकता और तकनीकी ज्ञान के साथ, एक व्यक्ति अपनी शर्तों पर काम करते हुए भी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकता है।
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