सुलग उठा VIT यूनिवर्सिटी का कैंपस: खराब खाने और बीमारी से आक्रोशित छात्रों ने फिर की आगजनी, पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला मोर्चा

Shubham Solar Solution

सीहोर/भोपाल: मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रतिष्ठित वीआईटी (वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) यूनिवर्सिटी का कैंपस बुधवार को छावनी में तब्दील हो गया। छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स को भी कैंपस में तैनात कर दिया गया है।

दूसरे दिन भी नहीं थमा गुस्सा, फिर हुई आगजनी मंगलवार रात को हुए भारी उपद्रव और आगजनी के बाद उम्मीद थी कि बुधवार सुबह तक मामला शांत हो जाएगा, लेकिन छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बुधवार सुबह एक बार फिर यूनिवर्सिटी बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। आक्रोशित छात्र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। 4000 से अधिक छात्र खराब खाना, दूषित पानी और कैंपस के तानाशाही रवैये के खिलाफ एकजुट हो गए हैं।

पीलिया का प्रकोप और छात्रों की जान पर बन आई प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि वीआईटी प्रबंधन द्वारा मेस में परोसे जा रहे भोजन और पानी की गुणवत्ता बेहद घटिया है। इसके सेवन से बड़ी संख्या में छात्र बीमार पड़ रहे हैं। छात्रों का दावा है कि कई साथियों को पीलिया (Jaundice) हो गया है और करीब 100 छात्र अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। दुखद यह है कि कुछ छात्रों की मौत की खबरें भी छात्रों के बीच चर्चा में हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है।

मेडिकल टीम ने डाला डेरा, लिए जा रहे ब्लड सैंपल मामले की गंभीरता और प्रभारी मंत्री के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को कैंपस में डेरा डाल दिया। स्वास्थ्य अमले ने बीमार छात्रों की जांच शुरू कर दी है और बड़े पैमाने पर छात्रों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि बीमारी के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

गार्ड की बदसलूकी बनी चिंगारी छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने खराब खाने की शिकायत की और विरोध दर्ज कराना चाहा, तो यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्डों ने उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट का वीडियो भी छात्रों के पास मौजूद है। इसी घटना के बाद मंगलवार रात को हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें छात्रों ने कैंपस में खड़ी बसों और कारों को आग के हवाले कर दिया था। हालात इतने बिगड़े कि 5 थानों की पुलिस को बुलाना पड़ा।

प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज

  • प्रभारी मंत्री का एक्शन: जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने मामले पर त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने कलेक्टर बालागुरु के. और एसपी दीपक कुमार शुक्ला से पूरी रिपोर्ट तलब की है। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है।

  • छुट्टी घोषित: भारी तनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। इसके बाद से डरे-सहमे और नाराज छात्र अपना सामान लेकर घर लौटने लगे हैं।

  • प्रोफेसर की मौत पर सफाई: इस बीच, वीआईटी के डीन सुरेश एम ने स्पष्ट किया है कि प्रोफेसर संग्राम केसरी दास (43) की मौत का मौजूदा प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। उनकी मौत सीहोर स्थित उनके किराए के मकान में हुई थी।

अभाविप (ABVP) की एंट्री और मांगें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और निजी विश्वविद्यालय आयोग को ज्ञापन सौंपा है। अभाविप ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

  1. भोजन और पेयजल व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच हो।

  2. प्रशासनिक लापरवाही पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।

  3. आर्थिक दंड लगाकर पुनः समीक्षा की जाए।

फिलहाल, कैंपस में तनावपूर्ण शांति है और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है।

 

हो सकता है आप चूक गए हों