नीमच | 27 मार्च 2026 नीमच जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देशों के बाद, कलेक्टर न्यायालय ने अवैध रेत परिवहन के दो गंभीर मामलों में कुल 59,375 रुपये की शास्ति (Penalty) अधिरोपित की है। इस भारी-भरकम खनन जुर्माना (Mining Fine) के बाद से ही जिले के रेत माफियाओं में खौफ का माहौल है।
प्रशासन की यह कार्रवाई ‘म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022’ के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व की चोरी रोकना और पर्यावरण का संरक्षण करना है।
पहला मामला: ग्वालटोली के वाहन मालिक पर ₹30,625 का दंड
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालटोली (नीमच) निवासी महेश, पिता किशनलाल अहीर को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। कलेक्टर श्री चंद्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खनिज रायल्टी का 15 गुना अर्थशास्ति (₹5,625) और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में ₹25,000 का जुर्माना लगाया।
इस प्रकार, इस प्रकरण में कुल 30,625 रुपये का खनन जुर्माना (Mining Fine) वसूलने के आदेश दिए गए हैं।
दूसरा मामला: सीतामउ के परिवहनकर्ता पर ₹28,750 की पेनल्टी
इसी क्रम में, सीतामउ (मंदसौर) के गोपाल, पिता प्रभुलाल प्रजापत के विरुद्ध भी अवैध रेत परिवहन का मामला दर्ज किया गया था। इस केस में खनिज रायल्टी का 15 गुना (₹3,750) और ₹25,000 पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि तय की गई। कलेक्टर न्यायालय ने इस वाहन मालिक पर कुल 28,750 रुपये का खनन जुर्माना (Mining Fine) लगाया है।
प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि नीमच जिले में अवैध उत्खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनिज विभाग द्वारा इन वाहनों को अवैध परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था, जिसके बाद प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। भारी जुर्माने की यह राशि माफियाओं के लिए एक चेतावनी है कि वे नियमों का उल्लंघन न करें।
यह कार्रवाई न केवल राजस्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि नदियों के स्वरूप को बचाने के लिए भी अनिवार्य थी। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या परिवहन की सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
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