नीमच (मध्य प्रदेश): शहर के चर्चित मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) में नीमच सिटी पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर न केवल आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि लूट की शत-प्रतिशत राशि, यानी 3 लाख 18 हजार रुपये भी बरामद करने में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है।
विश्वासघात और खूनी वारदात की पूरी कहानी
इस पूरे मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) की पटकथा विश्वासघात की बुनियाद पर लिखी गई थी। घटना 25 मार्च 2026 की है। नीमच के कान्वेंट स्कूल क्षेत्र में रहने वाले प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी महेश चन्द्र सिंहल की दुकान पर अकरम पिता अब्दुल अकीम तेली पिछले कई वर्षों से वफादारी से काम कर रहा था। अकरम का मुख्य काम अन्य कपड़ा व्यापारियों से उधारी के रुपयों का कलेक्शन करना था।
वारदात वाले दिन, अकरम अपने पुराने साथी राधेश्याम उर्फ श्यामु भील (22 वर्ष), निवासी डूंगरपुर के साथ सरवानिया से नीमच की ओर लौट रहा था। राधेश्याम भी पहले उसी कपड़ा व्यापारी की दुकान पर काम कर चुका था, इसलिए अकरम को उस पर रत्ती भर भी संदेह नहीं था।
लेकिन राधेश्याम के मन में रुपयों के भारी बैग को देखकर लालच आ चुका था। जैसे ही दोनों मालखेड़ा रोड पर भैरू घाटी के पास पहुँचे, राधेश्याम ने पेशाब करने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल रुकवाई। सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए उसने अकरम पर चाकू और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अकरम को लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी रुपयों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो गया। इस मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
पुलिस की रणनीतिक घेराबंदी और तकनीकी जांच
वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश जारी किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष इन्वेस्टिगेशन टीम तैयार की गई।
थाना प्रभारी नीमच सिटी, निरीक्षक पुष्पा सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) को सुलझाने के लिए सायबर सेल प्रभारी प्रदीप शिन्दे की टीम को भी साथ लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
तकनीकी साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी जिले से बाहर भागने की योजना बना रहा है। पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी की और आरोपी के छिपने के ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया।
आरोपी की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी
27 मार्च 2026 को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) का मुख्य आरोपी राधेश्याम भील अपने गांव डूंगरपुर के आसपास देखा गया है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। जब पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने लूट की कुल राशि 03 लाख 18 हजार रुपये बरामद कर ली। इसके साथ ही, वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर वाली काले रंग की हीरो होंडा मोटरसाइकिल (कीमत लगभग 40,000 रुपये) भी जप्त की गई।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) के तहत वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई है। इस मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) का इतनी जल्दी खुलासा होना पुलिस की कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
व्यापारियों के लिए सुरक्षा अलर्ट और पुलिस की सलाह
इस मालखेड़ा लूट केस (Malkheda Loot Case) के बाद, पुलिस अधीक्षक ने जिले के समस्त व्यापारियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले पुराने या नए कर्मचारियों का ‘पुलिस वेरिफिकेशन’ (Police Verification) अनिवार्य रूप से करवाएं। इस मामले में भी आरोपी एक पूर्व कर्मचारी था, जिसने अकरम के मूवमेंट और रुपयों के लेनदेन की जानकारी का गलत फायदा उठाया।
व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे बड़ी राशि का स्थानांतरण करते समय पूरी सावधानी बरतें और यदि संभव हो तो पुलिस को सूचित करें। नीमच पुलिस की यह सफलता टीम वर्क का परिणाम है, जिसमें निरीक्षक पुष्पा सिंह चौहान, प्रभारी सायबर सेल प्रदीप शिन्दे और नीमच सिटी पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही।
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। Malkheda Loot Case का यह परिणाम अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि वे कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकते।
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