नीमच। जिले में सामाजिक कुरीति दहेज के खिलाफ प्रशासन ने अब ठोस और प्रभावी कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री प्रवीण कुमार पूनिया को दहेज प्रतिषेध अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। प्रशासन का यह निर्णय न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि जिले में दहेज के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान को भी गति देगा।
प्रशासन का सख्त संदेश: दहेज अब बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने इस निर्णय के साथ साफ संकेत दिया है कि जिले में दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि दहेज प्रतिषेध अधिकारी से संबंधित जानकारी का अधिकतम प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन तक यह जानकारी आसानी से पहुंच सके।
प्रशासन का मानना है कि जब तक लोगों को दहेज कानून और उससे जुड़े अधिकारों की जानकारी नहीं होगी, तब तक इस समस्या का जड़ से समाधान संभव नहीं है।
नोटिस बोर्ड से लेकर ग्राम चौपाल तक जानकारी
अब जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थानों के नोटिस बोर्डों पर दहेज प्रतिषेध अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ब्लॉक स्तर की बैठकों, ग्राम चौपालों और जनसंवाद कार्यक्रमों में भी दहेज के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर ही नहीं, बल्कि गांवों में भी लोग दहेज के खिलाफ जागरूक हों और जरूरत पड़ने पर तुरंत शिकायत कर सकें।
कानूनी सहायता और त्वरित कार्रवाई
श्री प्रवीण कुमार पूनिया, जो पहले से ही जिला विधिक सहायता अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, अब दहेज मामलों में सीधे हस्तक्षेप कर सकेंगे। उनका मोबाइल नंबर (9560024354) सार्वजनिक किया गया है, जिससे पीड़ित व्यक्ति या उनके परिजन आसानी से संपर्क कर सकेंगे।
इससे यह उम्मीद की जा रही है कि दहेज से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गति तेज होगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा। एक ही अधिकारी के पास दोनों जिम्मेदारियां होने से केस की प्रक्रिया में देरी की संभावना भी कम हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पहल
यह कदम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है। कोर्ट ने सभी राज्यों और जिलों को निर्देश दिए थे कि दहेज प्रतिषेध कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति कर उनकी जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए।
नीमच प्रशासन ने इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए दहेज के खिलाफ मजबूत व्यवस्था तैयार की है।
समाज की भागीदारी बेहद जरूरी
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दहेज जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने में सहयोग करें। यदि कहीं भी दहेज की मांग, उत्पीड़न या अन्य संबंधित घटना सामने आती है, तो तुरंत दहेज प्रतिषेध अधिकारी से संपर्क करें।
सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी भी दहेज को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
क्यों गंभीर है दहेज की समस्या?
आज के समय में भी दहेज कई परिवारों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। यह न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाता है, बल्कि महिलाओं के साथ होने वाली मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का भी बड़ा कारण बनता है। कई मामलों में यह घरेलू हिंसा और गंभीर अपराधों में बदल जाता है।
ऐसे में प्रशासन की यह पहल दहेज के खिलाफ एक सकारात्मक और जरूरी कदम मानी जा रही है।
भविष्य की दिशा
प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में दहेज के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को इस कुरीति के खिलाफ तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
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