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Gold Silver Rate: हाई से 1.51 लाख सस्ती हुई चांदी, जानें जंग के बीच सोने का ताजा भाव

Gold Silver Rate

नीमच न्यूज़ : दुनियाभर की नजरें इस वक्त मिडिल ईस्ट में मचे घमासान पर टिकी हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। अमूमन जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की कीमतों में आग लग जाती है।

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लेकिन इस बार सर्राफा बाजार की चाल हर किसी को हैरान कर रही है। ग्लोबल टेंशन के इस माहौल के बीच सोने चांदी का भाव (Gold Silver Rate) में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। महंगाई और युद्ध की आहट के बीच अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी साबित हो सकती है।

वर्तमान आंकड़ों पर नजर डालें तो, अपने लाइफटाइम हाई से दोनों कीमती धातुएं इस वक्त काफी सस्ते दाम पर उपलब्ध हैं। खासकर चांदी की कीमतों में तो इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आइए एक प्रोफेशनल रिपोर्टर की नजर से समझते हैं कि आखिर इस युद्ध के माहौल में चांदी का भाव (Gold Silver Rate) का पूरा गणित क्या कह रहा है और आपको निवेश करना चाहिए या नहीं।

युद्ध शुरू होने के बाद कितना बदला बाजार का मिजाज?

बीती 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए, तो शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक में खलबली मच गई। जानकारों को लग रहा था कि अब सोने-चांदी के भाव आसमान छू लेंगे, लेकिन हुआ इसके ठीक उलट।

पिछले एक हफ्ते के चांदी का भाव (Gold Silver Rate) के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो तस्वीर साफ हो जाती है। जंग की शुरुआत से ठीक पहले यानी 27 फरवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 2,82,644 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था।

लेकिन युद्ध की खबरों के बीच पिछले शुक्रवार को यह लुढ़ककर 2,68,569 रुपये प्रति किलो पर आ गया। अगर हम इस हफ्ते भर के अंतर को देखें, तो महज सात दिनों में 1 किलो चांदी की कीमत में 14,075 रुपये की भारी गिरावट आ चुकी है।

रिकॉर्ड हाई से 1.51 लाख रुपये औंधे मुंह गिरी चांदी

चांदी की मौजूदा कीमतों की तुलना अगर हम इसके लाइफटाइम हाई से करें, तो यह आंकड़ा किसी को भी चौंका सकता है। बीते एक हफ्ते में आई इस नरमी के बाद चांदी अपने ऑल-टाइम हाई से अभी भी डेढ़ लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती बिक रही है।

आपको याद दिला दें कि इसी साल 29 जनवरी को सिल्वर प्राइस ने रॉकेट जैसी रफ्तार पकड़ते हुए इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये का जादुई आंकड़ा पार किया था। उस दिन चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का अपना लाइफटाइम हाई लेवल छुआ था।

लेकिन वह तेजी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। वहां से चांदी का वायदा भाव ऐसा क्रैश हुआ कि यह गिरकर 2.25 लाख रुपये के करीब तक जा पहुंचा। हालांकि, अगर हम आज के वर्तमान भाव की तुलना उस रिकॉर्ड हाई से करें, तो आज भी ग्राहकों को चांदी 1,51,479 रुपये सस्ती मिल रही है।

जो लोग त्योहारी या शादी के सीजन के लिए खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए यह चांदी का भाव (Gold Silver Rate) एक सुनहरा मौका लेकर आया है।

चांदी ही नहीं, सोने की चमक भी पड़ी फीकी

गिरावट का यह सिलसिला सिर्फ चांदी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पीली धातु (सोना) भी दबाव में नजर आ रही है। हफ्ते भर के कारोबार में सोने की कीमतों में भी नरमी का रुख रहा। इससे पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी 27 फरवरी को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला MCX गोल्ड रेट 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।

वहीं बीते शुक्रवार को बाजार बंद होते समय मामूली बढ़त के बावजूद यह 1,61,675 रुपये पर क्लोज हुआ। इस पूरे हफ्ते के उतार-चढ़ाव को देखें, तो सोने के भाव में 429 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है।

अपने शिखर से सोना भी हुआ इतना सस्ता

अगर हम सोने के ऑल-टाइम हाई लेवल से आज के भाव की तुलना करें, तो यह कीमती धातु भी इस वक्त काफी आकर्षक कीमत पर उपलब्ध है। चांदी की ही तर्ज पर सोने ने भी बीते 29 जनवरी को अपना अब तक का सबसे उच्चतम स्तर 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम छू लिया था।

उस ऐतिहासिक लेवल को छूने के बाद गोल्ड मार्केट में जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली और भाव लगातार गिरते चले गए। मौजूदा स्थिति की बात करें, तो 24 कैरेट सोने का भाव (10 ग्राम) एमसीएक्स पर अपने रिकॉर्ड हाई से 31,421 रुपये नीचे चल रहा है। लगातार बदलते चांदी का भाव (Gold Silver Rate) पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

ग्लोबल टेंशन के बीच क्यों गिर रहे हैं दाम?

मिडिल ईस्ट में ईरान युद्ध से बढ़ी ग्लोबल टेंशन के बीच अमूमन सुरक्षित निवेश का ठिकाना माने जाने वाले सोने-चांदी की कीमतों में आई इस रहस्यमयी गिरावट के पीछे मार्केट एक्सपर्ट्स के अपने तर्क हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध छिड़ने से काफी पहले ही चांदी का भाव (Gold Silver Rate) में भारी उछाल आ चुका था और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अपने चरम पर पहुंच गई थीं।

ऐसे में जब जंग शुरू हुई, तो बड़े निवेशकों ने डर के माहौल में मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अनिश्चितता के इस दौर में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं की बजाय ‘कैश’ (नकद) रखने को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। यही वजह है कि डिमांड घटने और बिकवाली बढ़ने से कीमतों में यह गिरावट दर्ज की जा रही है।

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट, सोना-चांदी या गोल्ड ईटीएफ में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का निवेश करने या खरीदारी से पहले अपने सर्टिफाइड मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)


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