मनासा न्यूज (Manasa News)। गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) मध्य प्रदेश के नीमच जिले का मनासा क्षेत्र इन दिनों महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन और शानदार मिसाल पेश कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में और जिला प्रशासन के विशेष ‘संकल्प से समाधान‘ अभियान के तहत एक ऐसी पहल की गई है, जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना है। इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा छात्राओं और महिलाओं को गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) जारी किए जा रहे हैं, जो उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के कुशल मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग और परिवहन विभाग ने एक संयुक्त और ठोस रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत न केवल महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में विशेष सहूलियत दी जा रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें निःशुल्क हेलमेट भी प्रदान किए जा रहे हैं।
60 महिलाओं ने कराया निःशुल्क पंजीयन

प्रशासन के इस ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत मनासा ब्लॉक में महिलाओं और छात्राओं का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अक्सर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में महिलाओं को आरटीओ (RTO) दफ्तरों के चक्कर काटने में झिझक होती है या उनके पास सही जानकारी का अभाव होता है।
इस समस्या को दूर करते हुए प्रशासन ने खुद महिलाओं के बीच पहुंचकर अब तक 60 महिलाओं और युवतियों का निःशुल्क पंजीयन पूरा कर लिया है, ताकि वे आसानी से अपना गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) प्राप्त कर सकें।
सोमवार को शासकीय रामचंद्र विश्वनाथ महाविद्यालय (मनासा) में एक विशेष और भव्य शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू और जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों द्वारा पंजीकृत महिलाओं को गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) की प्रति और सुरक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले हेलमेट वितरित किए गए। प्रशासन से यह विशेष सौगात पाकर कॉलेज की छात्राओं और स्थानीय महिलाओं के चेहरों पर एक अलग ही खुशी, चमक और निडरता साफ झलक रही थी।
‘सुरक्षा और सुविधा दोनों का रखा गया पूरा ध्यान’
इस लाभकारी योजना से सीधे तौर पर लाभान्वित होने वाली छात्रा शिवानी ने कार्यक्रम के दौरान मंच से अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। शिवानी ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा, “जिला प्रशासन ने न केवल हमें लाइसेंस बनवाने की आसान सुविधा दी है, बल्कि हेलमेट देकर हमारी जिंदगी की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है।
यह हम बेटियों के लिए एक बहुत बड़ा कदम है। अपना खुद का गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) हाथ में होने से हम बिना किसी डर के और पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से अपने दोपहिया वाहन चला सकेंगी।”
विधायक मारू ने दिया सड़क सुरक्षा का कड़ा संदेश
विशेष शिविर को संबोधित करते हुए मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू ने सभी बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) प्राप्त करने वाली सभी युवतियों से विशेष अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करें। विधायक मारू ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया,
“आज के इस आधुनिक और प्रतिस्पर्धी दौर में हमारी बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। चाहे वह शिक्षा का मैदान हो, खेल जगत हो या फिर अपना खुद का व्यवसाय चलाना, बेटियां कहीं भी किसी से पीछे नहीं हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी और राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हेलमेट कोई बोझ नहीं है, बल्कि यह हादसों के वक्त जिंदगी बचाने वाला सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण रक्षा कवच है। इसे अपनी रोजाना की आदत में शुमार करना चाहिए।
इन प्रमुख अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
शासकीय रामचंद्र विश्वनाथ महाविद्यालय में आयोजित इस सफल कार्यक्रम को संपन्न कराने में कई विभागीय अधिकारियों ने अपना सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक वैभव बैरागी, श्री अश्विन सोनी, श्री आनंद श्रीवास्तव, सुश्री टीना परमेश्वर दडींग, और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.एल. धाकड़ विशेष रूप से मंचासीन थे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में विभागीय पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्कूल-कॉलेज की बालिकाएं और स्थानीय महिलाएं भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनीं।
प्रशासन की इस पहल का दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव
नीमच जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया यह गुलाबी ड्राइविंग लाइसेंस (Pink Driving License) अभियान केवल एक सरकारी कागजी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज की पुरानी सोच में एक बड़ा बदलाव लाने का एक ईमानदार प्रयास है।
जब एक महिला आत्मनिर्भर होकर, नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से सड़कों पर अपना वाहन चलाती है, तो वह पूरे समाज के लिए एक बेहद मजबूत और प्रेरक संदेश छोड़ती है।
आने वाले दिनों में इस सफल अभियान को जिले के अन्य हिस्सों और तहसीलों में भी व्यापक रूप से चलाए जाने की प्रबल उम्मीद है, ताकि नीमच जिले की ज्यादा से ज्यादा महिलाओं और बेटियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
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