नीमच (Neemuch News)। मध्यप्रदेश के नीमच जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जवाहर नगर में दिनदहाड़े हुई Neemuch Chain Snatching की वारदात का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने राजस्थान के कोटा से ताल्लुक रखने वाले दो शातिर अंतरराज्यीय लुटेरों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने न केवल नीमच बल्कि राजस्थान के कई जिलों में भी आतंक मचा रखा था।
क्या थी पूरी घटना?
Neemuch Chain Snatching की घटना 17 फरवरी 2026 की है। नीमच के जवाहर नगर की रहने वाली एक महिला अपने परिवार के शादी समारोह से वापस लौट रही थी। दोपहर करीब 3:00 बजे, जब वह निरोगधाम के पास पहुंची, तभी मोटरसाइकिल सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनका रास्ता रोका। पीछे बैठे बदमाश ने महिला के साथ झूमाझटकी की और उनके गले से 2 तोले की सोने की चेन छीनकर रफूचक्कर हो गए। इस Neemuch Chain Snatching की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
पुलिस की मुस्तैदी और डिजिटल जाल
Neemuch Chain Snatching की घटना की गंभीरता को देखते हुए नीमच एसपी श्री अंकित जायसवाल ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने नीमच केंट थाना प्रभारी और सायबर सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया। इस हाई-प्रोफाइल Neemuch Chain Snatching मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर शहर के निकास द्वारों तक लगभग 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को आरोपियों के स्पष्ट फुटेज मिले। इन फुटेज को मंदसौर, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा और झालावाड़ जैसे पड़ोसी जिलों में भेजकर पहचान की कोशिश की गई। आखिरकार, तकनीकी जांच में सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (RJ-20-BB-6072) कोटा के पुष्पेंद्र शर्मा की है।
जंगलों में पुलिस और लुटेरों के बीच लुका-छिपी
पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये आरोपी 07 मार्च 2026 को फिर से Neemuch Chain Snatching की एक और वारदात को अंजाम देने नीमच आए थे। लेकिन पुलिस की घेराबंदी देखकर वे घबरा गए और रामपुरा के पास जंगलों में अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर भाग निकले।
8 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गांधीसागर क्षेत्र में छिपे हैं। नीमच केंट, सायबर सेल और रामपुरा पुलिस ने संयुक्त रूप से बैंसला के घने जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। इस दौरान आरोपी पुष्पेंद्र शर्मा को दबोच लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी दीपक मीणा अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। हालांकि, पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी पीछा करते हुए दीपक को भी कोटा से गिरफ्तार कर लिया।
शातिर अपराधी और नशे की लत
गिरफ्तार किए गए आरोपियों का प्रोफाइल किसी पेशेवर अपराधी से कम नहीं है। मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र शर्मा पर कोटा और भीलवाड़ा में चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और जेल अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में 15 से अधिक केस दर्ज हैं। वहीं, दीपक मीणा पर कोटा और टोंक में हत्या के प्रयास और आबकारी अधिनियम के 4 मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी नशे के आदी हैं और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए Neemuch Chain Snatching जैसी वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस टीम की सराहना
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में नीमच केंट निरीक्षक निलेश अवस्थी, सायबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे, रामपुरा थाना प्रभारी विपीन मसिह और उनकी पूरी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई सोने की चेन और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ धारा 309 (6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नीमच पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सीधा संदेश है कि हाई-टेक निगरानी और मुस्तैदी के आगे अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह बच नहीं सकता।
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