नीमच अस्पताल में चमत्कार! 2 पॉइंट ब्लड वाली महिला का सफल ऑपरेशन कर लौटाई जान
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
14 मार्च 2026, (अपडेटेड 14 मार्च 2026, 8:43 अपराह्न IST)

नीमच (Neemuch News): कहते हैं कि धरती पर डॉक्टर भगवान का ही दूसरा रूप होते हैं, और इस बात को मध्य प्रदेश के नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) के चिकित्सकों ने एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी, जिसमें मरीज के बचने की उम्मीद ना के बराबर थी, वहां डॉक्टरों की सूझबूझ और त्वरित निर्णय ने एक महिला को मौत के जबड़े से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह पूरा मामला ‘रप्चरड इक्टोपिक प्रेगनेंसी’ (Ruptured Ectopic Pregnancy) का है, जो किसी भी गर्भवती महिला के लिए सबसे खतरनाक और जानलेवा स्थितियों में से एक मानी जाती है।

क्या था पूरा घटनाक्रम?

मूल रूप से मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले की रहने वाली गेंदाबाई अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए राजस्थान के कनेरा में मजदूरी करने गई हुई थीं। रोजमर्रा की तरह काम चल रहा था, तभी अचानक गेंदाबाई के पेट में असहनीय दर्द उठने लगा।

दर्द इतना भयानक था कि उनकी हालत पल-पल बिगड़ने लगी और वह बेहोशी की हालत में जाने लगीं। घबराए हुए परिजन बिना कोई देरी किए उन्हें लेकर सीधे नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) पहुंचे। जब शुरुआती जांच की गई, तो जो सच सामने आया उसने डॉक्टरों के भी होश उड़ा दिए।

गर्भाशय के बाहर फटी नली और शरीर में बचा सिर्फ 2 पॉइंट ब्लड

3fcb65d4 7d3e 4264 95c3 5063d6eed89b 1773489069218

सोनोग्राफी और अन्य क्रिटिकल मेडिकल जांचों में पता चला कि गेंदाबाई ‘रप्चरड इक्टोपिक प्रेगनेंसी’ का शिकार हो गई हैं। आसान भाषा में समझें तो भ्रूण गर्भाशय (Uterus) में विकसित होने के बजाय फैलोपियन ट्यूब (नली) में ही ठहर गया था। जैसे-जैसे भ्रूण का आकार बढ़ा, वैसे-वैसे नली पर दबाव पड़ा और वह नली पेट के अंदर ही फट गई। नली फटने की वजह से महिला के पूरे पेट में भारी मात्रा में खून फैल गया था।

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) के कारण गेंदाबाई का ब्लड लेवल (हीमोग्लोबिन) गिरकर मात्र 2 पॉइंट (2 gm/dL) रह गया था। इसके साथ ही उनका ब्लड प्रेशर (BP) भी इतने खतरनाक स्तर तक नीचे जा चुका था कि नब्ज मिलना भी मुश्किल हो रहा था। शरीर सफेद पड़ चुका था और सांसें उखड़ने लगी थीं।

रास्ते में ही टूट सकती थी सांसों की डोर
e35763ab 89df 427a a7ae cba251ae6044 1773489069215

आमतौर पर इतने गंभीर और क्रिटिकल मामलों में, छोटे शहरों के अस्पतालों से मरीजों को तुरंत बड़े मेडिकल सेंटर्स या महानगरों के लिए रेफर कर दिया जाता है। लेकिन नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) की डॉ. लाड धाकड़ ने स्थिति की नजाकत को गहराई से समझा।

नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) की डॉ. धाकड़ ने बताया कि मरीज की हालत इतनी नाजुक थी कि अगर उन्हें किसी अन्य बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया जाता, तो रास्ते में ही एंबुलेंस में उनकी जान जा सकती थी। समय बहुत कम था और चुनौती पहाड़ जैसी बड़ी। ऐसे में मेडिकल टीम ने जोखिम उठाते हुए खुद ही इस जटिल ऑपरेशन को करने का साहसिक और ऐतिहासिक फैसला लिया।

2 घंटे तक चला नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) में मौत से संघर्ष

नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) के ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। करीब दो घंटे तक यह बेहद जटिल और तनावपूर्ण ऑपरेशन चला। इस दौरान गेंदाबाई के शरीर में खून की भारी कमी को पूरा करने के लिए उन्हें 4 बोतल खून और 6 बोतल प्लाज्मा चढ़ाया गया। एक-एक पल कीमती था, लेकिन डॉक्टरों की अटूट मेहनत और विशेषज्ञता आखिरकार रंग लाई। फटी हुई नली को सुरक्षित तरीके से हटाकर रक्तस्राव को रोका गया और मरीज की जान बचा ली गई।

इन ‘रियल लाइफ हीरोज’ ने निभाया अहम किरदार

इस मेडिकल चमत्कार को अंजाम देने में नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) के डॉक्टरों की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डॉ. लाड धाकड़ के कुशल नेतृत्व में डॉ. रुखसिन खान, डॉ. दिनेश, डॉ. कुणाल और पूरे नर्सिंग स्टाफ ने बेहतरीन टीम वर्क का प्रदर्शन किया। यह सफलता दिखाती है कि अगर सरकारी अस्पतालों में सही समय पर सही फैसले लिए जाएं, तो बड़े से बड़े खतरे को आसानी से टाला जा सकता है।

क्या होती है इक्टोपिक प्रेगनेंसी?

सामान्य गर्भावस्था में अंडा गर्भाशय में जाकर फर्टिलाइज होता है। लेकिन इक्टोपिक प्रेगनेंसी में यह प्रक्रिया गर्भाशय के बाहर, आमतौर पर फैलोपियन ट्यूब में होने लगती है। नली में भ्रूण के विकास के लिए जगह नहीं होती, इसलिए वह फट जाती है। इसके लक्षण पेट में तेज दर्द, चक्कर आना और अचानक ब्लीडिंग होना है। महिलाओं को शुरुआती दौर में ही अपनी सोनोग्राफी जरूर करानी चाहिए।

परिवार ने नम आंखों से कहा- “हमें नया जीवन मिल गया”

नीमच अस्पताल (Neemuch Hospital) में सफल ऑपरेशन के बाद गेंदाबाई को सघन निगरानी के लिए वेंटिलेटर और आईसीयू (ICU) में रखा गया था। अब उनकी हालत पूरी तरह से खतरे से बाहर है और वह तेजी से रिकवर कर रही हैं। गेंदाबाई और उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू हैं। उन्होंने अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्टाफ का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया है और इसे गेंदाबाई के लिए एक ‘नया जीवन’ मिलना बताया है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद, आज शाम उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।


यह भी पढ़ें: Jawad Police Controversy: क्या रंजिश में जारी हुआ 1 लाख का नोटिस? जावद पुलिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

रिद्धि राठौड़ का शानदार प्रदर्शन, 400 और 600 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण पदक

नीमच। शालेय संभाग स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्विमफ्लाय स्पोर्ट्स...

मनासा में घर में सो रहे 40 वर्षीय कालू को सांप ने काटा, समय पर अस्पताल पहुंचाया

मनासा। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शुक्रवार अलसुबह...

Related Articles

Popular Categories